13.7 C
New Delhi
Wednesday, January 27, 2021

चुनाव आयोग का ऐलान, 29 नवम्बर से पहले होगा बिहार में चुनाव

–बिहार के साथ ही देशभर में खाली 65 सीटों पर उपचुनाव भी होगा
–बिहार चुनाव को लेकर उचित समय पर होगी तारीखों की घोषणा
–64 विधानसभा एवं 1 लोकसभा सीट पर होगा उपचुनाव
–केंद्रीय चुनाव आयोग की हाईलेबल बैठक में हर पहलुओं पर चर्चा

नई दिल्ली / टीम डिजिटल : केंद्रीय चुनाव आयोग ने विभिन्न राज्यों में लंबित 65 सीटों पर उपचुनाव कराने को लेकर आज हाईलेवल बैठक बुलाई। इसमें एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी होना है। बैठक के बाद आयोग ने संकेत दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही इन उपचुनावों की तारीख की घोषणा आयोग द्वारा उचित समय पर की जाएगी। बैठक में फैसला लिया गया कि 29 नवंबर, 2020 से पहले बिहार में विधान सभा चुनाव कराया जाना जरूरी है। लिहाजा, आयोग ने इसी समय विभिन्न राज्यों की रिक्त पड़ी 64 विधान सभा सीटों और एक संसदीय सीट पर भी उपचुनाव कराने का फैसला लिया है।

इसे भी पढें…ट्रेन के 10 हजार स्टापेज खत्म होंगे और 500 ट्रेन बंद होंगी

बता दें कि वर्तमान बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है। आयोग ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी सीएपीएफ तथा ऐसे ही अन्य सुरक्षाबलों को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह भेजने तथा इससे संबधित लॉजिस्टिक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
बैठक में आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिली रिपोर्ट और सुझावों की समीक्षा की। इसमें कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश और महामारी जैसी अन्य बाधाओं सहित कई कारणों को देखते हुए उपचुनावों को स्थगित करने की मांग की गई है। चुनाव आयोग ने हर बिन्दुओं पर चर्चा करने के बाद फैसला लिया कि बिहार विधानसभा चुनावों के साथ ही विभिन्न राज्यों में लंबित उपचुनाव कराया जाएगा। वर्तमान समय में देश में विधानसभा,संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की 65 सीटें रिक्त हैं, जिनमें से विभिन्न राज्यों की राज्य विधानसभाओं की 64 सीटें जबकि संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की एक सीट शामिल है।

इसे भी पढें…नये रेलवे बोर्ड का गठन, अब चेयनमैन होंगे सीईओ

सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने बिहार के राजनीतिक दलों से विधानसभा चुनाव कराने को लेकर राय मांगी थी। विपक्षी दल आरजेडी समेत एलजेपी ने भी चुनाव टालने की बात कही थी। आरजेडी ने कहा था कि राज्य में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और विशेषज्ञों ने शंका जताई है कि चुनाव के समय तक इसमें काफी बढ़ोत्तरी दर्ज होगी। दूसरी तरफ राज्य का एक हिस्सा बाढ़ में डूबा हुआ है। ऐसे में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव कराना सही नहीं होगा।

इसे भी पढें…तिहाड़ से लेकर पुलवामा जेल में बंद कैदियों की बदल रही है तस्वीर

इससे पहले 21 अगस्त को चुनाव आयोग ने कोरोना काल में देश में चुनाव कराने को लेकर गाइडलाइंस जारी की थी। इसमें कहा गया था कि उम्मीदवार को नामांकन पत्र, शपथ पत्र और नामांकन को लेकर सिक्युरिटी मनी ऑनलाइन ही जमा करना होगा। चुनाव कार्य को लेकर सभी व्यक्ति मास्क लगाएंगे। चुनाव से जुड़े हॉल, रूम या परिसर में प्रवेश के दौरान थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। वहां सेनिटाइजर, साबुन और पानी की व्यवस्था की जाएगी। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। घर-घर जाकर पांच लोगों को संपर्क की अनुमति दी जाएगी।

Related Articles

Stay Connected

21,422FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles