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Wednesday, January 27, 2021

दिल्ली-NCR क्षेत्र में विद्युत जेनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध

—दिल्ली के प्रदूषण निकाय ने विद्युत जेनरेटर के उपयोग पर रोक लगाई
—अगले आदेश तक दिल्ली में डीजल, पेट्रोल या केरोसिन से चलने वाले जेनरेटर प्रबंधित

नयी दिल्ली/ टीम डिजिटल । आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने आवश्यक या आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले जेनरेटर को छोड़कर बृहस्पतिवार से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में विद्युत जेनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत यह निर्देश जारी किया गया है। जीआरएपी प्रदूषण रोधी उपाय है जिसे स्थिति की गंभीरता के मुताबिक दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में लागू किया जाता है। इसे 2017 में पर्यावरण और वन मंत्रालय ने उच्चतम न्यायाालय की तरफ से अनिवार्य किए गए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण के मार्फत लागू करने के लिए अधिसूचित किया था। एक सरकारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) 15 अक्टूबर से अगले आदेश तक दिल्ली में डीजल, पेट्रोल या केरोसिन से चलने वाले सभी क्षमता के विद्युत जेनरेटर के उपयोग को प्रबंधित करती है। यह आदेश आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले जेनरेटर सेट पर लागू नहीं होगा।

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आवश्यक सेवाओं में स्वास्थ्य सुविधाएं, एलेवेटर, रेलवे सेवाएं, दिल्ली मेट्रो, हवाई अड्डे और अंतरराज्यीय बस र्टिमनल तथा नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर की तरफ से संचालित डाटा सेंटर शामिल हैं। डीपीसीसी ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूॢत सुनिश्चित की जाए। इसने आदेश जारी कर बृहस्पतिवार से जीआरएपी लागू करने के ईपीसीए के निर्देशों पर अमल करने के लिए कहा। ईपीसीए ने पहले निर्देश दिया था कि राजमार्ग और मेट्रो सहित बड़ी निर्माण कंपनियों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण समितियों को हलफनामा देना होगा कि धूल प्रबंधन के लिए वे तय नियमों का पालन करेंगे।

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ठंड के मौसम में वायु प्रदूषण रोकने के लिए काफी सतर्कता बरतने की जरूरत होती है और इस दौरान स्मॉग गन सहित धूल प्रबंधन की सभी तकनीकों का इस्तेमाल करने की जरूरत होती है। दिल्ली एनसीआर में पहली बार 2017 में लागू जीआरएपी उपायों के तहत बस और मेट्रो सेवाओं में बढ़ोतरी करना, पाॢकंग शुल्क को बढ़ाना और हवा की गुणवत्ता खराब होने पर डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल बंद करना शामिल है। स्थिति जब विकट हो जाती है तो जीआरएपी ईंट-भटठे, पत्थर तोडऩे वाली मशीनों और हॉट मिक्स संयंत्रों को बंद करने, पानी का छिड़काव करने, सड़कों को मशीनों से साफ करने और प्राकृतिक स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा करने की अनुशंसा करता है। आपातकालीन स्थिति में जिन उपायों का अनुसरण करना है उनमें दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश रोका, निर्माण गतिविधियां रोकना और सम-विषम कार योजना को लागू करना शामिल है।

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