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Tuesday, October 4, 2022

दुनिया को हंसाने वाले कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का निधन, सबको रूलाया

नई दिल्ली/ नेशनल ब्यूरो:  कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का 58 साल की उम्र में निधन हो गया। आज सुबह 10.20 पर उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अंतिम सांस ली। राजू श्रीवास्तव के निधन की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई हैं पूरा देश उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त कर रहा है। हर कोई अपने अंदाज में उन्हें याद कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी, सिनेमा जगत की हस्तियों, मीडिया जगत ने गहरा शोक जताया है। राजू को 10 अगस्त को जिम करते हुए हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान राजू की हालत स्थिर हुई, लेकिन फिर बिगड़ गई। एक महीने से ज्यादा समय तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद आखिरकार आज कॉमेडियन ने दम तोड़ दिया।

– 10 अगस्त को एम्स में भर्ती करवाया गया था
– जिम करते हुए हार्ट अटैक आया था, एक महीने तक वेंटिलेटर पर रहे

राजू श्रीवास्तव देश के सबसे पॉपुलर और पसंदीदा कॉमेडियन में से एक थे। कभी इन्होंने रियलिटी शो में बेहतरीन परफॉर्मेंस देकर लोगों को गुदगुदाया, तो कहीं फिल्मों के जरिए लोगों को मनोरंजन किया। राजू भले ही एक सफल सेलेब रहे, लेकिन इनका शुरुआती करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा।
राजू श्रीवास्तव का जन्म कानपुर की एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था।

बचपन में इन्हें सत्य प्रकाश नाम मिला था, जो आगे जाकर राजू श्रीवास्तव बन गए। इनके पिता रमेश चंद्र श्रीवास्तव एक सरकारी कर्मचारी थे और शौकिया तौर पर कविताएं लिखा करते थे। छुट्टियों में पिता कवि सम्मेलन का हिस्सा बना करते थे, जिन्हें बलाई काका नाम से पहचाना जाता था। पिता से राजू को भी लोगों का मनोरंजन करने का गुर विरासत में मिला। बचपन से ही राजू घर आए मेहमानों के सामने मिमिक्री करते और स्कूल में टीचर की भी नकल उतारकर लोगों को खूब हंसाते। कई टीचर उन्हें बद्तमीज कहते हुए सजा देते थे, लेकिन एक टीचर ऐसे भी थे जो इन्हें बढ़ावा दिया और कॉमेडी में करियर बनाने की सलाह दी।
लोगों ने राजू को लोकल क्रिकेट मैच में कमेंट्री करने की सलाह दी। इससे ये अपने हुनर को कॉन्फिडेंट के साथ लोगों के सामने पेश करने लगे। ये बचपन से ही कॉमेडियन बनना चाहते थे, लेकिन असल में इनकी प्रेरणा अमिताभ बच्चन थे। बिग बी की फिल्म दीवार देखने के बाद राजू ने एक्टर बनने का फैसला किया।
राजू बचपन से ही एक्टिंग और कॉमेडी में हाथ आजमाना चाहते थे, जिसके लिए वो 1982 में लखनऊ छोड़कर सपनों के शहर मुंबई चले आए। यहां ना रहने को घर था ना खाने के पैसे। घर से भेजे गए पैसे जब कम पड़ने लगे तो राजू ऑटो ड्राइवर बन गए। राजू अपनी सवारी को भी हंसाते थे। स्टेज शो करते हुए राजू श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन की भी नकल उतारा करते थे। यहीं से लोगों ने उनके लुक की तुलना अमिताभ बच्चन से करना शुरू कर दी।
भाजपा की वरिष्ठ नेता सरोज पांडेय ने कहा कि सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जी के निधन का दुखद समाचार मिला। उनका जाना कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके परिजनों एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना है। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सभी को हंसाने वाले जबर्दस्त कलाकार राजू श्रीवास्तव जी आज सभी को रुला गए। उनके निधन की खबर से स्तब्ध हूँ, निशब्द हूँ। उनके परिवार,चाहने वालों के प्रति मेरी भावभीनी संवेदना। ॐ शांति।

राजू श्रीवास्तव जी का एक विशिष्ट अंदाज था : अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जी का एक विशिष्ट अंदाज था, उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। उनका निधन कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। मैं उनके परिजनों व प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति शांति

हास्य कला की दुनिया में अपनी एक अलग छाप छोड़ी: नडडा

बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने टवीट कर दुख जताया है। साथ ही कहा कि सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री राजू श्रीवास्तव जी के निधन का समाचार सुनकर नि:शब्द हूँ। राजू श्रीवास्तव जी ने हास्य कला की दुनिया में अपनी एक अलग छाप छोड़ी।शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिजनों एवं प्रशंसको के साथ है।ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।

 

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