spot_img
20.1 C
New Delhi
Friday, December 3, 2021
spot_img

‘बब्बर शेर’ का बाहरी ‘हंस’ दिल्ली में पड़ा भारी

spot_imgspot_img
Indradev shukla

(नीता बुधौलिया )

Indradev shukla

नई दिल्ली, 23 मई : दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा इस बार भी बरकरार रहा। इसमें दो सीटों उत्तर-पश्चिमी दिल्ली एवं पूर्वी दिल्ली से प्रत्याशी बदले गए थे। दोनों मोदी की सुनामी में जीत गए। इसमें उत्तर-पश्चिमी दिल्ली सीट पर मैदान में उतरे जाने-माने सूफी गायक हंस राज हंस ने आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी गुगन सिंह को भारी मतों से हरा दिया। हंस पंजाब से आकर दिल्ली में झंडा फहरा दिया। हंसराज हंस को 8, 47, 737 वोट मिले हैं। इनका वोट प्रतिशत 60.47 प्रतिशत रहा है। जबकि, आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी गुगन सिंह को 2,94,662 वोट मिले। इनका वोट प्रतिशत 21.02 प्रतिशत और कांग्रेस के प्रत्याशी राजेश लिलोठिया तीसरे स्थान पर रहे हैं। उन्हें 2, 36, 803 मत प्राप्त हुए हैं। इनका वोट प्रतिशत 16.89 प्रतिशत रहा है। इस सीट पर कुल 11 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। खास बात यह है कि इस सीट पर नोटा को भी कुल 10199 वोट मिले हैं। इसका कुल प्रतिशत 0.73 होता है।


गौरतलब है कि दिल्ली की सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी ने हंसराज हंस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का आरोप लगाते हुए दिल्ली के एक मात्र सुरक्षित सीट उत्तर पश्चिमी से उन्हें चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य बताया था व इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की थी। लेकिन लोकसभा के आए रिजल्ट से यह स्पष्ट हो रहा है कि मतदाता पर आप के इन आरोपों व मुद्दे का भी असर नहीं पड़ा है। इसके अलावा जिस तरह से कांग्रेस तीसरे नंबर है, उससे मौजूदा सांसद उदित राज के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने से भी भाजपा को कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। खास बात यह है कि अपने प्रचार के दौरान हंसराज हंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धि गिनाकर वोट मांगते रहे हैं, जनता ने भी उन्हें मोदी के नाम पर वोट दिया है, जिसके दम वह रुझानों में लगातार आगे बने रहे।
बता दें कि हंसराज हंस ने दिसम्बर 2016 में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किया था। इसके बाद साल 2017 के दिल्ली एमसीडी चुनाव में कई रैलियां और सभाएं कीं, जिसका नतीजा बीजेपी की जीत के रूप में देखा गया। इसीलिए बीजेपी ने दिल्ली की उत्तरी-पश्चिमी सीट से मौजूदा सांसद उदित राज का टिकट काट कर इस बार हंस को उम्मीदवार बनाया। खास बात यह है कि भाजपा का दामन थामते वक्त हंसराज हंस ने कहा था कि मोदी बब्बर शेर हैं। दिल्ली की इस प्रमुख सीट पर दिनभर के रुझानों से यह लग रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रवाद, सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दे को जनता ने समर्थन किया है, तो जनता हंसराज पर बाहरी होने के आप के आरोपों को भी सिरे से नकार दिया।

अकाली दल और कांग्रेस में भी रह चुके हैं हंसराज


हंसराज हंस का जन्म 9 अप्रैल 1962 को जालंधर के शफीपुर में हुआ। हंस राज हंस ने 2009 में शिरोमणि अकाली दल से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। फिर पांच साल बाद 2014 में हंसरास हंस ने अकाली दल छोड़ कर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। करीब दो साल कांग्रेस में रहने के बाद हंसराज हंस ने दिसंबर 2016 में बीजेपी ज्वाइन कर लिया।

spot_imgspot_imgspot_img

Related Articles

epaper

spot_img

Latest Articles

spot_img