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Wednesday, June 23, 2021
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हिमाचल : प्रोजेक्ट अधूरा, गडकरी खफा, नपेंगे अधिकारी

हिमाचल के दो अहम प्रोजेक्टों पर केंद्र सरकार सख्त नाराज
–प्रोजेक्ट पूरा न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
–हिमाचल के मुख्यमंत्री से की बात, जिम्मेदारों पर गिराएं गाज
–एनएचएआई को दिया निर्देश, सभी दोषी अफसरों को करें दंडित
–प्रोजेक्ट का टेंडर किया कैंसिल, 3 महीने में नया टेंडर के निर्देश
–हिमाचल को आदेश, जमीन अधिग्रहण, पेड़ों की कटाई एवं यूटिलिटी सिप्टिंग का काम तुरंत करवाएं
–शिमला बाईपास एवं सोलन-परवाणु मार्ग प्रोजेक्ट लापरवाही में अटका
–प्रोजेक्ट में देरी के लिए बनेगी कमेटी, होगी जांच, दोषी होंगे सस्पेंड

(ईशा सिंह )

नई दिल्ली : केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश के दो अहम प्रोजेक्टों शिमला बाईपास एवं सोलन-परवाणु के निर्माण में हुई देरी को लेकर सख्त नाराजगी जताई। साथ ही केंद्र सरकार की एजेंसी एनएचएआई एवं राज्य सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों पर खफा हुए। नितिन गडकरी ने उसी समय हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से फोन पर बात कर दोनों परियोजना में विलंब के असली दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। इसके अलावा इन दोनों महत्वपर्णू परियोजनाओं में एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के उन सभी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिनकी लापरवाही से प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका है। साथ ही इसकी जांच के लिए एनएचएआई को एक कमेटी बनाने का आदेश दिया है।

 

दोनों प्रोजेक्ट वर्ष 2018 में शुरू हुए थे और 2020 में पूरा हो जाना था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते कुछ किलोमीटर की सड़क नहीं बन पाई है। इसमें सबसे प्रमुख तीन चीजें थी। पहला जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पाया है और न ही बीच में पड़ते पेड़ों की कटाई। तीसरा यूटिलिटी सिप्टिंग का काम था, वह भी अधिकारियों ने नहीं करवाया। इन तीनों चीजों की वजह से परियोजना पूरी नहीं हो पाई और बीच में ही अटक गया। इसी को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जमकर फटकार लगाई।

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परियोजना से जुड़े टेंडर को कैंसिल करने का आदेश दिया। साथ ही एनएचएआई के अधिकारियों को तीन महीने के अंदर नया टेंडर निकालकर काम शुरू कराने के निदे्र्रश दिए हैं। इसके साथ ही गडकरी ने राज्य सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों को भी दो टूक स्पष्ट कह दिया है कि 3 महीने के अंदर वह जमीन अधिग्रहण, यूटिलिटी सिप्टिंग, पेड़ों की कटाई का काम पूरा करें।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस मौके पर मंत्रालय एवं एनएचएआई सहित सभी एजेंसियों को स्पष्ट कहा कि सड़क परियोजनाओं में अधिकारियों की लापरवाही से अगर देरी हुई तो उनपर गाज गिरना तय है।

बता दें कि हिमाचल के इन दोनों परियोजनाओं को लेकर सोमवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की। इस मौके पर परिवहन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक मंत्री ने मंत्रालय और एनएचएआई को निर्देश दिए कि वे राज्य सरकार को धन उपलब्ध कराने के लिए एक तंत्र विकसित करें, ताकि राज्य पीडब्ल्यूडी एनएच को बनाए रख सके और एजेंसी समय पर काम कर सके।

फिर पुराने फार्म में आए नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को फिर अपने पुराने फार्म में लौट आए। हिमाचल प्रदेश के दो अहम परियोजनाओं में हुई देरी पर जिस तरह से नाराजगी दिखाते हुए अपने तेवर दिखाए, अधिकारियों के पसीने छूट गए। ये वही नितिन गडकरी हंै, जिन्होंने मोदी सरकार के पहले शुुरुआती कार्यकाल में रेलवे के कई अटकी परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए रेलवे बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन को कमरे से नीचे फेंक देने की चेतावनी दे डाली थी। इसके अलावा मीटिंगों में वह अधिकारियों की जमकर क्लास लगाते रहे हैं, यह सभी राज्य के अधिकारियों को अमूनन पता है।

हिमाचल का दावा 85 फीसदी काम हुआ

बता दें कि बैठक में हिमाचल के अधिकारियों ने दावा किया कि शिमला बाईपास 4 लेन राजमार्ग बनाया जा रहा है। इसके अलावा परवाणू-सोलन एनएच का काम 85 फीसदी पूरा कर लिया गया है। एनएचएआई को इस भूमि को पूरा करने के लिए 31 जनवरी की समयसीमा निर्धारित की थी। इसी परियोजना में लंबित 3 पैच का भूमि हस्तांतरण नहीं हो पाया है। बैठक के दौरान हिमाचल के प्रमुख सचिव पीडब्लूडी ने मंत्री को राज्य में शिमला बाईपास, सोलन-परवाणू और विभिन्न अन्य एनएच परियोजनाओं की स्थिति से अवगत कराया और मंत्रालय और एनएचएआई से इन एनएच परियोजनाओं की गति बढ़ाने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।

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