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Monday, January 25, 2021

बेटियों को गायब करने वालों को बर्बाद करेगी पुलिस, CM शिवराज ने दिया हुक्म

–पूरी ताकत से रोकेंगे महिला अपराध, पुलिस अधिकारियों के दायित्व तय
— बालिकाओं और महिलाओं से जुड़े अपराधों में लिप्त लोग नरपिशाच हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में न छोड़ा जाए
–मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने अपराध नियंत्रण में सहयोगी असली हीरो को किया सम्मानित

भोपाल/ खुशबू पाण्डेय : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां महिला सुरक्षा को लेकर स​ख्ती बरदतने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मेरे प्रदेश की बेटियों को गायब करने वालों को बर्बाद करके छोड़ना है। मप्र की विधानसभा ने सबसे पहले ये कानून बनाया कि अगर बेटियों के साथ बलात्कार होंगे तो अपराधियों को फांसी की सजा सुनाई जायेगी। बेटियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। हमारा अभियान समाज की मानसिकता बदलने का अभियान है। ये काम सिर्फ सरकार और पुलिस का नहीं है। बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिये समाज की मानसिकता बदलनी पड़ेगी। बेटे के सौ गुनाह माफ, लेकिन बेटी पर सौ बंदिशें हैं। कोई घटना हो जाये तो बेटी को ही दोष दिया जाता है। सीएम ने कहा कि एक नयी व्यवस्था लागू की जाएगी। कोई भी लड़की जब काम के लिए बाहर जाती है तो उनका स्थानीय स्तर पर पंजीयन अब अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

उनकी सुरक्षा के लिए उनकी लगातार ट्रैकिंग की जायेगी और उन्हें कुछ संपर्क नम्बर दिए जायेंगे, ताकि वे संकट के समय संपर्क कर सकें। शिवराज सिंह ने कहा कि बेटी पढ़े लिखे इसलिये स्कूल जाने के लिये साइकिल योजना, स्कूल की यूनिफॉर्म, मिड डे मील, गांव की बेटी योजना, कन्या विवाह योजना कार्यक्रमों की सीरीज है। गरीब बहनों के लिये हमने तय किया कि जन्म के पहले संबल योजना में 4 हजार और बच्चे के जन्म के बाद 12 हजार रुपये दिये जायेंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अपराधियों पर अंकुश लगाने का कार्य पूरी ताकत से किया जाएगा। आम लोगों को कानून के राज का एहसास करवाया जाएगा। गत 08 माह में अपराधियों के विरूद्ध की जा रही सख्त कार्यवाही का परिणाम है कि विभिन्न तरह के अपराधों में 15 से लेकर 50 प्रतिशत तक की कमी आयी है। बालिकाओं और महिलाओं से जुड़े अपराधों में लिप्त लोग नरपिशाच हैं। उन्हें किसी भी स्थिति में न छोड़ा जाए। बलात्कारियों को तो फाँसी ही मिलना चाहिए। प्रदेश में गुम बालिकाओं के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गई है। अपहृत बच्चे की बरामदगी के लिए चैकलिस्ट के अनुसार कार्यवाही होगी। परिजनों को एक रिकार्ड पत्र दिया जाएगा जिसमें पुलिस द्वारा की जा रही विवेचना का विस्तृत विवरण होगा। अधिकार पत्र में जानकारी रहेगी कि कितने दिनों में क्या-क्या कार्यवाही की गई है। इस व्यवस्था में अब अपहृत होने वाले बच्चे के परिजन के साथ प्रत्येक 15 दिन में थाना प्रभारी और प्रत्येक 30 दिन में एसडीओपी केस डायरी के साथ बैठेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकार पत्र के अनुसार कार्यवाही हुई है अथवा नहीं।

मुख्यमंत्री चौहान आज मिंटो हॉल में प्रदेश स्तरीय सम्मान अभियान का शुभारंभ कर रहे थे। इस अभियान का उद्देश्य महिला अपराध के उन्मूलन में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, महिलाओं और बालिकाओं के लिए सम्मानजनक और अनुकूल वातावरण तैयार करना और आम लोगों को कानूनी प्रावधानों के प्रति इस तरह जागरूक करना है ताकि वे महिला सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभा सकें। कार्यक्रम में गृह विभाग के साथ ही अभियान में सहयोगी महिला एवं बाल विकास और जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के 06 साहसी नागरिकों को उनके जिलों के कलेक्टर, एस.पी. के माध्यम से प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए। इन नागरिकों द्वारा विभिन्न अपराधियों को पकड़वाने में भूमिका निभाई गई।

