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Tuesday, January 19, 2021

सिख फार जस्टिस : रेफरेंडम 20-20 के लिए दिल्ली के गुरुद्वारों में होगा अरदास

दिल्ली को खालिस्तान बनाने का वीडियो जारी, भड़के सिख
–सिख फार जस्टिस का 19 जुलाई को दिल्ली में जनमत संग्रह करवाने का ऐलान
–गुरुद्वारा बंगला साहिब एवं शीशगंज साहिब में सिखों से होगी रायशुमारी
–विरोध में जागो आज करेगी पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रर्दशन

नई दिल्ली /टीम डिजिटल : पंजाब को भारत से अलग कराने की मुहिम चला रहे अमरीका के सिख अधिकार वादी संगठन सिख फार जस्टिस ने 19 जुलाई को दिल्ली में जनमत संग्रह करवाने का ऐलान किया है। इसके लिए बाकायदा भारत सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए सिख फार जस्टिस के जरनल कौंसिल गुर पतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में दिल्ली को खालिस्तान बनाने का हवाला देते हुए गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और गुरुद्वारा बंगला साहिब में रेफरेंडम 20-20 के लिए अरदास करने का ऐलान किया है। साथ ही इसी मौके पर दिल्ली के सिखों में रायशुमारी कराने को भी कहा है।

वीडियो में दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात दोहराई गई है। इसको लेकर दिल्ली के सिखों में भारी गुस्सा है। सिख संगठनों ने इसको लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। केंद्रीय सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी इस आयोजन को लेकर आपत्ति जताते हुए कड़ी चेतावनी भी दी है। इसके अलावा सिखों की अगुवाई वाली धार्मिक पार्टी जागो पार्टी के प्रमुख मंजीत सिंह जीके ने पन्नू को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट बताते हुए वीरवार को पाकिस्तान दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। जीके का कहना है कि पन्नू को अगर खालिस्तान लेना है या पंजाब को आजाद कराना है तो उसको भारत में आकर भारतीय संविधान के दायरे में रहकर खालिस्तान की लड़ाई लडऩी चाहिए। दिल्ली के सिखों ने 1984 में कत्लेआम झेला, लेकिन उसके बावजूद भी डटकर आज भी अपने कातिलों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। दिल्ली के सिखों का फैसला दिल्ली वाले करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में खालिस्तान बनाने का फैसला करने वाला पन्नू कौन होता है। पन्नू का काम सिर्फ और सिफ विदेशों में डालर एकत्र करने के लिए भारत में सिखों की बुरी दशा का हवाला देने का औजार मौजूद है। इसलिए देश को तोडऩे वाले पाकिस्तान के एजेंट का हम डटकर विरोध करेंगे।

दिल्ली कमेटी एवं अकाली दल से कोई लेना देना नहीं : कमेटी

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने कहा कि उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल एवं दिल्ली कमेटी ऐसे किसी भी संगठन को समर्थन नहीं करती है और ना ही करेगी। अकाली दल एवं कमेटी से इनका कोई लेना देना भी नहीं है। हालांकि इस बारे में दिल्ली कमेटी और अकाली दल की वीरवार को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है, इसमें कड़ा फैसला लिया जाएगा। सिख समुदाय का यह बहुत बड़ा मसला है, इसलिए वह इसका समर्थन नहीं करते हैं।

दिल्ली को खालिस्तान बनाने की कोई सोचे भी ना : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री आरपी सिंह ने गुर पतवंत सिंह पन्नू के पोस्टर को ट्वीट करते हुए दिल्ली कमेटी को इस मसले पर अपना पक्ष साफ करने की अपील की है। साथ ही दिल्ली के उपराज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी एवं पुलिस कमिश्नर को ओर ध्यान देने की अपील की है। सरदार आरपी सिंह ने कहा कि दिल्ली में कोई भी संगठन खालिस्तान जैसी बात करेगा तो हम खुद जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि वह खुद भी दिल्ली के सभी गुरुद्वारों पर निगरानी रखेंगे, अगर किसी ने कोई गलत हरकत करने की कोशिश करता है तो उसको करारा जवाब दिया जाएगा। आरपी सिंह ने चेतावनी दी कि कोई भी संगठन दिल्ली में खालिस्तान बनाने के बारे में सोचे भी ना।

कौन हैं गुरपतवंत सिंह पन्नु

अमरीका में रहने वाला गैरकानूनी संस्था सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख सदस्य है गुरपतवंत सिंह पन्नु, जिसे 1 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादी घोषित किया है। पन्नू सहित कुल 8 लोग आतंकवादी की लिस्ट में रखे गए हैं। ये सीमा पार और विदेशी धरती से आतंकवाद की विभिन्न घटनाओं में शामिल हैं। ये अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और खालिस्तान मूवमेंट में शामिल होकर तथा उसके समर्थन के जरिये पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर अपने घृणित कृत्यों से लगातार देश को अस्थिर करने का प्रयास कर चुके हैं।

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