spot_img
32.1 C
New Delhi
Thursday, June 24, 2021
spot_img

सुप्रीम कोर्ट के छह न्यायाधीश को हुआ स्वाइन फ्लू

–प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने बुलाई बैठक
–संक्रमण से बचाने के लिए टीका लगाने का दिया सुझाव
–शीर्ष अदालत ने तत्काल कदम उठाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से की बातचीत

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : उच्चतम न्यायालय (Supreme court) के छह न्यायाधीशों को स्वाइन फ्लू हो गया है। इसकी जानकारी होने पर प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने मंगलवार को शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के साथ बैठक की। साथ ही सुझाव दिया कि वकीलों और न्यायालय के कर्मचारियों को इस संक्रमण से बचाने के लिये टीका लगाया जाना चाहिए। यह मुद्दा उस समय सामने आया जब न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ ने वकीलों से कहा कि शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की प्रधान न्यायाधीश के साथ बैठक हुयी, जिसमें स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिये कदम उठाने का निर्णय किया गया।

न्यायमूर्ति चन्द्रचूड़ ने कहा कि बैठक में फैसला किया गया कि वकीलों के लिये भी एच1एन1 के टीके उपलब्ध कराये जायें। प्रधान न्यायाधीश ने उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ भी इस विषय पर चर्चा की। इस बैठक की वजह से प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ सुबह साढ़े दस बजे की बजाय 11.08 बजे बैठी। शीर्ष अदालत के प्रशासन ने तत्काल कदम उठाने के लिये स्वास्थ्य मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की है।

शीर्ष अदालत के सूत्रों ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश ने सेक्रेटरी जनरल से कहा कि वह सीजीएचएस सुविधा बढ़ाने और एक अस्थाई चिकित्सालय स्थापित करने के बारे में मंत्रालय से बात करें ताकि जरूरत पडऩे पर वकीलों को भी एच1एन1 की चिकित्सा सुविधा मिल सके। सूत्रों ने बताया कि सीजीएचएस सुविधाओं को बढ़ाने और डिस्पेंसरी स्थापित करने के लिये पहले ही कदम उठाये जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश और न्यायाधीश इस स्थिति से निबटने के लिये प्रभावी कदम उठाने के प्रति चिंतित थे। वे चाहते हैं कि उच्चतम न्यायलाय में टीकाकरण प्रक्रिया शुरू की जाये।

उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के सचिव अशोक अरोड़ा ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश ने सुबह बैठक बुलायी थी और एच1एन1 की गंभीरता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बुधवार को शीर्ष अदालत में एच1एन1 के फैलने के बारे में जागरूकता कार्यक्रम होगा और बृहस्पतिवार से इसका टीकाकरण अभियान शुरू होगा। अरोड़ा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी शीर्ष अदालत परिसर में सीजीएचएस डिस्पेंसरी में सुविधायें बढ़ाने सहित कई प्रधावी कदम उठाने के लिये बुधवार को न्यायालय आयेंगे।

Related Articles

epaper

Latest Articles