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Monday, July 15, 2024

UP की एक अनोखी नदी, जिसमें बसा दी गई अवैध कॉलोनी, खडी हो गई बहुमंजिला इमारतें

लखनऊ /अदिति सिंह : सपा सरकार में पर्यावरण संरक्षण के मानकों को दरकिनार कर भूमाफिया द्वारा कुकरैल नदी व बंधे के बीच बसाई गई अकबरनगर की अवैध कॉलोनी में योगी सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। सपा काल में संरक्षण प्राप्त भूमाफिया ने सरकार से सांठगांठ कर वर्ष 2012 से 17 के बीच कुकरैल नदी और बंधे के बीच बहुमंजिला इमारतें एवं बड़े-बड़े शोरूम खड़े कर दिये थे। इतना ही नहीं भूमाफिया ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध काॅलोनियां बसा दीं, जबकि इस क्षेत्र में रिहायशी एवं व्यवसायिक निर्माण नहीं हो सकता।

– भूमाफिया ने कुकरैल नदी में बन गए 1068 अवैध आवासीय और 101 व्यावसायिक निर्माण
—खड़ी कर दी थी बहुमंजिला इमारतें और बड़े-बड़े शोरूम
– भूमाफिया ने पर्यावरण संरक्षण के मानकों को दरकिनार खड़ा किया था अवैध निर्माण
– सपा सरकार के पोषित भूमाफिया के अवैध निर्माण से मृतप्राय हो चुकी है कुकरैल नदी
– योगी सरकार की कार्रवाई को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी माना सही
– कोर्ट ने माना अकबरनगर में बसाई गई अवैध बस्ती, इसे हटाया जाना है जरूरी
– अकबरनगर में अवैध निर्माण पर काबिज करोड़पतियों ने कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की
– एलडीए ने सौंपी 73 करोड़पतियों की लिस्ट तो कोर्ट ने झुग्गीवासी मानने से किया इंकार
– सपा के भूमाफिया ने भोली-भाली जनता की लूटी गाढ़ी कमायी, अवैध काॅलोनी बसा किया छल
– योगी सरकार के आदेश पर हर गरीब परिवार से अधिकारियों ने किया संवाद
—आवंटित किये करीब दो हजार पीएम आवास

ऐसे में मरती हुई नदी को जिंदा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। कोर्ट ने भी अवैध निर्माण को लेकर योगी सरकार की कार्रवाई को सही माना है। इस पर एक बार फिर योगी सरकार ने अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज कर दी है। इसके साथ ही यहां पर पर्यावरण संरक्षण के मानकों के आधार पर क्षेत्र को विकसित करने और कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने कदम बढ़ा दिया है।

कोर्ट ने भी माना बसाई गई अवैध बस्ती

योगी सरकार लगातार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भूमाफिया और अतिक्रमण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। सरकार की इस मुहिम को प्रदेशवासियों के साथ पूरी दुनिया में सराहना मिल रही है। इसी के तहत योगी सरकार ने कुकरैल नदी और बंधे के बीच बसाए गए अकबरनगर प्रथम और द्वितीय के अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई का नया चरण सोमवार से शुरू कर दिया है। बता दें कि सपा सरकार ने अपने शासनकाल में पर्यावरण चिंताओं को दरकिनार कर अपने पोषित भूमाफियाओं को कुकरैल नदी पर अवैध निर्माण की अनुमति दी थी। इन्होंने यहां पर सपा सरकार की शह और सांठगांठ से बहुमंजिला इमारतें, घर और शोरूम बना दिये। आज इन पर करोड़पतियों का कब्जा है। सपा सरकार के इस कृत्य से कुकरैल नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया। ऐसे में योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यहां पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी ताकि पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। साथ ही कुकरैल नदी को पुनर्जीवित किया जा सके। योगी सरकार के एक्शन से घबराए भूमाफिया और करोड़पतियों ने कोर्ट में गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर गुमराह करने की कोशिश की। इस पर योगी सरकार ने निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में भूमाफिया के झूठ का पर्दाफाश किया।

करोड़पति कब्जेदारों ने कोर्ट में खुद को झुग्गीवासी बताया

करोड़पति कब्जेदारों ने कोर्ट में खुद को झुग्गीवासी बताया था। इस पर एलडीए ने कोर्ट में 73 करोड़पति कब्जेदारों की सूची सौंपी, जिनका सालाना करोड़ों का टर्नओवर था। इसे देख कोर्ट ने करोड़पति कब्जेदारों को झुग्गीवासी नहीं माना। इसके साथ ही इन्होंने योगी सरकार द्वारा अवैध निर्माण को लेकर की जा रही कार्रवाई को सही माना। कोर्ट ने माना कि अकबरनगर में अवैध बस्ती को बसाया गया है, जिसे हटाना जरूरी है।

भूमाफियाओं ने लूटी गरीबों की गाढ़ी कमाई

योगी सरकार ने दिसंबर 2023 में कुकरैल नदी और बंधे के मध्य में बसाए गए अकबरनगर में बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान भूमाफिया के इशारे पर अतिक्रमणकारियों ने खूब विरोध किया। इसके बाद भी योगी सरकार अपने फैसले पर अडिग रही और कार्रवाई जारी रही। मालूम हो कि योगी सरकार ने नवंबर 2023 में कुकरैल नदी और बंधे के मध्य बसे अकबरनगर प्रथम और द्वितीय के 1068 अवैध आवासीय और 101 व्यावसायिक निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। सपा सरकार में भूमाफिया के हौसले इस कदर बुलंद थे कि इन्होंने शहर के भोले-भाले और गरीबों को भी ठगने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन्होंने अवैध बस्ती बसा कर गरीबों की गाढ़ी कमाई लूट ली। वहीं योगी सरकार लगातार प्रदेश की गरीब जनता जनार्दन और जरूरतमंदों के साथ मजबूत से खड़ी है। यही वजह है कि सरकार के आदेश पर अकबरनगर में अवैध निर्माण को हटाने से पहले अधिकारियों ने हर गरीब परिवार से संवाद किया था। इस दौरान सभी गरीब परिवार का पुनर्वास कराते हुए करीब दो हजार लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित किये गये।

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