spot_img
31.1 C
New Delhi
Friday, October 22, 2021
spot_img

BJYM की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बोले JP नडडा, युवा परिवर्तन का वाहक और बदलाव का उत्प्रेरक

– भारतीय जनता युवा मोर्चा की नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
-भाजपा का हर कार्यकर्ता देश का चौकीदार है: तरुण चुघ
-मजबूत डिजिटल सुरक्षा कानून और डिजिटल शासन विधि समय की मांग: सूर्या
-कार्यकारिणी बैठक में राजनीतिक, आर्थिक प्रस्ताव पारित किया

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि युवा परिवर्तन का वाहक और बदलाव का उत्प्रेरक है। उन्होंने कहा कि जब अन्य विपक्षी राजनीतिक दलों ने संकट की इस घड़ी में खुद को आइसोलेट कर देश की जनता से मुंह मोड़ लिया था, तब युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अपने प्राणों की परवाह न करते हुए उस विकट परिस्थितियों में भी लोगों की मदद के लिए सड़क पर काम कर रहे थे।
प्रत्येक कार्यकर्ता द्वारा नियमित आत्मनिरीक्षण के अत्यधिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज देश में एकमात्र ऐसा संगठन है जिसने जातिवाद, भाई-भतीजावाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति को तिलांजलि दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी और सर्व-स्पर्शी विकास की अवधारणा को दर्शाती हैं। यह सुनिश्चित करना युवा मोर्चा के प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य बन जाता है कि इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं में से प्रत्येक को जमीनी स्तर पर कुशलता से सफलतापूर्वक लागू हो और क्रियान्वित हो।


नड्डा ने नवगठित युवा मोर्चा (BJYM)की कार्यकारिणी के सदस्यों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक रहने के महत्व को समझने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ‘मिशन 2047’ (देश की आजादी की 100वीं सालगिरह) की तैयारी करते हुए ‘नवीन विचारों’ के साथ काम करना और भारत के विकास के लिए काम करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी में हर नेता एक कार्यकर्ता है और हर कार्यकर्ता एक नेता है। हम आदेश या हुक्म नहीं देते हैं, बल्कि हम अपने कार्यकर्ताओं को अपने परिवार से जोड़ते हुए संगठन के लिए काम करने और भारत माता की सेवा करने के यज्ञ में शामिल करते हैं। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्त तक पहुंचाने और उन योजनाओं का उन्हें लाभ दिलाने के लिए कृतसंकल्पित हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM)ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ भी उपस्थित थे, जिसमें सर्वसम्मति से तीन प्रस्तावों को अपनाया गया।
एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित युवा मोर्चा की नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक में भाजयुमो के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव उपस्थित थे। सूर्या ने कहा कि पार्टी और संगठन की विचारधारा और सेवा के कार्य को देश भर में बढ़ावा देते हुए भाजयुमो आज देश के सभी महत्वपूर्ण युवा केंद्रित राजनीतिक मुद्दों में सबसे आगे है। भाजयुमो लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार के अच्छे काम को जन-जन तक लेकर जा रहा है और उन राज्यों में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत कर रहा है जहां भाजपा की सरकार नहीं है। भाजयुमो, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहते हुए ‘न्यू इंडिया’ के उनके विजन को साकार करने में पूरी दृढ़ता से अपना योगदान करने के लिए कटिबद्ध है।

BL संतोष ने किया युवा कार्यकर्ताओं को संगठन के लिए काम करने के लिए प्रेरित

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष ने युवा कार्यकर्ताओं को संगठन के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए हमारी विचारधारा में विश्वास करना महत्वपूर्ण है। हम सब अपनी विचारधारा के पथ पर सहयात्री हैं। जब हम विचारधारा के वाहक होते हैं, तो कोई कारण नहीं कि हमारे संगठन की विचारधारा पीछे जाए। हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलने वाली केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में रिकॉर्ड टीकाकरण देख रहे हैं जो अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि अन्य राजनीतिक संगठनों के विपरीत युवा मोर्चा में हमारे पास वास्तविक युवा हों और उनमें देश प्रेम का जज्बा व देश के विकास के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा हो। उन्होंने युवा मोर्चा की कार्यकारिणी को प्रेरणा देते हुए कहा कि यह आपके कार्य होंगे जो आपको संगठन में आगे ले जायेंगे।

