spot_img
17.1 C
New Delhi
Tuesday, December 7, 2021
spot_img

निरंकारी संत समागम 27 नवम्बर को शुरू होगा, माता सुदीक्षा करेंगी शुभारंभ

spot_imgspot_img

-विश्वास, भक्ति, आनंन्द का प्रतीक होगा निरंकारी समागम
-तीन दिवसीय समागम वर्चुअल और सीधे लाइव किया जाएगा

Indradev shukla

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : संत निरंकारी मिशन की ओर से अंतर्राष्ट्रीय संंत समागम की तारीखों का ऐलान हो गया है। इस वर्ष 27 नवम्बर से शुरू होकर 29 नवम्बर तक समागम चलेगा। कोविड प्रोटोकाल के चलते पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरा समागम वर्चुअल और लाइव किया जाएगा। इस वर्ष के निरंकारी संत समागम का शीर्षक विश्वास, भक्ति, आनंन्द विषय पर आधारित है जिसमें विश्वभर से वक्ता, गीतकार तथा कविजन अपनी प्रेरक एंव भक्तिमय प्रस्तुति व्यक्त करेंगे। ‘विश्वास, भक्ति और आनंद आध्यात्मिक जागृति का एक ऐसा अनुपम सूत्र है जिस पर चलकर हम इस परमात्मा का न केवल साक्षात्कार प्राप्त कर सकते है अपितु इससे इकमिक भी हो सकते हैं। समागम का शुभारंभ संत निरंकारी मिशन के प्रमुख सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के द्वारा किया जाएगा। मिशन के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब वर्चुअल समागम का सीधा प्रसारण किया जा रहा हो। समागम के तीनों दिन सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज अपने प्रवचनों द्वारा संगत को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। इस मौके पर समागम स्थल पर सेवादल रैली का आयोजन भी किया जाएगा।


गौरतलब है कि निरंकारी संत समागम विश्वभर के प्रभु प्रेमियों के लिए खुशियों भरा अवसर होता है जहां मानवता का अनुपम संगम देखने को मिलता है। निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागरूकता द्वारा संपूर्ण विश्व में सत्य, प्रेम एवं एकत्व के संदेश को प्रसारित कर रहा है जिसमें सभी अपनी जाति, धर्म, वर्ण, रंग, भाषा, वेशभूषा एवं खान-पान जैसी भिन्नताओं को भुलाकर, आपसी प्रेम एवं मिलर्वतन की भावना को धारण करते हैं। 74वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियां इस वर्ष वर्चुअल रूप में पूर्ण समर्पण भाव एवं सजगता के साथ की जा रही हैं, जिसमें संस्कृति एवं संप्रभुता की बहुरंगी छठा इस वर्ष भी वर्चुअल रूप में दर्शायी जायेंगी। यह सभी तैयारियां सरकार द्वारा जारी किये गये कोविड-19 के निर्देशों को ध्यान में रखकर ही की जा रही है।

वर्ष 1948 से चल रहा है निरंकारी समागम

Indradev shukla

मिशन का प्रथम निरंकारी संत समागम सन 1948 में बाबा अवतार सिंह की उपस्थिति में हुआ था। संत निरंकारी मिशन का आरम्भ बाबा बूटा सिंह के निर्देशन में हुआ, जिसे गुरमत का रूप देकर बाबा अवतार सिंह ने आगे बढ़ाया। निरंकारी संत समागम को व्यवस्थित, सुसज्जित तथा प्रफुल्लित करने का श्रेय बाबा गुरबचन सिंह को जाता है। इसके बाद बाबा हरदेव सिंह ने समागम को अन्र्तराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। एकत्व के आधार पर वसुदैव कुटुम्बकम और दीवार रहित संसार की सोच के साथ यूनिवर्सल ब्रदरहुड की पहचान देकर, संसार को जाति, धर्म, वर्ग, वर्ण, भाषा और देश की विभिन्नताओं से ऊपर अनेकता में एकता का दर्शन कराया। बाबा के जाने के बाद माता सविन्दर हरदेव जी ने एक नये युग का सृजन किया और युगनिर्माता के रूप में प्रकट होकर अपने कत्र्तव्यों को पूर्ण रूप से निभाया। वर्तमान समय में सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज नयी सोच, एकाग्रता और सामुदायिक सामंजस्य की भावना के साथ इसे आगे से आगे बढ़ा रहे हैं। इस प्रकार निरंकारी संत समागम अनेकता में एकता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है।

spot_imgspot_imgspot_img

Related Articles

epaper

spot_img

Latest Articles

spot_img