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Sunday, April 11, 2021

भारत की विकास यात्रा के लिए विदेशी निवेशकों को न्यौता

–केंद्र सरकार ने कहा- रेड कारपेट पर खुले दिल से होगा स्वागत
–भारत की एफडीआई नीतियां दुनिया में सबसे अधिक आकर्षक : पीयूष गोयल
–वैश्विक निवेशकों के लिए व्यवस्थित रास्ता तैयार कर रही है सरकार
–सीआईआई के साझेदारी सम्मेलन-2020 में बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : केन्द्रीय रेल, वाणिज्य एवं उद्योग तथा खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने के लिए विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया है। साथ ही कहा कि अवसरों की इस धरती पर विदेशी निवेशकों की पूरी यात्रा में उनका सहयोगी बनने, उनके लिए लाल कालीन बिछाने और खुले दिल से बाहें फैलाकर उनका स्वागत करने को हम तैयार हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निवेशकों के लिए द्वार खुले रखने के साथ-साथ ही भारत सरकार अपनी अर्थव्यवस्था के नए क्षेत्रों हेतु वैश्विक निवेशकों के लिए व्यवस्थित रास्ता तैयार कर रही है। साथ ही विभिन्न निवेश साझेदारों के साथ रणनीतिक साझेदारी कर व्यवसाय को बढ़ावा दे रही है और अपनी अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं का भविष्य सुदृढ़ करने में लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का भारत में प्रवाह निरंतर बढ़ रहा है। इस वर्ष के शुरूआती 9 महीनों में, यहां तक कि कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान भी एफडीआई में बढ़ोतरी हुई है। एफडीआई से जुड़ी हमारी नीतियां दुनिया की सबसे अनुकूल एफडीआई नीतियां है। अप्रैल से सितंबर के बीच भारत में कुल 40 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि साल 2019 में हमने सबसे आकर्षक कर दरों की घोषणा की जो कि दुनिया में कहीं नहीं है। भारत में किए जाने वाले कारोबार के लिए हमने 22 प्रतिशत दर और अक्टूबर, 2019 के बाद भारत में स्थापित होने वाली उत्पादन इकाइयों हेतु 15 प्रतिशत की कर की दर घोषित की। सीआईआई के साझेदारी सम्मेलन-2020 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं समेत कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि हमारे सभी मंत्रालयों में निवेश प्रोत्साहन विभाग गठित किए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें निवेश को आकर्षित करने और प्रोत्साहित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। इसकी शुरुआत महामारी से पहले ही की गई थी। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और उत्पादकता का स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न सुधार और उपाय लागू कर रहा है। भारत बड़े पैमाने पर अपनी अर्थव्यवस्था में वैश्विक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल उपाय और सुधार शुरू कर चुका है।

अर्थव्यवस्थाओं को वापस पटरी पर लाने में मदद करेंगे

सम्मेलन की थीम साझेदारी से तालमेल के अनुरूप ही गोयल ने कहा कि यह हम सभी को अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं को वापस पटरी पर लाने, विकास को गति देने और नए अवसरों को प्रोत्साहित करने में संयुक्त प्रयास ही मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ उच्च स्तर का विकास निरंतर बनाए रखना ही नहीं है बल्कि हमारा लक्ष्य 2025 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए सुधार देश को अच्छे स्वरूप में ढालने में मदद करेंगे और देश के लोगों की संपन्नता स्तर को सुधारने के हमारे प्रयासों में भी मददगार होंगे।

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