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Thursday, January 28, 2021

रेलवे के 13 लाख सेवारत, 14 लाख रिटायर्ड कर्मियों की ‘कुंडली’ एक क्लिक में

रेलवे ने बनाई 27 लाख रेल परिवार की हाईटेक ‘कुंडली’
–कर्मचारी खुद ही देख सकेंगे पेंशन, निकाल सकेंगे प्रोविडेंट फंड
–पीएफ और पेंशन के लिए नहीं काटने होंगे कार्यालयों के चक्कर
–रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने लांच किया एसआरएमएस नामक पोर्टल
–रियाटर होने से पहले कर्मचारी सबकुछ आनलाइन देख सकेेंगे

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : भारतीय रेलवे अपने 13 लाख सेवारत कर्मचारियों एवं 14 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधा के लिए एक नई शुरुआत की है। सभी कर्मचारियों की पूरी कुंडली नई सुविधा के तहत आनलाइन प्लेटफार्म (SRMS) पर उपलब्ध कर दी है। अब कोई भी कर्मचारी एक क्लिक के जरिये अपनी नौकरी का विवरण, रिटायरमेंट, ग्रेच्युटी, पेंशन, पीएफ, यात्रा पास, यात्रा भत्ता, मेडिकल आदि का ब्यौरा घर बैठे देख और हासिल कर सकता है। इसके लिए उसे रेलवे के क्षेत्रीय मुख्यालया, मंडल कार्यालयों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इस बावत भारतीय रेलवे ने मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली को हाईटेक एवं बेहतर बना दिया है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने वीरवार को एसआरएमएस नामक पोर्टल लांच किया है। इसमें तीन नई सुविधाओं को जोड़ा गया है।

इसमें कर्मचारी अपना विवरण खुद ही देख सकेगा और गलतियों को सुधार भी सकेगा। खास बात यह है कि इस नई सुविधा में रेल कर्मचारी अपना भविष्य निधि (पीएफ) एडवांस के लिए आनलाइन आवेदन भी कर सकेगा। इसके अलावा रिटायर्ड होने वाले कर्मचारी भी अपनी पेंशन को भर सकेंगे और उसका ब्यौरा आनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें कार्यालयों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इस नई सुविधा के लांच होने से लाखों कर्मचारियों के काम काज पर बड़ा परिवर्तन आएगा। एचआरएमएस से सभी कर्मचारियों के कामकाज पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और कर्मचारी टैक्नोलॉजी की अधिक से अधिक जानकारी रख सकेंगे।

रेलवे परिवार के लिए बड़ा कदम : चेयरमैन

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ विनोद कुमार यादव के मुताबिक कर्मचारी स्वयंसेवा (ईएसएस) मॉड्यूल डाटा परिवर्तन से संबंधित कम्युनिकेशन सहित एचआरएमएस के विभिन्न मॉड्यूलों से इंटरऐक्ट करने में रेल कर्मचारियों को सक्षम बनाता है। प्रोविडेंट फंड (पीएफ) एडवांस मॉड्यूल के माध्यम से रेलवे कर्मचारी अपना पीएफ बैलेंस देख सकेंगे और पीएफ एडवांस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चेयरमैन के मुताबिक सैटलमेंट मॉड्यूल से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सभी अदायगी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। कर्मचारी ऑनलाइन रूप से अपने सैटलमेंट/पेंशन बुकलेट को भर सकते हैं। सर्विस और ब्योरा ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है और पेंशन का पूरा काम ऑनलाइन होता है। इससे कागज के इस्तेमाल में कमी आएगी और सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के बकायों की प्रोसेसिंग की मॉनिटरिंग हो सकेगी।

यात्रा पास, आफिस आर्डर, परफोरमेंस रिपोर्ट सबकुछ हाईटेक

भारतीय रेल ने इन मॉड्यूल से पहले ही एचआरएमएस के अनेक मॉड्यूल लॉन्च किए हैं। इनमें एम्प्लॉय मास्टर मॉड्यूल है, जिसमें रेलवे कर्मचारी का सभी बुनियादी सूचना ब्योरा मौजूद रहता है। इलैक्ट्रॉनिक सर्विस रिकॉर्ड मॉड्यूल ने कर्मचारियों की सेवा रिकॉर्ड को डिजिटल फॉरमेट में ला दिया है। ऐन्युअल परफोरमेंस रिपोर्ट (एपीएआर) मॉड्यूल ने सभी 12 लाख अराजपत्रित रेल कर्मचारियों की ऐन्युअल परफोरमेंस अप्रैजल लिखने की प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। कागजी पास का स्थान इलैक्ट्रॉनिक पास मॉड्यूल ने ले लिया है। ऑफिस ऑर्डर मॉड्यूल ऑफिस ऑर्डर जारी करने और नये कर्मचारी के सेवा में शामिल होने, पदोन्नति स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति संबंधी डाटा को अद्यतन बनाने का काम करता है।

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