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Tuesday, January 25, 2022
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वोटरों का हथियार बनेगा ‘सी-विजिल एप, प्रत्याशियों एवं दलों पर रखेगा निगरानी

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Indradev shukla

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : कोरोना काल में हो रहे उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों पर तीसरी आंख के रूप में सी-विजिल एप काम करेगा। सी-विजिल एप शहर से लेकर गांव तक कानून तोडऩे वालों पर विशेष नजर रखेगा। केंद्रीय चुनाव आयोग ने सी-विजिल एप को लेकर गंभीर है और शिकायत आते ही 100 मिनट में निपटारा करने का दावा किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चन्द्रा ने खुद ऐलान किया कि सी-विजिल एप के जरिये चुनावी राज्यों में निगरानी रखी जाएगी और उसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी, चाहे कोई भी दल एवं प्रत्याशी ही क्यों ना हो। इसको लेकर सभी राज्यों के राजनीतिक दलों को सावधान भी कर दिया गया है। साथ ही आयोग ने पांचों राज्यों को एक एडवाइजरी भी जारी की है। पांचों राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर एंव गोवा) में चुनाव आचार संहिता लग चुकी है। लिहाजा, अब शिकायतें आनी भी शुरू हो गई हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद से वोटिग खत्म होने तक कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत सी-विजिल एप से चुनाव आयोग को भेज सकता है। आचार संहिता के दौरान नेताओं की तरफ से किसी भी तरह के कोई गैरकानूनी दस्तावेज बांटने, भ्रष्टाचार और विवादित बयानों की शिकायत इस एप के जरिए कर सकते हैं।

विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों एवं दलों पर निगरानी रखेगी ‘तीसरी आंख
–सी-विजिल एप पर कीजिए उल्लंघन की शिकायत, 100 मिनट में कार्रवाई
-मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोगों से की अपील, गोपनीय रखी जाएगी सूचना
–आयोग ने राज्यों को जारी की एडवाइजरी, जनता तक पहुंचाएं जानकारी
-वोटरों का हथियार बनेगा ‘सी-विजिल एप,प्रत्याशियों एवं दलों पर निगरानी रखेगा

Indradev shukla

मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोगों से अपील भी की है कि अगर आपके आसपास कहीं चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है तो आप चुनाव आयोग में अपने मोबाइल से शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के साथ अगर आप पर कोई फोटो, ऑडियो या वीडियो उपलब्ध है तो वह भी पहुंचा सकते हैं। आपकी शिकायत पर 100 मिनट में कार्रवाई जरूर होगी।
बता दें कि चुनाव आयोग ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सी-विजिल एप लांच किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान शिकायतें भी खूब आई थी और उसका निपटारा भी हो गया था। इसकी पुष्टि खुद सीईसी ने की है। इस एप का इस्तेमाल विधान सभा चुनाव के दौरान भी होगा। चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में खूब आते हैं। ऐसे में यह एप मतदाताओं का हथियार बन सकता है। इसके माध्यम से आने वाली हर शिकायत पर 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी का सबूत देने को मतदाता फोटो और वीडियो भी भेज सकते हैं।
चुनाव आयोग ने सी-विजिल एप को चुनाव में होने वाली गड़बडिय़ों को रोकने के लिए तैयार किया है। इस एप की मदद से वोटर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दे सकते हैं। जिस राज्य में चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो जाता है। वहां के लोग इस एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। सी-विजिल एप पर शिकायतकर्ता जो भी वीडियो या फोटो अपलोड करेंगे वो पांच मिनट के अंदर स्थानीय चुनाव अधिकारी के पास चला जाएगा। शिकायत सही है तो सौ मिनट के अंदर ही उस समस्या का समाधान किया जाएगा। सी-विजिल, सतर्क नागरिकों को जिला नियन्त्रण कक्ष, रिटर्निंग अधिकारी और फील्ड यूनिट (उडऩ दस्तों)/स्थैतिक निगरानी दलों के साथ जोड़ता है, जिससे एक तीव्र और सटीक रिपोर्टिंग, कार्रवाई और निगरानी प्रणाली सक्रिय होती है। नागरिक एप शिकायत दर्ज करने पर जिला नियन्त्रण कक्ष में सूचना बीप के रूप में बजती है जहां से इसे फील्ड यूनिट को सौंपा जाता है। एक फील्ड यूनिट में उडऩदस्ता स्थिर निगरानी दल रिजर्व टीम इत्यादि शामिल होते हैं। प्रत्येक फील्ड यूनिट के पास सी-विजि़ल इन्वेस्टीगेटर नामक एक जीआईएस-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन होती है जो फील्ड यूनिट को जीआईएस और नेविगेशन तकनीक और कार्रवाई करने का अनुसरण करते हुए लोकेशन तक पहुँचता है।

ऐसे डाउनलोड करें सी-विजिल एप

इस एप को सभी एंड्रायड और आइओएस यूजर्स के लिए तैयार किया गया है। एप पर शिकायत करने के लिए यूजर को स्मार्टफोन के कैमरे और जीपीएस एक्सेस की जरूरत होती है।
यह एप एंड्रायड यूजर इसे गूगल प्ले स्टोर से और आइफोन यूजर एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इंस्टाल करने पर कैमरा, लोकेशन और आडियो और फाइल्स एक्सेस करने की अनुमति मांगी जाती है। भाषा चुनने का विकल्प मिलता है, जहां आप हिदी या अंग्रेजी भाषा का चयन कर सकते हैं। आपको फोन नंबर लिखना होगा, जिस पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद आपको अपने नाम, पता, राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और पिन कोड की जानकारी देनी होगी। ये जानकारियां देने के बाद आपको वेरिफाई पर क्लिक करना होगा। एप का होम पेज खुल जाएगा, जहां आपको फोटो, वीडियो और ऑडियो के विकल्प मिलेंगे। आप जिस भी माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं, वह विकल्प चुन कर आप आयोग को गड़बड़ी की जानकारी पहुंचा सकते हैं।

शिकायतकर्ता की पहचान रखी जाती है गोपनीय

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो जो व्यक्ति सी-विजिल एप के जरिए आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करता है, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। शिकायतकर्ता दो मिनट तक का वीडियो ऐप पर अपलोड कर सकता है। फोटो और वीडियो से जुड़ी डिटेल के लिए एक बाक्स भी मिलता है, जहां उसके बारे में लिखा जा सकता है। जो फोटो या वीडियो अपलोड किया जाता है, उससे उस जगह की लोकेशन भी पता चल जाती है। फोटो या वीडियो अपलोड होने के बाद यूजर को एक यूनीक आइडी मिलेगी। इसके जरिए वे मोबाइल पर ही फालोअप ट्रैक कर सकते हैं। ऐप से रिकार्ड किए गए वीडियो या फोटो फोन गैलरी में सेव नहीं होंगे। सी-विजिल एप पर आने वाली शिकायतों के हल के लिए जिला स्तर व सब डिविजन स्तर पर टीम बनाई गई हैं। एप पर दर्ज होने वाली शिकायत पर तुरंत कार्रवाई के लिए संबंधित टीम को तुरंत भेज दी जाएगी। फिलहाल इस एप पर कोई शिकायत नहीं है। क्योंकि आचार संहिता शुक्रवार शाम ही लगा है।

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