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Friday, January 22, 2021

कोरोना : UP सतर्क, 22 मार्च तक सभी शिक्षण संस्थान बंद

—कोरोना वायरस को लेकर यूपी में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण
—जिन शिक्षण संस्थानों में परीक्षाएं चल रही हैं, वहां यथावत चलेंगी
—लोगों में भय पैदा न हो, अफवाह न फैलने पाए : योगी
—उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संबंधित 11 मरीज मिले

लखनऊ/टीम डिजिटल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इस वायरस को लेकर लोगों में भय पैदा न हो, अफवाह न फैलने पाए और संक्रमित व्यक्ति को बेहतर इलाज मिल सके इसके लिए एपिडेमिक एक्ट के कुछ कानून प्रदेश में लागू किए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थान 22 मार्च तक बंद रहेंगे। जिन शिक्षण संस्थानों में परीक्षाएं चल रही हैं, वहां यथावत चलेंगी। बेसिक शिक्षा के परिषद के विद्यालयों में परीक्षाएं 23 मार्च से कराई जाएंगी। 20 मार्च को फिर से पूरे प्रदेश की स्थिति का अवलोकन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

शुक्रवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस को लेकर पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से हमारी सरकार ने इस वायरस को प्रभावहीन करने के लिए डेढ़ माह पहले जो अलर्ट जारी किया था, आज उसकी व्यापक समीक्षा की गई। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संबंधित 11 मरीज मिले हैं। जिसमें 10 का उपचार दिल्ली के सफदरजंग और 1 का लखनऊ के केजीएमयू में चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पांच स्थानों पर इस वायरस के सैम्पल टेस्ट के लिए प्रयोगशाला तैयार की जा रही हैं। लखनऊ के केजीएमयू, पीजीआई और अलीगढ़ के आरएमएल में यह व्यवस्था पहले से है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और बीचएयू वाराणसी में टेस्ट की व्यवस्था शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जिनमें 820 बेड हैं। इसके अलावा प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में 448 बेड को आइसोलेशन वार्ड के तौर पर सुरक्षित रखा गया है। बैठक में डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य और सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन, सुरेश खन्ना, स्वाति सिंह, सतीश द्विवेदी, कपिल देव अग्रवाल एवं मुख्य सचिव आरके तिवारी समेत अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मौजूद रहे।

4100 चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संक्रामक बीमारी है। संक्रमण रोकने में सावधानी और सतर्कता की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस क्रम में अब तक 4100 चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्री और आशा वर्कर को भी इससे बचाव के बारे में प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है। लोगों को इस बाबत भी जागरुक किया जा रहा है कि वह एक जगह पर बड़े समूह में न एकत्र हों।

नेपाल सीमा पर थर्मल एनालाइजर स्थापित

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नेपाल से लगने वाली प्रदेश की सीमा पर थर्मल एनालाइजर स्थापित किए गए हैं। राउंड द क्लॉक यहां आने-जाने वाले व्यक्तियों पर डॉक्टर्स की टीम नजर रखे हुए है। एनसीआर के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सलाह दी जा रही है कि मास्क वही लोग लगाएं जिन्हें आवश्यकता हो। सभी जिलों में मास्क और ग्लब्स की पर्याप्त व्यवस्था है। इसकी कालाबाजारी न होने पाए इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर करें स्क्रीनिंग की व्यवस्था

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस को लेकर लोकभवन में समीक्षा बैठक भी की। जिसमें उन्होंने इससे बचाव के लिए पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रचार अभियान चलाने और एयरपोर्ट, रेलवे और बस स्टेशन पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस क्रम में नेपाल सीमा पर अब तक 12 लाख 28 हजार 303 और हवाई अड्डों पर 17,048 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में विदेशी पर्यटक काफी आते हैं, इसलिए वहां पर विशेष सतर्कता बरती जाए। आरोग्य मेला में शामिल होने वाली डॉक्टर्स की टीम को ट्रेनिंग दी जाए, जिससे जमीनी स्तर पर लोगों को इसके बचाव के विषय में जानकारी मिल सके।

 

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