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Tuesday, December 7, 2021
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JP नड्डा का दावा, BJP का उत्कर्ष आना अभी बाकी, नए अध्याय लिखेगी पार्टी

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-नडडा ने सिखों को भी साधने का प्रयास किया, गिनाई उपलब्धियां
-बंगाल की जनता के साथ भाजपा चट्टान की तरह खड़ी है : नडडा
–बंगाल को बचाने के लिए भाजपा बदल देगी राजनीतिक माहौल
–भाजपा का जिन राज्यों में विस्तार हो रहा है, चुनौतियां भी वहीं हैं

Indradev shukla

नई दिल्ली/ शरद पाण्डेय : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए। साथ ही दावा किया कि पार्टी पिछले सात सालों से केंद्र की सत्ता में है और पूरब से लेकर पश्चिम तथा उत्तर से लेकर दक्षिण तक कई राज्यों में उसकी सरकारें भी हैं। लेकिन, उसका उत्कर्ष आना अभी बाकी है। नई दिल्ली में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति का उद्घाटन करते हुए नड्डा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा प्रगति के पथ पर गतिशील होते हुए सफलता के नए अध्याय लिखने के लिए तत्पर है और भारत विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित होगा। उन्होंने इस दौरान सिखों को भी साधने का प्रयास किया और इस कड़ी में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया। इनमें 1984 के दंगों के आरोपियों को सजा दिलाने, गुरुद्वारों को विदेशों से मिलने वाली वित्तीय सहायताओं की व्यवस्था करना और लंगर सेवा को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना शामिल है। ज्ञात हो कि पंजाब ओर उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव होने हैं।

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Indradev shukla

इस मौके पर कार्यकारिणी ने कोविड-19 महामारी के दौरान देश को कुशल नेतृत्व देने और 80 करोड़ से अधिक गरीब जनता को मुफ्त अनाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए सराहना की। नड्डा ने इसे मानव इतिहास का सबसे बड़ा अनाज कार्यक्रम करार दिया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि राजनीति विज्ञान की ²ष्टि से यदि कोई भाजपा के उभार का विश्लेषण करेगा तो पाएगा कि भारतीय राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम हुआ है। लगभग 10 करोड़ वाले इस राज्य में भाजपा के प्रति जन आस्था में तीव्र विकास हुआ है। वर्ष 2016 के चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत जहां नगण्य था, वहीं पिछले चुनाव में उसे 38 प्रतिशत के करीब मत मिले। पार्टी ने लोकसभा की 18 सीटें जीतीं और विधानसभा में 77 सीटें हासिल कीं। नड्डा ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन का विशेष उल्लेख किया। साथ ही आरोप लगाया कि चुनाव बाद ङ्क्षहसा में राज्य में पार्टी के 53 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, जबकि एक लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में भाजपा प्रजातांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ेगी और अराजक तत्वों को जवाब देगी। बंगाल की जनता के साथ भाजपा चट्टान की तरह खड़ी है। आने वाले समय में जब भी बंगाल में चुनाव होगा तब भाजपा प्रजातांत्रिक तरीके से बंगाल को बचाने के लिए, बंगाल में प्रजातंत्र और संविधान को बहाल करने के लिए अपनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा का जहां लगातार विस्तार हो रहा है, वहीं उसके सामने अभी कुछ चुनौतियां भी हैं। बैठक में इनकी समीक्षा की गई और केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा ओर तेलंगाना में संगठन को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, भाजपा का उत्कर्ष आना अभी बाकी है।

भाजपा की सरकार बनाने का प्रयत्न होगा

नड्डा ने कहा कि जहां भी भाजपा सत्ता में नहीं आ पाई है, वहां की राज्य सरकारों की नाकामी को मुद्दा बनाते हुए भाजपा की सरकार बनाने का प्रयत्न होगा। उन्होंने कहा, आंध्र प्रदेश, ओडि़शा, तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए हम कृतसंकल्प हैं। तेलंगाना में हाल में हुए दोनों विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जिस तरह कमल खिलाया है, उससे यह निश्चित है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में हम तेलंगाना में सरकार बनाने जा रहे हैं। केरल में जिस तरह तुष्टिकरण की राजनीति चल रही है, वह भत्र्सनीय है। वहां हमें भाजपा को और सशक्त तथा मजबूत बनाना है। महाराष्ट्र की कांग्रेस, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के गठबंधन वाली महा आघाड़ी सरकार पर भी उन्होंने हमला बोला और उसे महावसूली और भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार करार देते हुए उसे उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

25 दिसंबर तक संगठन की सभी समितियों का गठन होगा

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए इस साल 25 दिसंबर तक सभी मतदान केंद्रों में बूथ समितियों का गठन, अप्रैल 2022 तक पूरे देश में पन्ना प्रमुखों की समिति का गठन और प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को बूथ स्तर पर सुनने की व्यवस्था करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से हर घर दस्तक कार्यक्रम को सफल बनाने का भी आह्वान किया।

आडवाणी, जोशी अपने निवास से डिजिटल माध्यम से हुए शामिल

कोरोना महामारी के सामने आने के बाद इस पहली आमने-सामने की बैठक में भाजपा अध्यक्ष नड्डा समेत राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 124 सदस्य व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि मुख्यमंत्री और 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य इकाइयां डिजिटल माध्यम से बैठक से जुड़ीं। पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी अपने-अपने निवास पर डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए।

तरूण चुघ ने पेश किया शोक प्रस्ताव

भाजपा महासचिव तरूण चुग ने शोक प्रस्ताव पेश किया और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यकारिणी की यह बैठक दो साल बाद हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते 2019 के बाद यह बैठक नहीं हो सकी थी। कार्यक्रम स्थल भाजपा के झंडों और प्रधानमंत्री मोदी व नड्डा सहित अन्य नेताओं के पोस्टरों से पटा पड़ा है। ऐसे ही कुछ पोस्टरों में मोदी को विश्व प्रिय नेता बताया गया है। कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार पर एक तरफ मोदी तो दूसरी तरफ नड्डा की आदमकद तस्वीर लगी है और साथ ही वहां उल्लेख किया गया है ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम, जन सामथ्र्य से देश रच रहा इतिहास। कार्यक्रम में शामिल होने वाले नेताओं को तापमान जांच सहित कोविड से बचाव की अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा।

दिल्ली भाजपा के नेताओं ने अतिथियों का स्वागत किया

दिल्ली प्रदेश भाजपा की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी नेताओं का ढोल-नगाड़े और नारेबाजी के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान वहां कुछ महिलाएं छठ पूजा की सामग्री के साथ छठ से जुड़े पारंपरिक गीत गाती नजर आईं। यहां एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें कोविड टीकाकरण सहित केंद्र सरकार की अन्य उपलब्धियों का बखान किया गया है।

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