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Tuesday, April 13, 2021

मालती मोहिन्द्र सिंह को द्वितीय पुण्यतिथि पर दिग्गजों ने किया याद, अर्पित की श्रद्धांजलि

—शिक्षा क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत व शिक्षकों की मार्गदर्शक रही हैं मालती मोहिन्द्र सिंह
—उनके द्वारा प्रशस्त किया गया मार्ग हम सभी के लिए अनुकरणीय रहेगा : मेनका गांधी
—हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला सहित दिग्गज लोगों ने की शिरकत

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : शिक्षा क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत व शिक्षकों की मार्गदर्शक श्रीमती मालती मोहिन्द्र सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि पर उनके द्वारा प्रशस्त किए गए मार्ग का सदैव अनुसरण करने का संकल्प लिया गया। नई दिल्ली में श्री सत्य साईं अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित मालती मोहिन्द्र सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि पर भक्ति गीतों के साथ उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित की गई। पूर्व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने दिवंगत मालती मोहिन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन द्वारा प्रशस्त किया गया मार्ग हम सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा। इस मौके पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, हरियाणा के सिंचाई विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री विभाग तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेन्द्र सिंह,डाॅ सोनिया राजेश खुल्लर व अन्य महानुभावों ने श्रीमती मालती मोहिन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।इस मौके पर मालती मोहिन्द्र सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि कार्यक्रम में उनके परिजनों व संबंधी भी शामिल हुए। पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के सदस्य शमशाद अली ने मंच का संचालन किया।


बता दें कि शिक्षकों को प्रोत्साहित व सम्मानित किए जाने की दिशा में पंजाब में वर्ष 2013 में मालती ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रारंभ किए गए। शिक्षकों के सम्मान में प्रारंभ किए मालती ज्ञानपीठ पुरस्कारों के अंतर्गत पंजाब के राजकीय व सरकारी अनुदान प्राप्त उच्च विद्यालयों व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के श्रेष्ठ 15 शिक्षकों को प्रतिवर्ष प्रत्येक को 01 लाख रूपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए जाते हैं। प्रारंभ में वर्ष 2013 में राजकीय उच्च विद्यालयों व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 05 श्रेष्ठ शिक्षकों को प्रत्येक को 01 लाख रूपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2014 से मालती ज्ञानपीठ पुरस्कारों के अंतर्गत 15 श्रेष्ठ शिक्षकों को प्रतिवर्ष प्रत्येक को 01 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

मालती मोहिन्द्र सिंह की प्रेरणा से मनोज सिंघल ने किया विस्तार

शिक्षा क्षेत्र की सेवा की दिशा में श्रीमती मालती मोहिन्द्र सिंह की प्रेरणा से उनके पुत्र मनोज सिंघल ने वर्ष 2003 में महेन्द्र सिंह सिंघल शैक्षणिक एवं अनुसंधान समिति की स्थापना की और संगरूर (पंजाब) के निकट 22 एकड क्षेत्र में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व शैक्षणिक महाविद्यालय प्रारंभ किए। पिछडे क्षेत्र में इन शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना से शिक्षा के पुष्प खिलने प्रारंभ हुए। वर्ष 2013 में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, वर्ष 2014 में तत्कालीन उप राष्ट्रपति एम हामिद अंसारी, वर्ष 2015 पूर्व राष्ट्रपति डाॅ ए पी जे अब्दुल कलाम, वर्ष 2016 व वर्ष 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा वर्ष 2018 में उप राष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू के कर कमलों द्वारा मालती ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए गए।

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