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Friday, January 15, 2021

गुरूद्वारों में लंगर की सब्जी में घोटाला, फैसला सुरक्षित

–६ जून को आएगा फैसला, गरमाई सिख सियासत
–गुरमीत शंटी पर आरोप, २०१२ में लंगर की सब्जी में ४ करोड़ का घोटाला
–शंटी को बचा रही है गुरुद्वारा कमेटी : जीके

(नीता बुधौलिया)
NEW DELHI : धर्म, सिक्खी, पंथ, संगत एवं पंजाबी के प्रचार प्रसार के लिए बनी दिल्ली सिख गुरुदवारा प्रबंधक कमेटी इन दिनों घोटालों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप में उलझ कर रह गई है। सभी दल एवं नेता एक दूसरे को घोटालेबाज एवं चोर करार देने में पीछे नहीं हट रहे हैं। घोटालों और आरोपों की सुर्खियों के चलते सिख संगत अपने को ठगा सा महसूस करने लगा है। दिल्ली कमेटी के कई घोटालों को उजागर करने वाले पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी खुद सब्जी घोटाले में घिर गए हैं। फर्जी बिलों के आधार पर २०१२ में किए गए कथित ४ करोड़ के सब्जी घोटाला मामले में अब ६ जून को एफआईआर दर्ज होने पर अदालत फैसला देगी। शनिवार को दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली कमेटी सदस्य व शिकायतकर्ता हरजीत सिंह जीके के वकील संजय गुप्ता की दलीलों को सुनने के बाद शंटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान आज संसद मार्ग थाने के एसएचओ की तरफ से जवाब भी दाखिल किया गया।


दरअसल कमेटी के पूर्व संयुक्त सचिव करतार सिंह कोछड़ ने शंटी पर फर्जी बिलों के सहारे सब्जी खरीद कर गोलक को लगभग ४ करोड़ का चूना लगाने की शिकायत जनवरी २०१३ में संसद मार्ग थाने में दी थी। पुलिस द्वारा कार्यवाही न करने के कारण कोछड़ ने पटियाला हाउस कोर्ट में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए केस डाला था। लेकिन, पैरवी ठीक न होने के कारण केस बंद हो गया था। अब इसी घोटाले को लेकर हरजीत सिंह जीके अदालत पहुंचे हुए हैं। जीके की शिकायत पर नार्थ एवेन्यू थाने द्वारा एफआईआर दर्ज न करने के कारण मामला पटियाला हाउस कोर्ट में चला गया है।


थाना नार्थ एवेन्यु की तरफ अदालत में दाखिल किए गए जवाब में यह माना गया हैं कि सब्जी खरीद में घपला हुआ हैं। जबकि दिल्ली कमेटी की तरफ से जांच अधिकारी को दिए गए लिखित जवाब में दावा किया गया हैं कि सब्जी की खरीद कमेटी ने अपनी तय प्रक्रिया के हिसाब से की हैं। इस पर शंटी के दस्तखत हैं।


संसद मार्ग थाने द्वारा कोछड़ की शिकायत पर कोर्ट को दिए गए स्पष्टीकरण में रोचक जानकारी सामने आई हैं। एसएचओ ने बताया हैं कि पुलिस के नई दिल्ली जिले के एसीपी के निर्देश पर २०१३ की सभी शिकायतों के कागजातों को दिल्ली खादी एंड विलेज इंडस्ट्री बोर्ड को हाथ से बनने वाले लिफाफे, फाईल कवर आदि के लिए कागजों को रिसाईकल करने के लिए २१ फरवरी २०१८ को सौंप दिया हैं। जांच अधिकारी ने २०१३ में केवल कमेटी द्वारा की जाती सब्जी खरीद की प्रक्रिया की जांच की थी। परंतु गुरुद्वारा फंड का गबन फर्जी बिलों, बिना बिल नम्बर,बिना पते,बिना हस्ताक्षर आदि के द्वारा आरोपी के द्वारा करने के शिकायतकर्ता द्वारा किए गए दावे की हमने जांच ही नहीं की थी।
इस बावत कमेटी सदस्य हरजीत जीके ने कहा कि अब मामला निर्णायक मोड़ पर हैं। अदालत के सामने सारे तथ्य रख दिए हैं। घोटाला हुआ हैं यह जांच अधिकारी मान रहें हैं, पर कमेटी का रवैया बिलकुल उलट हैं।

झूठे केस बनाने का प्रयास कर रही है पुलिस : शंटी

नई दिल्ली, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने बताया कि सब्जी के केस में पुलिस द्वारा उनकों बिना वजह परेशान किया जा रहा है। मनजीत सिंह जी.के. पर जो गोलक चोरी करने का केस चल रहा है उसमें तथ्यों के आधार पर सामने आ चुका है कि पुलिस किस तरह मिल कर इस केस को कमजोर करने में लगी हुई है। इसी को लेकर उन्होंने दिल्ली पुलिस के कमिशनर से मुलाकात की जिस पर कमिशनर द्वारा उनके निष्पक्ष जांच करवाने को भरोसा दिया गया है।

शंटी ने कहा कि पुलिस बदले की कार्यवाही करते हुए सब्जी के केस में अदालत को गुंमराह करने में लगी हुई है। पुलिस द्वारा इस केस से सबंधित रिकार्ड यह कहकर पेश नहीं किया जा रहा कि इस केस से सबंधित फाइलों को २०१८ में रीसाईकल कर पेपर बना दिया गया है। शंटी ने यह भी बताया कि जब करतार सिंह कोछड़ ने इन पर केस दायर किया था तो कोर्ट ने कोछड़ को इस केस से सबंधित अन्य सबूत कोर्ट के समक्ष रखने के लिए १४ बार समन भेजा था, पर वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए जिस का रिकार्ड आज भी अदालत में मौजूद है।

शंटी ने कहा कि संसद मार्ग थाने के एसएचओ को बिना फाईल पढ़े कैसे पता चला कि २०१३ में जो जांच हुई थी वह सब्जी खरीद की प्रक्रिया पर हुई थी कि सब्जी के बिलों पर हुई थी। शंटी ने कहा कि स्थानीय पुलिस एवं जांच अधिकारी जी.के. के साथ मिलकर उनके खिलाफ झूठे केस बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं।

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