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Friday, October 22, 2021
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अमरिंदर सिंह बनेंगे पंजाब के ‘कैप्टन’, बीजेपी ने तैयार किया ब्लूप्रिंट

-पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पहुंचे अमित शाह के घर
-जेपी नडडा की मौजूदगी में 50 मिनट चली बैठक, हर मुद्दे पर चर्चा
-पंजाब में कांग्रेस और आप को पटकनी देने के लिए बीजेपी की बड़ी रणनीति
-भाजपा के सारथी बनने से कैप्टन का इनकार, कहा, कृषि बिलों को लेकर मिले

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : पंजाब में कांग्रेस पार्टी के भीतर छिड़े सियासी महाभारत के बीच बुधवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं गृहमंत्री अमित शाह के घर पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक पंजाब की सियासत, किसान आंदोलन सहित आगे की रणनीति कैसे और क्या होगी, इसपर चर्चा हुई। हाईप्रोफाइल इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी मौजूद रहे। बीजेपी सूत्रों की माने तो भारतीय जनता पार्टी पंजाब को लेकर बहुत गंभीर है, इसलिए वह बड़ा दांव खेलने को तैयार है। चूंकि, वर्तमान में पार्टी की हालत पंजाब में बहुत अच्छी नहीं है, इसलिए वह अमरिंदर सिंह के नाम को भुनाने की तैयारी में है। इसके बीच रोड़ा सिर्फ कृषि बिलों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन और एमएसपी का मसला है। इस बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई है। सूत्रों का दावा है कि पंजाब में कांग्रेस सरकार एवं पार्टी को पटकनी देने के साथ ही तेजी से आगे बढ़ रही आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए अमरिंदर सिंह भारतीय जनता पार्टी के ‘कैप्टन’ हो सकते हैं। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता की माने तो भाजपा हाईकमान कैप्टन अमरिंदर को लेकर नफा नुकसान को देख रही है। क्योंकि बीजेपी के पास पंजाब में खोने को कुछ नहीं है। यही कारण है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक कर कुछ नया करने केे संकेत दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक में अमरिंदर सिंह ने अमित शाह के समक्ष अपनी बात रखी है और आगे की रणनीति को लेकर खाका तैयार किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के बीच जल्दी ही दूसरी बैठक होगी और इसके साथ फाइनल बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में होगी।
आज के इस सियासी घटनाक्रम से पंजाब की राजनीति में किसान आंदोलन के कारण विरोध का सामने कर रही भाजपा को राज्य में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि कैप्टन भाजपा के करीब आते हैं तो 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सियासी समीकरण काफी बदल जाएगा। सियासी जानकारों की माने तो किसान आंदोलन को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद पंजाब में सियासी समीकरण बदलने के आसार हैं। वहीं, इस घटना क्रम से दिल्ली से लेकर पंजाब तक की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस के नेता सकते में हैं।

अमित शाह से मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बताया

भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह से हुई लंबी मुलाकात के बाद अमरिंदर सिंह ने भाजपा में शामिल होने के बारे में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया है। लेकिन इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते समय उन्होंने विकल्प तलाशने की बात जरूर कही थी। वहीं, अमित शाह से मुलाकात को अमरिंदर सिंह की टीम ने शिष्टाचार मुलाकात कहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की आगे की योजना के बारे में पूछे जाने पर उनकी टीम ने कोई उत्तर नहीं दिया। हालांकि एक दिन पहले उनके मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा था, कैप्टन अमरिंदर के दिल्ली दौरे के बारे में बहुत कुछ कहा जा रहा है।

कृषि कानूनों के मुद्दे पर ब्लू प्रिंट तैयार करने को लेकर सहमति

बीजेपी सूत्रों के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह और अमित शाह के बीच किसानों के कृषि कानूनों के मुद्दे पर कई बातें साफ हुई हैं, जिसका ब्लू प्रिंट तैयार करने को लेकर सहमति बनी है। साथ ही कैप्टन अमरिंदर ने आने वाली धान की फसल को लेकर अमित शाह से किसानों को कोई दिक्कत नहीं आने देने का आग्रह किया है। पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने जल्दी ही सीसी लिमिट पंजाब के लिए रिलीज करने की बात कही है जिससे किसानों को पेमेंट के लिए कोई दिक्कत न आए और फसल मंडियों से आसानी से उठ जाए।

बीजेपी-कैप्टन के बीच फार्मूला नंबर-2 भी है रिजर्व

इन सब कयासों के बीच एक अलग रणनीति यह भी हो सकती है कि बीजेपी में शामिल होने के बजाए कैप्टन कांग्रेस से नाता तोडक़र एक अलग मोर्चा या दल बना लें और विधानसभा चुनाव में उतरे। जिस तरह से गुजरात में शंकर सिंह वाघेला ने किया था, हालांकि तब वाघेला को चुनाव में फायदा नहीं मिला था। कयास लगाए जा रहे हैं कि अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद देखना होगा कि पहला कदम कौन उठाता है। कांग्रेस उन्हें बर्खास्त करती है या वह खुद ही पार्टी छोडऩे का ऐलान करते हैं। माना जा रहा है कि आज की इस बैठक में आगे की रणनीति तय हो गई है।

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