16 C
New Delhi
Wednesday, January 20, 2021

मोदी कुर्ता से लेकर गाय का गोबर तक आनलॉइन उपलब्ध कराएगा खादी

–खादी का ई-मार्केट पोर्टल वायरल हुआ, भारतीय ‘गो वोकल फॉर लोकल हुए
–महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रशाधन सहित 180 उत्पाद आनलाइन उपलब्ध
–केवीआईसी 2 अक्टूबर तक 1000 उत्पादों बेचेंगा आनलाइन

(भावना अरोडा)
नई दिल्ली /टीम डिजिटल : खादी और ग्रामोद्योग आयोग के ऑनलाइन विपणन खंड में प्रवेश ने बड़ी तेजी से अखिल भारतीय पहुंच स्थापित की है। इससे कारीगर केवीआईसी पोर्टल के माध्यम से देश के दूर से दूर स्थित भागों में अपने उत्पाद बेचने में समर्थ हो रहे हैं। यह ऑनलाइन बिक्री इस वर्ष 7 जुलाई को केवल खादी के फेस मास्क बनाने के साथ शुरू हुई थी लेकिन इसने इतनी जल्दी ही पूरी तरह विकसित ई-मार्केट मंच का रूप धारण कर लिया है आज इस पर 180 उत्पाद मौजूद हैं तथा और बहुत से उत्पाद इसमें शामिल होने की प्रक्रिया में हैं।

इसे भी पढें…किसान रेल से दक्षिण भारत की फल एवं सब्जियां आएगी दिल्ली

केवीआईसी की ऑनलाइन माल सूची में पुरुषों के लिए सिले-सिलाए मोदी कुर्ता और मोदी जैकेट और महिलाओं के लिए पलाजो और सीधे ट्राउजर्स शामिल हैं। अन्य अनेक उत्पाद जैसे खादी रुमाल, मसाले, हर्बल नीम, लकड़ी की कंघी, शैम्पू, सौंदर्य प्रसाधन, गाय का गोबर और गोमूत्र साबुन, योग पोशाक और अनेक प्रकार की रेडी-टू-ईट खाने की वस्तुओं को भी अभी तक इसमें शामिल किया गया है।
केवीआईसी के अनुसार उत्पादों की रेंज में हाथ से कते और हाथ से बुने महीन कपड़े जैसे मलमल, सिल्क, डेनिम और कॉटन, रितु बेरी के यूनिसेक्स विचार वस्त्र, खादी की सिग्नेचर कलाई घड़ी, अनेक प्रकार के शहद, हर्बल और ग्रीन टी, हर्बल दवाइयां और साबुन, पापड़, कच्ची घानी सरसों का तेल एवं अन्य पदार्थों के साथ विविध प्रकार के हर्बल सौंदर्य प्रसाधन भी शामिल हैं। केवीआईसी रोजाना अपनी ऑनलाइन माल सूची में कम-से-कम 10 नए उत्पाद जोड़ रहा है और इसने इस वर्ष 2 अक्टूबर तक कम-से-कम 1000 उत्पादों को जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। दो महीने से भी कम समय में केवीआईसी ने लगभग 4000 ग्राहकों को अपनी सेवा उपलब्ध कराई है।

इसे भी पढें…हुनर हाट में अब रहेगा स्वदेशी खिलौनों का जलवा, 9 अक्टूबर से शुरू

केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि खादी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री स्वदेशी मुहिम को गति प्रदान करने वाली है और इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाना है। खादी का ई-मार्केट पोर्टल हमारे कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अतिरिक्त मंच उपलब्ध करा रहा है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सक्सेना ने कहा कि सभी वर्गों के खरीददारों की पसंद और सामथ्य को ध्यान में रखते हुए उत्पादों की श्रेणी को जोडऩे का मूल्य 50 रुपये से 5 हजार रुपये तक है। खादी संस्थानों के उत्पाद इससे पूर्व उनके आउटलेट के माध्यम से बेचे जाते थे इसलिए उनकी दृश्यता केवल कुछ राज्यों तक ही सीमित रहती थी। हालांकि, केवीआईसी ई-पोर्टल के माध्यम से अब उत्पाद देश के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे खादी संस्थानों को व्यापक विपणन परिदृश्य प्राप्त हो रहा है इससे इनका उत्पादन बढ़ेगा और कारीगरों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

Related Articles

Stay Connected

21,383FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles