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Tuesday, January 25, 2022
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काशी विश्वनाथ धाम कोरिडोर का भव्य लोकार्पण आज करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, देखेगी दुनिया

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Indradev shukla

वाराणसी /सुरेश गांधी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को देश की जनता को समर्पित करेंगे। हर किसी की नजर एक ऐसे सपने को साकार होते हुए देख रही है जिसकी नींव 33 महीने पहले रखी गई थी। इस पावन मौके पर या यूं कहें कि इस पावन पर्व पर पूरी काशी को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया है। सूर्य की रोशनी में बाबा का प्रांगण चमक रहा है, रात की रोशनी में बाबा का दरबार ऐसा लग रहा है मानो सारे तारे जमीन पर आके जगमग कर रहे हों। इसकी भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देश के सभी बड़े शिवालयों और देवालयों में भी किया जाएगा। इसके लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन्स लगाई जाएंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग काशी विश्वनाथ धाम की सुंदरता और लोकार्पण कार्यक्रम देख सकें। रवियोग के अद्भुत संयोग में राजोपचार विधि से देश की सभी नदियों के जल से काशीपुराधिपति का अभिषेक कर पीएम मोदी मुख्य यजमान बनेंगे और षोड्षोपचार विधि से आदि विश्वेश्वर का पूजा अनुष्ठान करेंगे। धर्माचार्यो के अनुसार लोकार्पण के लिए 20 मिनट का शुभ मुहूर्त है, जो देपहर 1 बजकर 37 मिनट से 1 बजकर 57 मिनट तक चलेगा।

—रवियोग में राजोपचार विधि से देश की सभी नदियों के जल से काशीपुराधिपति का होगा अभिषेक
—पीएम मोदी मुख्य यजमान बनेंगे और षोड्षोपचार विधि से आदि विश्वेश्वर का पूजा अनुष्ठान करेंगे
—लोकार्पण के लिए 20 मिनट का शुभ मुहूर्त, दोपहर 1 बजकर 37 मिनट से 1 बजकर 57 मिनट तक चलेगा
—प्रधानमंत्री मोदी गंगा तट से जल लेकर मंदिर के कॉरिडर तक खुद चलकर आएंगे और जलाभिषेक करेंगे
—देश के बड़े देवालयों में होगा लाइव प्रसारण, पीएम मोदी के आने से पहले जश्न शुरू

Indradev shukla

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को तकरीबन 5 लाख स्क्वाएर फीट में तैयार किया गया है जिसमे कुल 23 भवन बनाए गए है। 27 मंदिरों की खूबसूरत मणिमाला भी बनकर तैयार हो चुकी है। मंदिर परिसर में मंदिर चैक, मुमुक्षु भवन, सिटी म्यूज़ियम, वाराणसी गैलरी, यात्री सुविधा केंद्र, वैदिक भवन समेत तमाम सुविधाएं हैं। बाबा के दरबार काशी विश्वनाथ की सारी तैयारियां हो चुकी है बस लोकार्पण का इंतजार है। प्रधानमंत्री मोदी गंगा तट से जल लेकर मंदिर के कॉरिडर तक खुद चलकर आएंगे और जलाभिषेक करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए घाटों पर देव दीपावली की तरह दीये जलाए जाएंगे। लेजर लाइट शो के साथ वाराणसी के सभी मंदिरों और सरकारी व प्राइवेट बिलिं्डग को सजा दिया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम को एतिहासिक बनाने के लिए काशी के सात लाख घरों में लड्डू बांटे जाएंगे। दो दिवसीय प्रवास पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंच रहे पीएम काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव से अनुमति लेकर पतित पावनी गंगा का दर्शन व स्मरण करते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे। बिना गंगा स्नान काशी दर्शन का लाभ की मान्यता नहीं है। मगर, अब काशी दर्शन का पूर्ण लाभ भक्तों को मिलेगा। एक साथ घंटा, घड़ियाल के निनाद अब गंगा तट के माहौल को भी शिवमय बनाएंगे।

800 करोड़ की लागत से बनेगा कॉरिडोर

काशी विश्वनाथ धाम का 80 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। यह कॉरिडोर गंगधार से डायरेक्ट कनेक्ट हो जाएगा। आपको बता दें कि बाबा दरबार से गंगधार तक 5,27,730 वर्गफीट क्षेत्र में बनने वाले कॉरिडोर काम पूरा होने जा रहा है। इसमें 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वर्तमान में मंदिर निर्माण में 2200 मजदूर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को किया था। मंदिर के चारों ओर परिक्रमा करने के लिए पथ तैयार किया गया है। मंदिर को सात विशेष तरह के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर परिसर का विस्तार कर इसमें विशाल द्वार बनाए गए हैं। इसके साथ ही एक मंदिर चैक का निर्माण किया गया है, जिसके दोनों तरफ विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यावसायिक केंद्र, पुलिस एवं प्रशासनिक भवन, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए एक्सीलेटर और मोक्ष भवन का निर्माण किया गया है।

