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Tuesday, January 25, 2022
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किसानों की शहादत को स्वीकार करे केंद्र सरकार, पीडित परिवारों को दे मुआवजा

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-हरसिमरत कौर बादल ने की एमएसपी को वैधानिक अधिकार बनाए जाने की मांग
-दिल्ली के साथ देश के अन्य राज्यों में किसानों के खिलाफ दर्ज झूठे केस वापस हों
-केंद्र सरकार पहले ही अकाली दल की बात मान लेती तो 800 किसानों की शहादत न होती

Indradev shukla

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने आज संसद से किसान आंदोलन के दौरान मारे गए 800 किसानों की शहादत को स्वीकार करने और उनके परिवारों को मुआवजा देने के अलावा श्रद्धाजंलि देने की मांग की है। पूर्व मंत्री ने विरोध कर रहे किसानों और उनके मकसद के साथ एकजुटता में केंद्रीय मंत्रिमंडल छोड़ दिया था, तथा मांग की कि सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया जाना चाहिए और इसे वैधानिक अधिकार बनाया जाना चाहिए।
संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि सदन को किसान आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए। हम सभी जानते हैं कि इन किसानों ने खेतिहर मजदूरों सहित किसान समुदाय के व्यापक हित में शांतिपूण और लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। सदन को उनके साथ एकजुटता व्यक्त करनी चाहिए और किसानों को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए गए तीनों खेती कानूनों को रदद करने की उनकी उचित मांग तथा किसानों को जो कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उस पर भी खेद व्यक्त करना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्र सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को कानूनी रूप देना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी फसलें चाहे वह सरकारी यां निजी एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहले एक कमेटी के प्रमुख के रूप में एमएसपी को वैधानिक अधिकार बनाने के कारण को समर्थन किया था और सरकार को इस मांग को स्वीकार करने में देरी नही करनी चाहिए।

किसानों के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामलों को वापिस लेने की मांग

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र से दिल्ली के साथ साथ देश के अन्य राज्यों में किसानों के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामलों को वापिस लेने की मांग की। यह सब तेजी से किया जाना चाहिए ताकि किसान अपना आंदोलन बंद कर अपने घरों को लौट सकें। सरदारनी बादल ने कहा कि अगर केंद्र ने पहले अकाली दल की बात सुनी होती और संसद में तीनों खेती विधेयकों को पारित न किया होता तो 800 बहुमूल्य जानें बच जातीं। उन्होंने कहा कि अपने गठबंधन सहयोगी की बात न सुनकर भाजपा ने अपनी छवि भी खराब की है और उस पर काले कानून थोपकर किसान समुदाय के गुस्से का सामना भी किया है।

केजरीवाल को पहले दिल्ली में किए गए वादों को लागू करना चाहिए

Indradev shukla

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पहले दिल्ली में किए गए वादों को लागू करना चाहिए। आप को दिल्ली में सभी महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपये जारी करना चाहिए, इसके अलावा दिल्ली में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को प्रति बिल चक में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना को लागू करना चाहिए। बादल ने कहा कि तथ्य यह है कि उन्होंने दिल्ली मेेंं लागू करने की इन मांगों पर विचार तक नहीं किया है, जो यह उजागर करता है कि केजरीवाल पंजाबियों को धोखा देने कोशिश कर रहे हैं।

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