spot_img
26.1 C
New Delhi
Saturday, July 31, 2021
spot_img

MHA : प्रवासी मज़ूदर एक राज्य से दूसरे राज्य नहीं जाएंगे

-केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी किया आदेश
–मजदूर जो जहाँ है वहीं रहेगा, प्रशासन करें रजिस्ट्रेशन
–स्क्रीनिंग के बाद मजदूरों को उसी राज्य में काम मुहैया करवाया जाएगा

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली / टीम डिजिटल : केंद्रीय गृहमंत्रालय (Central home ministry) ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर निर्देश दिया है कि कुछ आर्थिक गतिविधियों के लिए दी जा रही ढील के दौरान प्रवासी मजदूरों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही यह भी साफ किया है कि जो भी मजदूर लॉकडाउन की वजह से राहत शिविरों में रह रहे हैं स्थानीय प्रशासन द्वारा उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, ताकि उनकी कुशलता के आधार पर उन्हें काम दिया जा सके।

इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि जो राज्य के बाहर मजदूर के द्वारा किसी भी तरह की गतिविधि नहीं हो रही हो। बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संकट के बीच लोगों को हो रही दिक्कतों को कुछ हद तक कम करने के लिए 20 अप्रैल (सोमवार) से कुछ सेवाओं और कामकाज की अनुमति देने का फैसला किया है। ये सेवाएं और गतिविधियां नान कोविड-19 एरिया या कोरोना से कम से कम प्रभावित क्षेत्रों में चालू होंगी। केंद्र सरकार द्वारा छूट दी जाने वाली लिस्ट में आयुष समेत स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि एवं बागवानी गतिविधियों, मछली पकडऩे (समुद्री और अंतर्देशीय), वृक्षारोपण गतिविधियों (अधिकतम 50 प्रतिशत श्रमिक के साथ चाय, कॉफी और रबर) और पशुपालन को रखा गया है।

इसके साथ ही अधिकतम 50 प्रतिशत मजदूरों के साथ चाय, कॉफी और रबर बागान में काम किया जा सकेगा।
गृहमंत्रालय के सचिव ने कहा कि सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के बाहर श्रमिकों की कोई आवाजाही की अनुमति नहीं है जहाँ वे वर्तमान में स्थित हैं।

कोविड-19 वायरस के प्रसार के कारण, उद्योग, कृषि, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक अपने-अपने काम के स्थानों से चले गए हैं, और राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा चलाए जा रहे राहत शिविरों में रखे गए हैं। 20 अप्रैल 2020 से समेकित संशोधित दिशानिर्देशों में, नियमन क्षेत्रों के बाहर अतिरिक्त नई गतिविधियों की अनुमति दी गई है, इन श्रमिकों को औद्योगिक, विनिर्माण, निर्माण, खेती और मनरेगा कार्यों में लगाया जा सकता है।

श्रमिकों की आवाजाही के लिए एक विशेष एडवाइजरी

सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के पहले के आदेशों के अनुसार 29 मार्च, 15 अप्रैल और 16 अप्रैल को राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों के भीतर फंसे श्रमिकों की आवाजाही के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई थी। इसके अनुसार ही सभी को आदेशों का पालन करना होगा।
गृहमंत्रालय ने कहा कि वर्तमान में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में राहत शिविरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को संबंधित स्थानीय प्राधिकरण के पास पंजीकृत किया जाना चाहिए। साथ ही विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए उनकी उपयुक्तता का पता लगाने के लिए उनकी कौशल मानचित्रण किया जाना चाहिए। मंत्रालय के मुताबिक मजदूरों का एक समूह अपने काम के स्थानों पर लौटने की इच्छुक है। लिहाजा, राज्य के भीतर जहां वे वर्तमान में स्थित हैं, उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी और जो लोग कुशल हैं, उन्हें उनके काम के स्थानों पर ले जाया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा मानदंडों का पालन जरूरी

गृहमंत्रालय ने निर्देश दिया है कि बस से यात्रा के दौरान यह पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सुरक्षित सामाजिक सुरक्षा मानदंडों का पालन किया जाए। साथ ही परिवहन के लिए उपयोग की जाने वाली बसों को पूरी तरह से स्वास्थ्य अधिकारियों के दिशानिर्देशों के अनुसार उपयोग किया जाए। मंत्रालय ने कहा है कि 15 अप्रैल के समेकित संशोधित दिशानिर्देशों के तहत जारी कोविड-19 के लिए राष्ट्रीय निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय अधिकारी भोजन और पानी आदि के लिए, उनकी यात्रा की अवधि के लिए भी व्यवस्था करेंगे।

Related Articles

epaper

Latest Articles