252 सालों बाद हो रहा भव्य निर्माण

कॉरिडोर निर्माण के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर से दशाश्वमेध घाट पर हर साल आने वाले करोड़ों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं, सैलानियों का आवागम और दर्शन-पूजन करना पहले की अपेक्षा बहुत ही आसान हो जाएगा. इस मंदिर का जीर्णोद्धार इंदौर की महारानी देवी अहिल्याबाई होलकर ने सन् 1780 में करवाया था। अब लगभग 252 सालों बाद काशी विश्वनाथ मंदिर का भव्य निर्माण किया जा रहा है।

गंगा व्यू गैलरी से देख सकेंगे खूबसूरत नजारा

काशी विश्वनाथ के दरबार को भव्यता देने के लिए मिर्जापुर के चुनार के गुलाबी पत्थरों और मकराना के सफेद पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में सी आकार में मंदिर चैक बनकर पूरी तरह से तैयार है. यहां से गंगा का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. मंदिर चैक गंगा व्यू गैलरी में खड़े होकर बाबा विश्वनाथ के भक्त अपने आराध्य की पूजा अर्चना के समय पतित पावनी गंगा के दर्शन भी कर सकेंगे।

दीवारें करेंगी महिमा का बखान

यहां आने वाले भक्तों को अब बाबा की कथा का चित्रात्मक वर्णन, काशी महात्मय, श्लोक संख्या, हिंदी अनुवाद समेत सभी महत्वपूर्ण जानकारियां यहां की दीवारों पर देखने और पढ़ने को मिलेंगी।

हाईटेक सिक्योरिटी से लैस होगा कॉरिडोर

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अत्यधिक सुंदर और भव्य होने के साथ ही हाईटेक सिक्योरिटी से लैस होगा. सुरक्षा मानकों को हाईटेक करने को लेकर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. ताकि भविष्य में आने वाली किसी भी विषम परिस्थति में तैयार रहा जा सके. यहां की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए 5.43 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे. इनमें 31 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, 47 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, 11 एक्स-रे बैगेज स्कैनर और 19 महिला तलाशी बूथ शामिल हैं. मंदिर परिसर में पहले से त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।

भक्तों से PM मोदी करेंगे संवाद

देवाधिदेव महादेव के विस्तारित दरबार की पूजा अर्चना के बाद मंदिर चैक पर पीएम देशभर के प्रमुख संतों के साथ संवाद करेंगे। करोड़ों भक्तों के सपनों को साकार करने वाले गंगधार से गंगाधर के एकाकार के पावन पथ पर हाथों में गंगा जल लेकर पीएम मोदी महादेव के भक्त के रूप में गर्भगृह पहुंचेंगे। यहां प्रमुख संप्रदायों के संतों की मौजूदगी में महादेव का अनुष्ठान प्रारंभ होगा। करीब सवा घंटे तक गर्भगृह में पूजा अर्चना के बाद पीएम मोदी मंदिर चैक पर संतों और प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में स्वर्ण शिखर को निहारते हुए आयोजित कार्यक्रम में स्थान ग्रहण करेंगे। यहां संतों संग संवाद करेंगे और पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे।

श्रद्धालु 15 से करे सकेंगे पूजन-अर्चन

दुनिया भर के करोड़ों शिवभक्तों के सपने साकार करने वाला यह धाम 15 दिसंबर के बाद आम भक्तों के लिए सुलभ होगा। अब भक्त न केवल बेरोकटोक जटाजूट के दर पर दंडवत होंगे, बल्कि लाखों शिवभक्तों के लिए ‘जीय जुड़ा गईल वाली’ अनुभूति होगी। नीली और पीली रोशनी में नहाए महादेव के दर पर 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के प्रमुख धर्माचार्य भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी होंगे। पुरानी मान्यताओं के अनुसार साढ़े तीन सौ साल बाद ऐसा अदभुत पल दोहराने वाला है। ऐसे में दुनियाभर के शिवभक्त इसे त्रिभुवन महिमा अमिट तुम्हारी की ही संज्ञा दे रहे हैं।

मजदूर भी होंगे विशेष मेहमान

काशी विश्वनाथ धाम के 13 दिसंबर को लोकार्पण कार्यक्रम में धाम के निर्माण में पसीना बहाने वाले मजदूर भी विशेष मेहमान होंगे। इस कार्य में लगे करीब 2300 मजदूरों संग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोटोग्राफी कराएंगे। करीब दो साल में बनकर तैयार इस मंदिर के निर्माण में अलग अलग राज्यों के कुल 2300 मजदूरों ने काम किया।

काशी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गए

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अपने आततायी अतीत को सुधारने का संकल्प है। सदियों की आध्यात्मिक विरासत का कायाकल्प है। इस कॉरिडोर के बहाने इतिहास ने नई करवट ली है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक हजार साल के अन्याय का प्रतिकार बिना किसी ध्वंस के हुआ है। सिर्फ सृजन के जरिये। इसका स्वागत होना चाहिए। यह कॉरिडोर बाबा विश्वनाथ मंदिर के मुक्ति का उत्सव है। काशी मुक्ति का शहर है। मुक्ति की कामना में लोग यहां खिंचे चले आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इसी मुक्ति कामी चेतना ने काशी विश्वनाथ मंदिर के एक हजार साल पुराने गौरव को लौटाया है।

 

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