spot_img
27.1 C
New Delhi
Sunday, September 19, 2021
spot_img

दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब सहित 6 राज्यों में 42 स्थानों पर छापेमारी

–फर्जी बिल बनाकर पैसों की हेराफेरी करने वाले नेटवर्क का भांडाफोड़
— नकली बिलों के आधार पर 500 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी के सबूत मिले
-2.37 करोड़ रुपये नकद और 2.89 करोड़ रुपये के जवाहरात बरामद
–आयकर विभाग की कार्रवाई में 17 बैंक लॉकरों का पता चला
–फर्जी कंपनियों के नाम पर खेल, बैंक अधिकारी और कंपनियां शामिल

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : आयकर विभाग ने फर्जी बिल बनाकर बड़े पैमाने पर पैसों की हेरा-फेरी करने वाले लोगों के एक बड़े नेटवर्क का भांडाफोड़ करते हुए राजधानी दिल्ली सहित 6 राज्यों में राष्ट्रीय स्तर पर छापेमारी की है। इस दौरान नकली बिलों के आधार पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेरा-फेरी के सबूत मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। छापेमारी की कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर के अलावा, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में करीब 42 स्थानों पर की गई है। इस दौरान फर्जी बिल के आधार पर पैसों की हेरा-फेरी करने वाले एंट्री ऑपरेटरों, बिचौलियों, लाभार्थियों और कंपनियों के खिलाफ कई सबूत जब्त किए गए।

यह भी पढें…यूपी के ‘लोकल उत्‍पाद’ दे रहे चाइना के उत्‍पादों को टक्‍कर

तलाशी के दौरान कई ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जिनसे पता चला है कि एंट्री ऑपरेटरों ने फर्जी बिल के आधार पर बेहिसाब धन की निकासी और असुरक्षित ऋण देने के लिए कई फर्जी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल किया। इसमें ऐसे ऑपरेटरों, उनके नकली भागीदारों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ लाभार्थियों के विवरण भी स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो जिन लोगों के खिलाफ तलाशी की गई है उनके परिजनों और उनके करीबी कर्मचारियों के नाम पर कई बैंक खाते और लॉकर तथा फर्जी कंपनियां खोले जाने की जानकारी भी मिली है। ये सारे काम बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किए गए हैं।

यह भी पढें…महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ योगी सरकार का बङा फैसला

इस फर्जी धंधे से लाभ उठाने वाले लोगों ने कई बड़े शहरों में रियल एस्टेट कारोबार में निवेश किया है और करोड़ों रुपये बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट किए हैं। इनकम टैक्स विभाग की ओर से हुई हाईलेवल छापेमारी एवं तलाशी के दौरान 2.37 करोड़ रुपये नकद और 2.89 करोड़ रुपये मूल्य के जवाहरात बरामद हुए हैं। इसके साथ ही ऐसे 17 बैंक लॉकरों का भी पता चला है जिनका अभी तक इस्तेमाल नहीं किया गया है। आयकर विभाग इस मामले में आगे और जांच कर रहा है।

Related Articles

epaper

Latest Articles