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Saturday, April 10, 2021

गृह मंत्रालय का निर्देश, कोविड निर्देशों को सख्ती से लागू करें राज्य

–गृहमंत्रालय ने जारी किया आदेश, 1 दिसम्बर से होंगे लागू
–एसओपी का सख्ती से पालन करें, भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी
–कोरोना के खिलाफ अब तक जो सफलता मिली उसे बरकरार रखना होगा
–त्याहारों और सर्दीे के मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें
–कंटेनमेंट जोन में सभी दिशानिर्देशों को लागू करना अनिवार्य

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश जारी किया है। साथ ही कहा है कि संबंधित दिशा निर्देशों और एहतियाती उपयों एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू होना चाहिए। गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक आदेश जारी कर कोविड संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी, उपाय और सतर्कता से संबंधित दिशा निर्देश भी जारी किए। आदेश 1 दिसंबर से प्रभावी होगा और 31 दिसंबर, 2020 तक लागू रहेगा। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इन दिशा निर्देशों को पूरी सख्ती से लागू करने को कहा है। साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि कोरोना के खिलाफ अभियान में अब तक देश ने जो सफलता हासिल की है उसे बरकरार रखते हुए इसे और मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जाएं। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में सभी दिशानिर्देशों को पूरी तरह से लागू किया जाए और वहां केवल अनिवार्य सेवाओं की गतिविधि की ही अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही कंटेनमेंट जोन के बाहर जोन और उनमें अंदर आने पर भी पूरी तरह से रोक लगाने को कहा गया है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे त्याहारों और सर्दी के मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें तथा जिला, स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और पुलिस को गृहमंत्रालय तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिदेशों और मानक संचाल प्रक्रिया को लागू करने के लिए जवाबदेह बनाए। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
गृहमंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि हालात के आकलन के आधार पर राज्य और संघ शासित क्षेत्र कोविड-19 के प्रसार पर रोकथाम के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर बंदिशें लगा सकते हैं।

गहन घर-घर निगरानी की जाएगी

गृहमंत्रालय ने कहा है कि कंटोनमेंट जोन में बनाए गए निगरानी दलों के द्वारा गहन घर-घर निगरानी की जाएगी। सुझाए गए प्रोटोकॉल के तहत जांच कराई जाएगी। पॉजिटिव पाए गए सभी लोगों के मामले में संपर्कों की सूची बनाने के साथ ही उनकी निगरानी, पहचान, 14 दिन के लिए क्वारंटाइन और व्यवस्था की जाएगी और अनुवर्ती जांच की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 80 प्रतिशत संपर्कों का 72 घंटों के भीतर पता लगाया जाएगा। कोविड-19 मरीजों का उपचार केन्द्रों एवं घरों में त्वरित आइसोलेशन (एकांत) सुनिश्चित किया जाएगा। सुझाए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर उपचार की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य केन्द्रों या आउटरीट मोबाइल यूनिट्स या बफर जोन्स में फीवर क्लीनिक्स के माध्यम से आईएलआई एवं एसएआरई के मामलों की निगरानी की जाएगी।

मास्क पहनने, हाथ धोने एवं सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य

गृहमंत्रालय ने कहा है कि राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें कोविड-19 संबंधी उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने और मास्क पहनने, हाथों को बार-बार धोने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेंगी। इसके अलावा
चेहरे पर मास्क पहनने की मुख्य आवश्यकता को लागू करने के लिए, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार कर सकती हैं, जिसमें उपयुक्त जुर्माना लगाने से लेकर, सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर चेहरे पर मास्क न पहनने वाले व्यक्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में विशेष जोर दें

मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों, विशेषकर बाजारों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में सोशल डिस्टेंसिंग के अवलोकन के लिए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एक मानक संचालन प्रक्रिया-एसओपी जारी करेगा, जिसे राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा। कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय निर्देशों का पूरे देश में पालन किया जाएगा, ताकि कोविड-19 संबंधी उपयुक्त व्यवहार को लागू किया जा सके।

निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया-एसओपी का कड़ाई से पालन

नियंत्रण (कंटेनमेंट) क्षेत्र के बाहर सभी गतिविधियों की अनुमति दी गई है, केवल कुछेक को छोडक़र, जिन्हें कुछ प्रतिबंधों के साथ अनुमति दी गई है। इनमें यात्रियों के लिये अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा, गृह मंत्रालय की अनुमति के अनुसार संचालित होगी। सिनेमा हॉल और रंगमंच, 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे। स्विमिंग पूल, केवल खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण के लिए।
प्रदर्शनी हॉल, केवल आपसी व्यवसाय (बी 2 बी) प्रयोजनों के लिए खुलेंगे। सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक सभा, हॉल की क्षमता का अधिकतम 50 प्रतिशत, बंद स्थानों में 200 व्यक्तियों की प्रतिबंधित संख्या के साथ, और खुले स्थानों में, मैदान/स्थान के आकार को ध्यान में रखते हुए। हालांकि, स्थिति के उनके आकलन के आधार पर, राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेश बंद स्थानों में 100 व्यक्तियों या उससे कम सीमा को और कम कर सकते हैं।

स्थानीय प्रतिबंध लगा सकते हैं राज्य

गृहमंत्रालय ने कहा कि स्थिति के अपने आकलन के आधार पर, राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश, कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिये स्थानीय प्रतिबंध लगा सकते हैं, जिसमें रात के कफ्र्यू जैसे प्रतिबंध शामिल है। हालांकि, राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश सरकारें केंद्र सरकार के पूर्व परामर्श के बिना, किसी भी स्थानीय लॉकडाउन (राज्य-जिला-उप-विभाग-शहर स्तर) को नियंत्रण क्षेत्रों से बाहर नहीं लगाएंगी। कार्यालयों में सुरक्षित दूरी के नियम को लागू करने की आवश्यकता है। शहरों में, जहां साप्ताहिक संक्रमण की दर 10 प्रतिशत से अधिक है, संबंधित राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को एक ही समय में कार्यालय में भाग लेने वाले कर्मचारियों की संख्या को कम करने के दृष्टिकोण के साथ कार्यालय का कार्य समय अलग-अलग समय पर शुरू करने और अन्य उपयुक्त उपायों को लागू करने पर विचार करना होगा, जिससे सुरक्षित दूरी का पालन सुनिश्चित होगा।

जाने-आने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा

गृह मंत्रालय ने कहा है कि पड़ोसी देशों के साथ संधियों के तहत सडक़ मार्ग से सीमा पार करके होने वाले व्यापार के लिए व्यक्तियों और वस्तुओं के अंतर-राज्यीय और राज्य के बाहर आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह के आवागमन के लिए कोई अलग से अनुमति, अनुमोदन ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी।

कमजोर व्यक्तियों के लिए संरक्षण

गृह मंत्रालय ने कमजोर व्यक्तियों, अर्थात, 65 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों, विभिन्न बीमारी वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने और स्वास्थ्य जरूरतो के उद्देश्यों को छोडक़र, घर पर रहने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।

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