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Saturday, July 31, 2021
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किसान आंदोलन के बीच राजस्थान में खिला कमल, BJP गदगद

–BJPका दावा, कृषि सुधारों व सरकार की नीतियों के साथ हैं राजस्थान के किसान
–कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की शानदार जीत और कांग्रेस की करारी हार
–राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों ने दशकों के ट्रेंड को बदला
–पहले प्रदेश में जिसकी सरकार होती थी, जीत उन्हीं की होती थी
–प्रदेश में सरकार कांग्रेस की है, जीत की कहानी भाजपा ने लिखी

नई दिल्ली/नीता बुधौलिया : कृषि बिलों के खिलाफ चल रहे किसान देशव्यापी आंदोलन के बीच राजस्थान में पंचायत राज और जिला समितियों के हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। इसको देखते हुए भाजपा गदगद है। पार्टी ने इस सफलता के लिए राजस्थान की जनता के प्रति आभार प्रकट करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही भाजपा ने दावा किया कि राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में ढाई करोड़ मतदाताओं में मुख्यत: किसान मतदाता थे और उन्होंने खुले मन से भाजपा को आशीर्वाद देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों, योजनाओं और कृषि सुधारों को स्वीकारा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर एवं पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव ने पत्रकारों से कहा कि राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों ने दशकों के ट्रेंड को बदल कर रख दिया है। 2010 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, तब कांग्रेस को 24 जिला परिषदों में सफलता मिली थी जबकि भाजपा को केवल 5 सीटें मिली थी। इसके बाद वसुंधरा सरकार में भाजपा को 21 जिला परिषद् सीट पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस को केवल 12 सीटें मिली थी लेकिन इस बार प्रदेश में सरकार तो कांग्रेस की है लेकिन जीत की कहानी भारतीय जनता पार्टी ने लिखी है। उन्होंने कहा कि राज्य के मतदाताओं ने प्रदेश का ट्रेंड बदल दिया है।

इन चुनावों में जीत के लिए कांग्रेस ने क्या कुछ नहीं किया था? चुनाव के अंतिम क्षणों में राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने परिसीमन का दांव खेला, ताकि कांग्रेस की जीत हो सके, उसने धन-बल से जीत की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस की करारी हार हुई। उन्होंने कहा कि राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों की दो और विशेषता रही है। एक तो यह कि भाजपा की जीत और कांग्रेस की हार का अंतर बहुत अधिक है और दूसरा यह कि कांग्रेस के बड़े नेताओं के गढ़ में भी भाजपा की शानदार जीत और कांग्रेस की करारी हार हुई है। भाजपा नेताओं के मुताबिक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के इलाके में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है तो उप-मुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट के क्षेत्र टोंक में जिला परिषद् में भाजपा जीती है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के चार बड़े मंत्री अपने इलाकों में जिला परिषद् गंवा बैठे। ये आने वाले समय में भाजपा के लिए एक शुभ सूचक है।

राजस्थान के करोड़ों किसान कृषि सुधारों के पक्ष में

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि पंचायत समितियों, ब्लॉक पंचायतों एवं जिला परिषदों के चुनाव परिणाम ये स्पष्ट करते हैं कि राजस्थान के करोड़ों किसान कृषि सुधारों के पक्ष में हैं। इसी तरह ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में भी हमें 49 सीटें मिली और हमें सबसे अधिक वोट मिले। दुब्बका उप-चुनाव में भी हमें शानदार जीत मिली जबकि यह सीट चारों ओर से केसीआर और उनके परिवारों के सीट से घिरी हुई है। बिहार विधान सभा चुनाव और गुजरात, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में हुए उप-चुनावों में भी देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों एवं योजनाओं में अटूट विश्वास व्यक्त किया। अभी अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय के भी चुनाव हो रहे हैं जिसमें भारतीय जनता पार्टी को भारी सफलता मिली है। 240 जिला परिषदों में से 96 जिला परिषद् सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध विजयी घोषित हुए हैं। इसी तरह, 8291 ग्राम पंचायत में से 5410 सीटों पर भाजपा निर्विरोध विजयी हुई है।

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