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Friday, December 3, 2021
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दिल्ली के हर घर को 2024 तक टोंटी से पानी मिलेगा

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-मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चंद्रावल में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास किया

-2015 तक दिल्ली की 58 फीसदी कॉलोनियों में टोंटी से पानी पहुंचता था

Indradev shukla

(अदिती सिंह )

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन अरविंद केजरीवाल ने 24 जून,2019, सोमवार को चंद्रावल में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास किया। इस मौके पर दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन दिनेश मोहनिया, मुख्य सचिव विजय देव, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ निखिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से रोजाना 47.7 करोड़ लीटर पानी मिलेगा। ये प्लांट 3 साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसको बनाने में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्लांट से दिल्ली के करीब 22 लाख लोगों को रोजाना 24 घंटे पीने का साफ पानी मिलेगा। इससे पुरानी दिल्ली, चांदनी चौक, पहाड़ी धीरज, ईदगाह, सिविल लाइंस,करोलबाग, कमला नगर, मल्कागंज, राजेंद्र नगर, शादीपुर, पटेल नगर, नारायणा, एनडीएमसी के कुछ इलाके और दिल्ली कैंट के लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा। इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कुल लागत 599 करोड़ रुपये है। ये उच्च स्तर के अमोनिया वाले पानी का भी शोधन करेगा।

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श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली के हर नागरिक को उसके घर में टोंटी से 24 घंटे पीने का साफ पानी मुहैया कराना हमारा मिशन है। दिल्ली में जब हमने 4.5 साल पहले जिम्मेदारी संभाली तो हमें 70 साल का पूरी तरह से अव्यवस्थित, भ्रष्टाचार से ग्रस्त, शोषण करने वाली व्यवस्था मिली थी। पहले की व्यवस्था लोगों को पानी पिलाने वाली नहीं, बल्कि शोषण करने वाली थी। इस व्यवस्था को हमारे अधिकारियों और इंजीनियरों ने काफी सुधारा है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।

पानी बेचकर पैसा नहीं कमाते, पानी पिलाकर पुण्य कमाते हैं


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, हमारी सरकार आने से पहले 58 फीसदी दिल्ली को टोंटी से पानी मिलता था। बाकी लोग टैंकर इत्यादि के पानी पर निर्भर थे। हम सब जानते हैं कि दिल्ली के अंदर पानी के टैंकर का कितना बड़ा माफिया था। हम ये भी जानते हैं कि ये टैंकर माफिया राजनीतिक संरक्षण में चलते थे। नेताओं के पानी के टैंकर चलते थे। इस पूरे माफिया तंत्र को हमने खत्म किया। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि दिल्ली में एक ईमानदार सरकार है। हम लोग अवैध रूप से पानी बेचकर पैसा नहीं कमाते बल्कि हम लोगों को पानी पिलाकर पुण्य कमाते हैं।

70 साल में दिल्ली की 58 फीसदी कॉलोनियों में टोंटी से पानी पहुंचा


मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 साल में दिल्ली की 58 फीसदी कॉलोनियों में टोंटी से पानी पहुंचा और हमारी सरकार आने के बाद केवल 4.5 साल में 30 फीसदी कॉलोनियों में टोंटी से पानी पहुंच गया। ये बहुत बड़ी बात है। वन विभाग की जमीन पर बसी कुछ कॉलोनियों और कुछ अन्य कॉलोनियों, जहां कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, को छोड़कर हम अगले डेढ़ साल में दिल्ली की सभी कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन बिछा देंगे। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि पिछले 4.5 साल के अंदर दिल्ली की जिन 30 फीसदी कॉलोनियों में पानी पहुंचाया गया, वो पानी कहां से आया। दरअसल, हमारे इंजीनियर्स ने मैनेजमेंट सुधारा है। लीकेज रोकी है। पानी चोरी रोकी है। टैंकर माफिया को हमने खत्म किया है। इन वजहों से इन कॉलोनियों में भी पानी पहुंच सका है। आने वाले 3-4 साल में ज्यादा से ज्यादा 2024 तक हम दिल्ली की हर कॉलोनी में 24 घंटे पीने का पीने का साफ पानी टोंटी से उपलब्ध करा देंगे।

चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी शुरू


अरविंद केजरीवाल ने कहा, पूरा देश-पूरी दुनिया जब पानी की कमी से जूझ रही है तो आने वाले समय की चुनौतियों से निपटने के लिए हमने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए हम कई मोर्चों पर काम कर रहे हैं। दिल्ली के लिए 1994 में जब पानी का आवंटन हुआ था तब दिल्ली की आबादी सवा करोड़ थी। उसके बाद दिल्ली के लिए पानी का आवंटन बढ़ाया नहीं गया है। आज दिल्ली की आबादी सवा दो करोड़ है। हम केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि आबादी के हिसाब से दिल्ली के लिए पानी का आवंटन बढ़ाया जाए। इसके अलावा हम रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर भी काफी काम कर रहे हैं। सरकारी बिल्डिंग्स और स्कूलों में स्ट्रक्चर बनाये जा रहे हैं। बिल्डिंग बायलॉज में भी बदलाव किया गया है। 150 वर्गमीटर से ज्यादा वाली बिल्डिंग्स के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग जरूरी कर दिया गया है। लेकिन केवल इतने से काम नहीं चलेगा।

रोजाना 930 एमजीडी पानी उपलब्ध, 1200 एमजीडी की जरूरत


मुख्यमंत्री ने कहा, अभी हमारे पास रोजाना 930 एमजीडी पानी उपलब्ध है। हमें 1200 एमजीडी पानी की जरूरत है। बारिश के मौसम में एक दिन में 6 लाख क्यूसेक पानी बह जाता है। बरसात के दिनों में एक दिन में जितना पानी बहता है अगर हम उसे यमुना फ्लड प्लेन में संचय कर लें तो पूरी दिल्ली की पूरे साल की पानी की जरूरत पूरी की जा सकेगी। यमुना फ्लडप्लेन में पानी संचय करने की क्षमता है। आने वाले 1-2 साल में हम यमुना फ्लडप्लेन में पानी संचय करने में कामयाब हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, हम जोहड़ और बावड़ियों को भी पुनर्जीवन दे रहे हैं। करीब 250 ऐसी वाटरबॉडीज को हमने चिह्नित किया है और उन पर काम कर रहे हैं।

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