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Friday, October 22, 2021
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खुशखबरी, लोकसभा चुनाव से पहले देश के बाकी हिस्सों से कनेक्ट हो जाएगा जम्मू कश्मीर

-लोकसभा चुनाव से पहले देश के बाकी हिस्सों से कनेक्ट हो जाएगा जम्मू कश्मीर
-विश्व की सबसे ऊंची जोजिला टनल दिसंबर 2023 में हो जाएगी तैयार
– जम्मू से श्रीनगर 3 घंटे, दिल्ली से श्रीनगर का सफर 10 घंटे में तय होगा सफर
– मोदी सरकार के 6 प्रोजेक्ट बदलेंगे जम्मू कश्मीर और लद्दाख की तस्वीर

जोजिला (जम्मू कश्मीर) /खुशबू पाण्डेय : जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख 2024 लोकसभा चुनाव से पहले देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह से कनेक्ट हो जाएगा। इसके लिए मोदी सरकार ने कुल 6 अहम प्रोजेक्ट जम्मू कश्मीर में शुरू किया है। इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका एशिया की सबसे लम्बी और विश्व की सबसे ऊंची जोजिला टनल का होगा। 14.5 किलोमीटर लम्बी टनल दिसंबर 2023 में तैयार हो जाएगी। जोजिला के साथ ही
श्री नगर- लेह राजमार्ग पर बनाई जा रही 6.5 किलोमीटर की जेड-मोड़ सुरंग बन रही है , जो ऐतिहासिक है ।
इसके बाद 26 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया कि लोकसभा चुनावों से पहले जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोंगो को सबसे बड़ा तोहफा होगा। वैसे तय समय के अनुसार जोजिला टनल का निर्माण कार्य सितंबर 2026 पूरा होना है।
इसके बाद दोनों केंद्र शासित राज्यों की सामाजिक, आर्थिक एवं सामान्य जनजीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दोनों टनल की समीक्षा करने के बाद कहा कि 14.5 किलोमीटर लंबे जोजिला टनल के बनने के बाद पहली बार कारगिल और लेह-लद्दाख का इलाक़ा पूरे साल सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। इस टनल के बनने से अभी लगने वाला 3.5 घंटे का समय मात्र 15 मिनट तक सिमट जाएगा। फ़िलहाल जोजिला में एक ही टनल का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन गडकरी ने कहा कि सरकार दूसरे टनल को बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। जोजिला में दूसरे टनल के साथ जेड मोड़ टनल की तरह इस्केप टनल भी बनाया जाएगा। जोजिला टनल के पहले नितिन गडकरी ने जेड मोड़ टनल का भी निरीक्षण किया। जेड मोड़ में मुख्य टनल का निर्माण कार्य 24 सितंबर को और इस्केप टनल का काम जून में पूरा हो चुका है। गडकरी ने इस्केप टनल के रास्ते एक सिरे से दूसरे सिरे का दौरा किया। इस्केप टनल के मार्फ़त जेड मोड़ टनल को आंशिक रूप से इसी सर्दी के पहले खोल दिया जाएगा । जिससे सोनमर्ग का रास्ता पूरे साल के खुल जाएगा। गडकरी ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में सड़क परियोजना के विकास पर तेज़ी से काम कर रही है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर में 32 टनल और लद्दाख में 20 टनल का निर्माण किया जा रहा है। गडकरी के अनुसार अगले तीन-चार साल में लद्दाख को मनाली और श्रीनगर दोनों रास्तों से पूरे साल सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाएगा। मनाली के रास्ते में अटल टनल के बाद चार अन्य टनल का निर्माण किया जा रहा है। जोजिला और जेड-मोड़ सुरंग के पूरा होने के बाद स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गगनगिर और सोनमर्ग के बीच जेड-मोड़ सुरंग जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर और लद्दाख के कारगिल के बीच हर मौसम परिस्थितियों में संपर्क उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा राजधानी दिल्ली से श्रीनगर के बीच दूरी भी घट जाएगी इसके लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। साथ ही जम्मू से श्रीनगर मात्र 3 घंटे में आप पहुंच जाएंगे। अभी 9 से 10 घंटे लग जाते हैं। केंद्र मंत्री नितिन गडकरी की मानें तो दिल्ली से श्रीनगर के बीच बनने वाले विशेष हाईवे के किनारे रोजगार के पूरे साधन मुहैया कराए जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को काम मिल सके।

जम्मू-कश्मीर में 52 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 20 सुरंगों का निर्माण

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि उनका मंत्रालय जम्मू-कश्मीर में 52 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 20 सुरंगों का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा लद्दाख में 20 किलोमीटर की 11 सुरंग का निर्माण चल रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संघ शासित क्षेत्रों में इन 11 सुरंग के निर्माण पर कुल 1.4 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी।

50 साल में जो काम नही हुआ हमने 2 साल में किया

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया कि पिछले दो साल के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सड़क परियोजनाओं में जितना काम किया है उतना पहले 50 साल में हुआ था। उन्होंने कहा कि पर्यटन ऐसा क्षेत्र है जिसमें 49 प्रतिशत पूंजीगत खर्च रोजगार सृजन पर होता है। यह पूछे जाने पर कि क्या जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संघ शासित क्षेत्र बनने के बाद जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण कार्य तेज हुआ है, गडकरी ने कहा कि यह अंदाजा आपको लगाना है। ये सब बातें आपके अध्ययन और ङ्क्षचतन के लिए हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सड़क परिवहन मंत्री ने बताया कि जोलिला सुरंग में सुरक्षा का पूरा ध्‍यान रखा जा रहा है। जगह-जगह फायर फाइटिंग सिंस्‍टम लगाए जाएंगे, जिससे किसी वाहन में आग लगने पर स्‍वयं अलार्म बज जाएंगे। इमरजेंसी के लिए फोन लगाए जाएंगे। जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।इसके अलावा मॉनिटर करने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। सुरंग बनाने में मलबे का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।उन्‍होंने बताया कि खुदाई के दौरान निकलने वाले पत्‍थरों से ही रेत, कंक्रीट बनाकर बनाया जा रहा है। इसके लिए सुरंग के पास प्‍लांट भी बनाए हैं।

मेघा कंपनी बना रही है एशिया की सबसे लंबी ज़ोजिला टनल

मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्राट्रक्चर लिमिटेड भारत की बडी इंजीनियरिंग कंपनी है, जो कठिन परिस्थितियों में भी हिमालय में प्रतिष्ठित सुरंग परियोजना ज़ोजिला का निर्माण कर रही है। यह इस तरह के भौगोलिक क्षेत्र में इतना बडा पहला कार्य है। सुरंग की लंबाई 14.15 किलोमीटर है जो भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग और एशिया की सबसे लंबी दो तरफा सड़क वाली सुरंग होगी। इस मार्ग पर कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है और कार्य तेज़ गति से चल रहा है। इस सुरंग का निर्माण जम्मू- कश्मीर लद्दाख क्षेत्र में परिवहन की सेवा के लिए किया जा रहा है और यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र लेह को हर मौसम में यातायात उपलब्ध कराएगा।

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