भाजपा का हर कार्यकर्ता देश का चौकीदार : तरुण चुघ

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और युवा मोर्चा के प्रभारी तरुण चुघ ने अपने उन दिनों को याद किया जब वे स्वयं युवा मोर्चा में थे। उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को 2047 के विजन को साकार करने के लिए सकारात्मक दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति देश के लिए 2047 के हमारे सपने को साकार करेगी जिसे हम आज इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता देश का चौकीदार है। इस मौके पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद, राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने कई प्रस्तावों के पक्ष में मतदान किया और सर्वसम्मति से पारित किया गया।

राजनीतिक प्रस्ताव – भारत की डिजिटल संप्रभुता की रक्षा

तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व में आयोजित पहली राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने डिजिटल संप्रभुता पर एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव डेटा की गोपनीयता, डिजिटल सीमाओं और बड़ी तकनीकी कंपनियों एवं देश-प्रदेश के संप्रभु कानूनों के बीच संघर्ष को गंभीरता से लेता है। सूचना प्रौद्योगिकी में प्रगति और बड़ी तकनीक के उदय का युवाओं और समाज के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा पहलुओं पर दूरगामी प्रभाव पड़ा है। भाजयुमो प्रस्ताव ने डिजिटल संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों को मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए। इसने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) को बिना किसी अपवाद के घरेलू कानूनों का पूरी तरह से पालन करने का आह्वान किया है। कंपनियों को देश के कानून द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और प्रावधानों को संस्थागत बनाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि विदेशी कॉर्पोरेट सेवा की शर्तें भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों जैसे कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार और भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त निजता के अधिकार की गारंटी की अवहेलना नहीं कर सकती हैं। एक प्लेटफॉर्म और भारतीय कंटेंट क्रियेटर के बीच किसी भी विवाद का निर्णय विशेष रूप से भारतीय संस्थानों और अदालतों के संरक्षण में होना चाहिए। भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए सामुदायिक मानकों और मॉडरेशन तंत्र को भारत में देश के हिसाब से विकसित और नियंत्रित किया जाना चाहिए। इस पर हमारे देश के हिसाब से ही निर्णय लिया जाना चाहिए और ये व्यवस्था भारतीय कानूनों और भारतीय संस्थानों के अधीन होना चाहिए। यह प्रस्ताव भारत में सभी महत्वपूर्ण डेटा और निर्णय लेने की प्रकिया के स्थानीयकरण की बात करता है। यह प्रस्ताव दृढ़ता से इस बात को कहती है कि टेक-कंपनियां किसी भी परिस्थिति में, भारत गणराज्य की डिजिटल संप्रभुता को न तो खत्म कर सकती है और न ही इसे बाधित कर सकती है।

आर्थिक संकल्प: मोदीनॉमिक्स, नेहरुवादी अर्थशास्त्र और सांठ-गांठ वाली पूंजीवाद पर निर्णायक विराम

नेहरूवादी समाजवाद और कांग्रेस के सांठ-गांठ वाले लाइसेंस-राज की दशकों की आत्म-पराजय और आत्म-दुर्बल नीतियों को ख़त्म करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अंत्योदय पर आधारित आर्थिक नीतियों ने भारत की अर्थव्यवस्था में क्रांति ला दी है। मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस के विजन ने कई क्षेत्रों में विकास को गति दी है। हमारी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार, वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के माध्यम से लाए गए जो सहकारी संघवाद की भावना को भी मजबूत करते हैं। कोविड जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद उम्मीद से अधिक और लगातार बढ़ रहे जीएसटी संग्रह के रूप में हमारी सरकार द्वारा लिए गए के फैसलों का फल अब पूरी दुनिया के सामने है।

Related Articles

epaper

Latest Articles