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Tuesday, January 19, 2021

महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ योगी सरकार का बङा फैसला

—यूपी के हर जिले में होगा एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना
—एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस सीधे दर्ज करेगी एफआईआर, खुद करेगी विवेचना
—यूपी के 75 जिलों में मानव तस्करी पर लगेगी लगाम, शासनादेश जारी

लखनऊ / टीम डिजिटल : यूपी में योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ बङा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के हर जिले में अब एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना बनाया जायेगा । इन थानों को राज्य सरकार ने कार्यवाही के कई अहम अधिकार सौंपने जा रही है । ये एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने सीधे दर्ज कर सकेंगे एफआईआर और खुद करेंगे विवेचना ।
योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों की तस्करी, बाल श्रम और देह व्यापार पर रोक लगाने के लिए शिकंजा कस दिया है । प्रदेश में 40 नये एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का गठन किया जायेगा। जो जनपदों में थाने के रूप में काम करेंगी और खुद अपराधिक मामलों की एफआईआर दर्ज कर उसकी विवेचना करेंगी । 2016 में प्रदेश के 23 जिलों में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थाने का दर्जा दे दिया गया था। इनमें मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, बाराबंकी, खीरी, बहराइच, बलरामपुर, बदायूं, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, हरदोई, श्रावस्ती, मऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, बिजनौर, जौनपुर, आजमगढ़, फिरोजाबाद, पीलीभीत, सीतापुर, बलिया, बागपत नगर एवं शाहजहांपुर शामिल किए गए थे।


योगी सरकार ने प्रदेश में एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट को थाने के रूप में अस्तित्व प्रदान किया । एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पर मानव तस्करी से जुड़े क्राइम की एफआईआर, उनकी विवेचना और आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसका कार्यक्षेत्र पूरा जिला होगा।

कैंट में दर्ज कराते थे अपनी एफआईआर

अभी तक एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट किसी भी कार्रवाई के लिये कैंट थाने में ही एफआईआर दर्ज कराती था। मुकदमा दर्ज होने के बाद थाना की पुलिस विवेचना करती थी हालांकि अब कुछ मामलों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में ट्रांसफर किया जाने लगा था लेकिन अब स्वयं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने के रूप में सारे निर्णय ले सकेगा।

उत्तर प्रदेश के हर जिले में होगा एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई थाना

मानव तस्करी रोकने के लिए अब हर जिले में एक एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई का थाना होगा। शासन ने 40 नए ज़िलों में इन थानों की स्थापना के लिए स्वीकृति दी है। २० अक्टूबर को इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की ओर से शासनादेश भी जारी कर दिया गया। प्रदेश में पहले कुल 35 जिलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई के थाने थे। यह थाने 2011 और 2016 में स्थापित हुए थे। नए थाने केंद्र सरकार के विमन सेफ्टी डिवीज़न के निर्देश के बाद स्थापित किये जा रहें हैं । केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए धन भी आवंटित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने पहले से स्थापित 35 थानों को 12 लाख रुपये की दर से 4 करोड़ 20 लाख रुपए और 40 नए थानों के लिए 15 लाख रुपए की दर से छह करोड़ रुपए उत्तर प्रदेश सरकार को दिए हैं।

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