39.1 C
New Delhi
Monday, June 27, 2022

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के ढाई लाख सरपंचों को लिखा पत्र… की डिमांड

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2022 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की बड़ी पहल की है। इस बार देशभर की ग्राम पंचायतों को 21 जून को सीधे कनेक्ट किया जा रहा है। गांव-गांव में सभी लोग स्वस्थ और निरोग रहें, इसके लिए देश के सभी सरपंचों को पत्र लिखा है। साथ ही ग्रामीणों को प्रेरित करने का आह्वाहन किया है। यह पत्र पंचायती राज मंत्रालय को भेज दिया गया है। देश में करीब ढाई लाख ग्राम पंचायतें हैं, जिनको पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा पंचायती राज मंत्रालय विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेज रहा है। राज्य सरकारों की मदद से प्रधानमंत्री का पत्र प्रत्येक ग्राम पंचायत के सरपंच के पास पहुंचाया जाएगा।

– प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी ग्राम सरपंचों को लिखा भावुक पत्र
-देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों को सीधे कनेक्ट करने की तैयारी
– अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को, ऐतिहासिक बनाने की योजना
– गांव में सभी लोग स्वस्थ और निरोग रहें, इसके करें योग : प्रधानमंत्री
-जल संरक्षण की दिशा में गांव स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी : मोदी

प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा है कि देश में इस बार अमृत महोत्सव के तहत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन होगा। इस अवसर पर कई संगठन और देशवासी अपने-अपने स्तर पर, अपने-अपने क्षेत्रों में, कुछ-न-कुछ नया और विशेष करने की तैयारी कर रहे हैं। लिहाजा, आग्रह है कि इस बार आप भी अपने गांव के सभी लोगों को अभी से योग के लिए प्रेरित करें। योग दिवस के लिए अपने क्षेत्र के किसी प्राचीन या पर्यटन स्थल, नदी- झील या तालाब के किनारे को चिह्नित कर सकते हैं। ऐसी जगह का चयन करें, जहां पर सभी लोग इक_े होकर योग कर सकें। साथ ही आयोजन से जुड़ी तस्वीरों को भी जरूर साझा करें ताकि और अन्य लोग भी इससे प्रेरणा लेकर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए आगे आएं।
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि अभी कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने गांव, गरीब और देश की सेवा में अपने आठ वर्ष पूरे किए हैं। गत आठ वर्षों में देश ने ग्राम स्वराज और पंचायती लोकतंत्र की दिशा में नए लक्ष्यों को प्राप्त किया है। इस यात्रा में योगदान देने के लिए हर एक गांववासी का अभिनंदन किया। साथ ही लिखा कि हाल में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत की आशा बहनों को सम्मानित किया है। ये गांव के लिए भी गर्व की बात है। पत्र के माध्यम से गांवों में कार्यरत सभी आशा- आंगनबाड़ी और एएनएम बहनों को भी बधाई दी। पीएम ने योग दिवस मनाने के साथ-साथ हमें जल संरक्षण की दिशा में भी गांव के स्तर पर सामूहिक प्रयास जारी रखने हैं। पानी बचाने के साथ-साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों से गांवों के तालाब, पोखर, कुंड के जरिए वर्षा जल को संरक्षित करना है। इसी उद्देश्य के साथ देश ने आजादी के अमृत काल में हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने का संकल्प लिया है। इन सब जिम्मेदारियों के बीच हम स्वच्छ भारत अभियान को भी नहीं भूल सकते हैं। स्वच्छ भारत अभियान की निरंतरता को बनाए रखने के लिए आपकी पंचायत और सभी ग्रामवासियों को पूरी गंभीरता से काम करना है।
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि देश में गांव, गरीब और किसान के लिए जो अनेक प्रयास चल रहे हैं, उनका लाभ भी आखिरी पायदान तक आपके योगदान से ही संभव होता है। देश ने जो शत-प्रतिशत सशक्तिकरण का अभियान शुरू किया है, उसमें आपकी बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पूर्व की भांति ही आपका सक्रिय सहयोग देश को आगे भी मिलता रहेगा और आपकी पंचायत आने वाले दिनों में विकास और सफलता की नयी ऊँचाइयों को हासिल करेगी।

प्रधानमंत्री ने पत्र में की सरपंचों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र में लिखा है कि सरपंच जी, आशा है आप और आपके क्षेत्र के हमारे सभी भाई-बहन स्वस्थ एवं कुशल से होंगे। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की आहट हो गई है और हमारे सभी किसान भाई-बहन खेती की तैयारियों में लगे होंगे। मैं अच्छे मानसून की कामना के साथ आपके माध्यम से प्रत्येक अन्नदाता को प्रणाम करता हूं। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि कुछ ही दिनों बाद 21 जून को आठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आने वाला है। हम सबने देखा है कि किस प्रकार दुनियाभर के देश इस दिवस को उत्साह के साथ मनाते हैं। गत वर्षों में विश्व के कोने-कोने से, धरती से लेकर आसमान तक, हिमालय से लेकर समुद्र तक, योग की ऐसी-ऐसी तस्वीरें आईं, जो भारतवासियों को गौरवान्वित करने वाली रही हैं। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को मजबूती देते हुए योग पूरी मानवता को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। इस बार योग दिवस की थीम भी मानवता के लिए योग है। कोरोना महामारी ने सभी को एहसास कराया है कि हमारे जीवन में स्वास्थ्य का कितना अधिक महत्व है और योग इसमें कितना बड़ा माध्यम है।

Related Articles

epaper

Latest Articles