spot_img
8.1 C
New Delhi
Tuesday, January 25, 2022
spot_img

संसद सत्र में अपनी भूमिका का निर्वाह करने में विफल रहा विपक्ष: BJP

spot_imgspot_img
Indradev shukla

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष अपनी भूमिका का निर्वाह करने में विफल रहा। यही वजह है कि चुनावों में जनता उसे लगातार नकार रही है, क्योंकि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करता आ रहा है। संसद के शीतकालीन सत्र को दोनों सदनों में बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों ने 12 राज्यसभा सदस्यों के निलंबन, लखीमपुर खीरी ङ्क्षहसा मामले सहित अन्य मुद्दों पर हंगामा किया और सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। भाजपा के मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी ने कहा कि सत्र का मतलब यह होता है कि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से सवाल करे और राज्यसभा व लोकसभा में ङ्क्षचता के मुद्दे उठाए लेकिन इसकी जगह उसने अपने आचरण से संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

– सत्र के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसका एहसास सांसदों को होना चाहिए : बलूनी

बलूनी ने कहा, संसद का सत्र जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने का होता है। लेकिन, विपक्षी अपनी भूमिका का निर्वाह करने में विफल रहा। कांग्रेस और उसके सहयोगी जनता के मुद्दों को अक्सर नजरअंदाज करते हैं। इसलिए देश की जनता ने भी उन्हें नकार दिया है। हंगामे व व्यवधान के चलते राज्यसभा में 50 प्रतिशत कामकाज हो सकता, जबकि लोकसभा में 80 प्रतिशत कामकाज हुआ। इस सत्र में कामकाज के दौरान उत्पन्न किए गए व्यवधान पर अप्रसन्नता जताते हुए राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा, यह सदन अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर सका। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सामूहिक रूप से आप इसका अवलोकन करें कि क्या यह सत्र और बेहतर हो सकता था? उन्होंने सदस्यों से कहा कि सत्र के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसका एहसास उन्हें होना चाहिए। हम सभी को देश हित में रचनात्मक और सकारात्मक माहौल में काम करना चाहिए। सदन में मर्यादा, अनुशासन, शालीनता बनाए रखकर चर्चा की जानी चाहिए। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर को शुरू हुआ था और यह 23 दिसंबर को समाप्त होना था। लेकिन एक दिन पहले ही उच्च सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र के पहले ही दिन राज्यसभा में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को, मॉनसून सत्र के दौरान अशोभनीय आचरण करने के कारण, इस सत्र की शेष अवधि के लिए उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया था।

Indradev shukla
Indradev shukla
spot_imgspot_imgspot_img

Related Articles

epaper

spot_img

Latest Articles

spot_img