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Tuesday, January 19, 2021

दिल्लीवासी घबराएं नहीं, नहीं है दिल्ली में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति

–दिल्ली में जल्दी ही स्थिति ठीक हो जाएगी : अमित शाह
–मनीष सिसोदिया के बयान और अनुमान को किया खारिज
-जुलाई अंत तक दिल्ली में नहीं होंगे कोरोना के 5.5 लाख मामले
–उनके पास व्यवस्था की कमी है, इससे स्थिति थोड़ी पैनिक हो गई
–मुझे भरोसा है कि अब यह स्थिति नहीं आएगी, उपायों पर जोर दिया

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली /टीम डिजिटल : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज की तारीख में दिल्ली में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति नहीं है। साथ ही चिंता करने की कोई बात नहीं है। दिल्ली में कोरोना से निपटने के लिए केंद्र, राज्य सरकार और एमसीडी तीनों मिलकर काम कर रही हैं, जल्दी ही स्थिति ठीक हो जाएगी। अमित शाह ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उस बयान और अनुमान को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था है 31 जुलाई तक दिल्ली में कोरोना के 5.5 लाख केस हो जाएगा। दरअसल उनके पास व्यवस्था की कमी है, इससे स्थिति थोड़ी पैनिक हो गई थी, लेकिन अब मुझे भरोसा है कि अब यह स्थिति नहीं आएगी, क्योंकि कोरोना होने से पहले हमने उसे रोकने के उपायों पर जोर दिया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे भरोसा है कि हम इस स्थिति में नहीं पहुंचेगे। हम इससे काफी बेहतर स्थिति में होंगे क्योंकि हमने निवारक उपायों पर फोकस किया है। अमित शाह ने माना कि आज की तारीख में दिल्ली में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति नहीं है। लिहाजा, चिंता करने की कोई बात नहीं है।
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली -एनसीआर में समन्वय के लिए मैंने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और एक साझा रणनीति बनाने के निर्देश दिए। एक समन्वित रणनीति से ही हम जल्द से जल्द दिल्ली-एनसीआर को कोरोना मुक्त कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल का निरीक्षण हमारे कोरोना योद्धाओं व जनता का विश्वास बढ़ाने और व्यवस्था में सुधार लाने के लिए किया था। जिसके बाद, हर अस्पताल के कोरोना वार्ड में सीसीटीवी, वैकल्पिक कैंटीन की व्यवस्था, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मनोसामाजिक परामर्श जैसे कई निर्णय लिए।

निजी अस्पतालों से इलाज के लिए लोग थे परेशान

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में निजी अस्पतालों में कोरोना उपचार के खर्च से लोग काफी परेशान थे। गृह मंत्रालय ने दिल्ली के निजी अस्पतालों के 60 प्रतिशत कोविद बेड आरक्षित किये और नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल के नेतृत्व में बनाई समिति के सुझावों पर अस्पतालों में कोरोना इलाज के खर्च को लगभग दो तिहाई कम किया। इसके बाद 14 जून को दिल्ली में कोरोना की पहली बैठक के बाद हमने दिल्ली में टेस्टिंग बढ़ाने का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप, जहां 25 मार्च से 14 जून तक दिल्ली में केवल 2,41,000 टेस्ट हुए। वहीं 15 जून से 25 जून तक 1,75,141 टेस्ट हुए हैं। हमने टेस्टिंग को लगभग 4.5 गुना बढ़ाया है। इसके अलावा दिल्ली को हमने तुरंत 10,000 पल्स ऑक्सीमीटर, 440 वेंटीलेटर, 500 ऑक्सीजन सिलिंडर दिए। दिल्ली में ऐम्ब्युलन्स बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही एम्स से टेलीफोन पर गाइडेन्स की व्यवस्था किया। इसके अलावा हर अस्पताल का सर्वे कर कमियाँ दूर करने के निर्देश दिए और सभी मृतकों का तुरंत अंतिम संस्कार करने को कहा।

दिल्ली की जनता में भय और अनिश्चयता
की स्थिति थी, तब हमने संभाला मोर्चा

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ समय पहले दिल्ली में कुछ ऐसी घटनाएं हुई जिससे जनता में भय और अनिश्चयता की स्थिति उत्पन्न हुई। इस कारणवश हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशानुसार दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और विशेषज्ञों के साथ बैठकें कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जिससे दिल्ली की स्थिति में सुधार और जनता में विश्वास आये। 50 फीसदी मौत अस्पताल में भर्ती होने के 1 से 3 दिन के अन्दर हुयीं

दिल्लीवासी को घबराने की कोई जरूरत नहीं

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में कोरोना मृत्युओं का विश्लेषण किया तो पाया कि लगभग 50 प्रतिशत मृत्यु अस्पताल में भर्ती होने के 1 से 3 दिन के अन्दर हुयीं। यानी होम आइसोलेशन में सही इलाज के आभाव में लोग स्थिति खराब करके अस्पताल पहुँचे। इसलिए हमने होम आइसोलेशन के लिए नये निर्णय लिए जिससे और जान बचाई जा सकें। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री के नाते पूरी दिल्ली की जनता को आश्वस्त करता हूँ कि अभी तक दिल्ली में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति नहीं आई है। जून माह के शुरूआती दिनों की तुलना में अब दिल्ली की स्थिति में सुधार हो रहा है, किसी भी दिल्लीवासी को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

अमित शाह ने की दिल्लीवालों से अपील…

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्लीवालों से अपील किया कि अगर किसी को भी कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो आप तुरंत नजदीकी टेस्टिंग सेंटर जाकर अपना टेस्ट करवाएं। टेस्ट पॉजिटिव आने पर इंस्टिट्यूशनल क्वेरंटाइन से घबराएँ नहीं, क्योंकि यह आपकी व आपके परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक है जिससे उनमे संक्रमण को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि ज्यादा गंभीर होने पर ऐसे लोग अपने परिवारजनों की सुरक्षा के लिए आइसोलेशन सेंटर में शिफ्ट हो जाएं। इस तरह से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

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