भ्रूण हत्या, छेड़छाड़ और लज्जाभंग से संबंधित अपराधों में कमी आयी

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नाबालिग के साथ घटित अपराधों में वर्ष 2020 में भोपाल, छिंदवाड़ा, इंदौर और नरसिंहपुर में 05 अपराधियों को मृत्युदण्ड से दण्डित किया गया। गत 09 माह में प्रदेश में बलात्कार के प्रकरणों में 19 प्रतिशत, अपहरण एवं व्यपहर के प्रकरणों में 23 प्रतिशत, भ्रूण हत्या में 20 प्रतिशत, छेड़छाड़ और लज्जाभंग से संबंधित अपराधों में 14 प्रतिशत की कमी आयी है। बलात्कार के प्रकरणों के निराकरण के लिए दो माह की समयावधि में वर्ष 2020 में प्रथम छमाही में हुआ निराकरण प्रतिशत 44 था जो द्वितीय छमाही (जुलाई से दिसम्बर) में 65 प्रतिशत हो गया है। यौन अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कर भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, धार और मुरैना जिलों में ऐसे अपराधियों की 23 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति कब्जे से मुक्त कराई गई। इसके साथ ही इनके विरूद्ध एन.एस.ए, जिलाबदर आदि की कार्यवाही भी की गई। अपराधों में प्रयोग में लाए गए वाहनों के वाहन चालक लायसेंस भी निरस्त किए जा रहे हैं। नशे के विरूद्ध अभियान के अंतर्गत 75 करोड़ से अधिक के ड्रग्स पकड़े गए। लगभग एक लाख परिवारों को तबाह होने से बचाने में सफलता मिली। वाहनों में पैनिक बटन के माध्यम से महिलाओं को संकट की स्थिति में सूचना देने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला अपराधों की सूचना देने के लिए वर्तमान में अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर संचालित हैं। इनके एकीकरण पर विचार कर कदम उठाए जाएंगे।

वन स्टाप सेंटर को सुदृढ़ बनाया जाएगा

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जो बच्चियां लापता हो गई हैं उन प्रकरणों की समीक्षा सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक करेंगे। इसके पश्चात क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक जोन स्तर की समीक्षा करेंगे। प्रदेश के सभी पुलिस जोन में सम्पन्न समीक्षा के पश्चात पुलिस महानिदेशक द्वारा एकत्र जानकारी की समीक्षा की जाएगी। जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गायब हुए बच्चों के परिजन को प्राथमिकता से सुना जाएगा। मजदूरी के लिए जिले से बाहर जाने की स्थिति में पंजीयन की व्यवस्था होगी। वन स्टाप सेंटर को सुदृढ़ बनाया जाएगा। प्रदेश में अपहृत बालिकाओं के संबंध में स्टडी भी करवाई जाएगी।

लव जेहाद कानून से नियंत्रण

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य कानून अध्यादेश से किसी भी बेटी को डराकर-धमकाकर या प्रलोभन देकर साथ ले जाने या विवाह करने वाले व्यक्ति को 10 वर्ष तक के कारावास और अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है। कुछ मामलों में बच्चियों को अन्य प्रदेशों से लाने में सफलता भी मिली है। प्रदेश से गायब हुई बेटियों को वापिस उनके अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं। करीब 07 हजार प्रकरणों में गुमशुदा बच्चियों को छुड़वाया गया है।

बालिका और महिला सशक्तीकरण पर सर्वाधिक ध्यान

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कन्याओं के जन्म से लेकर उनके शिक्षण और कन्यादान तक की व्यवस्था सरकार ने की। सर्वांगीण सशक्तीकरण के अंतर्गत उन्हें सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक सशक्तीकरण का लाभ दिलवाया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बालिकाओं और महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को सहन नहीं किया जाएगा। समाज के मानसिकता बदलने की भी आवश्यकता है। सिर्फ सरकार के स्तर पर यह कार्य नहीं हो सकता, इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2006 में लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की। इसके पश्चात बालिकाओं और महिलाओं के हित में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्ष 2015 में बेटी बचाओ अभियान पूरी जोर-शोर से संचालित किया गया। सभी तरह के माफिया पर सख्त कार्यवाही करते हुए महिला अपराधों के विरूद्ध वातावरण बनाने की आवश्यकता है।

महिला अपराध रोकने में कार्य करने वाले हीरो सम्मानित

मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम में सागर की श्रीमती श्रीबाई, छिंदवाड़ा के रोशनलाल विश्वकर्मा, सतना की श्रीमती मुन्नीबाई कौल, भोपाल के मनोज गायकवाड़ और रायसेन के मधुसुदन दुबे और भवानी‍ सिंह को असली हीरो सम्मान से सम्मानित किया गया। इन सभी ने बालिकाओं और महिलाओं को अपराधों से बचाने और अपराध होने के बाद दोषी लोगों के विरूद्ध पुलिस को सूचित कर पकड़वाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने इन सभी होरी को बधाई भी दी।

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