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Monday, August 2, 2021
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देशभर में आक्सीजन सप्लाई के लिए केंद्र ने राज्यों से मांगे तुरंत 500 ड्राइवर

नहीं होगी आक्सीजन की अब दिक्कत, सड़क मार्ग से होगी आपूर्ति
-सरकार ने बनाया एक्शन प्लान, राज्यों से मांगे तुरंत 500 प्रशिक्षित ड्राइवर
– कोरोना की तीसरी लहर से पहले 2 महीने में चाहिए 2500 ड्राइवर
–कार्गो लाइसेंस रखने वाले प्रशिक्षित ड्राइवरों को ही मिलेगी वरीयता
-सरकार का निर्देश, कुशल ड्राइवरों का एक समूह बनाएं सरकारें एवं विभाग

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दिल्ली सहित देश भर में आक्सीजन को लेकर बची हाहाकार को देखते हुए केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय अब सड़क मार्ग के जरिये भी तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति ट्रकों के जरिये करने की तैयारी कर रहा है। चूंकि देश में कोरोना की तीसरी लहर भी संभावित है, जिसको देखते हुए सरकार ने नए रास्ते को मजबूत करना चाह रही है। इसके लिए सरकार को कार्गो लाइसेंस रखने वाले प्रशिक्षित ड्राइवरों की सख्त जरूरत है। केंद्र सरकार ने इस बावत सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर तत्काल 500 प्रशिक्षित ड्राइवर मांगे हैं। साथ ही देशभर में ऐसे प्रशिक्षित ड्राइवरों का एक समूह बनाने की सुझाव दिया है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अगले दो महीनों में इन ड्राइवरों की संख्या को 2500 तक बढ़ाया जाना जरूरी है।

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केंद्र सरकार ने इस रणनीति के एक अंग के रूप में जिसे एक अतिरिक्त पूल बनाने के लिए अपनाया जा सकता है, इस बावत कई सुझाव भी दिए हैं।
बता दें कि वर्तमान में जारी कोविड-19 महामारी के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों में तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) के शीघ्र और सुचारू परिवहन पर प्रमुख रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया है। इस संबंध में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मौजूदा नियमों के अनुसार और सीएमवीआर, 1989 के अनुरूप, इस मामले में पर्याप्त प्रशिक्षण के साथ-साथ जोखिमपूर्ण कार्गो लाइसेंस रखने वाले प्रशिक्षित ड्राइवरों को ही तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) ट्रकों को संचालित करने की अनुमति दी है। इसलिए, प्रशिक्षित ड्राइवरों का एक बड़ा समूह उपलब्ध कराने की तत्काल आवश्यकता है जो चौबीस घंटे, सातों दिन संचालन को ध्यान में रखते हुए मौजूदा ड्राइवरों के पूरक उन्हें बदलने में सहायक बन सकें।

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बता दें कि अभी दिल्ली सहित देशभर में रेलगाडिय़ों के जरिये आक्सीजन की ढुलाई की जा रही है। यह सुविधा उसी शहरों तक हो पा रही है जहां रेल सुविधाएं उपलब्ध है। इसी को देखते हुए सरकार ने सड़क मार्ग से भी आक्सीजन ले जाने की व्यवस्था बनाई है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि एक संक्षिप्त कार्यक्रम और शिक्षुता के माध्यम से खतरनाक रसायनों और एलएमओ के प्रबंधन में प्रशिक्षण के साथ एक कौशलयुक्त शीघ्रता से कार्य संचालन में सक्षम चालक होना चाहिए। तीन-चार दिन के छोटे कार्यक्रम और शिक्षुता के माध्यम खतरनाक रसायनों और एलएमओ के संचालन के लिए कौशलपूर्ण एचएमवी लाइसेंस धारक को ही वरीयता दी जाएगी।

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इस तरह के प्रशिक्षण मॉड्यूल को लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएसएससी), इंडियन केमिकल काउंसिल (आईसीसी), नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) और मेडिकल ऑक्सीजन निर्माताओं की मदद से तैयार किया गया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए एचएमवी एवं खतरनाक रासायनिक लाइसेंस वाले कुछ स्थानीय ड्राइवरों की सिफारिश करने का अनुरोध किया है। साथ ही, सभी कुशल ड्राइवरों की सूची एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी और इन प्रशिक्षित ड्राइवरों की सेवाओं का उपयोग क्रायोजेनिक एलएमओ टैंकरों को ले जाने के लिए किया जा सकता है।

ड्राइवरों को मिली स्वास्थ्य सुविधाएं

केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो एलओएक्स टैंकर ड्राइवरों को एक विशेष कोविड टीकाकरण अभियान की सुविधा दी जा सकती है और यदि वे कोविड संक्रमित पाए जाते हैं तो उन्हें अस्पतालों में दाखिल कराने और उपचार में प्राथमिकता दी जा सकती है।

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