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Tuesday, January 25, 2022
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रेलटेल और कॉमन सर्विस सेंटर मिलकर उपलब्ध कराएंगे इंटरनेट सेवाएं

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– घर के नजदीक मोबाइल वैन ले जाकर डिजिटल साक्षरता देगा सीएससी
-कॉमन सर्विस सेंटर ने तीन महत्वपूर्ण सेवाओं को लांच किया
-कॉमन सर्विस सेंटर ने रेल मंत्रालय के रेलटेल के साथ समझौता किया

Indradev shukla

नई दिल्ली /अदिति सिंह : सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निकाय कॉमन सर्विस सेंटर ने गुरुवार को तीन महत्वपूर्ण सेवाओं को लांच किया। इसमें से एक सीएससी पे और चैट बॉक्स सेवा है। यह यूपीआई पर चलने वाला एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम होगा, जिसके लिए देश भर में फैले कॉमन सर्विस सेंटर के 4.5 लाख केंद्र संचालकों को एजेंट बनाया गया है। इसके साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर ने रेल मंत्रालय के निकाय रेलटेल के साथ एक करार किया है। इसके तहत रेलटेल के ऑप्टिकल फाइबर से कॉमन सर्विस सेंटर ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही रेलटेल की ओर से रेलवे स्टेशनों पर संचालित किए जा रहे इंटरनेट कीओस्क का संचालन भी कॉमन सर्विस सेंटर के ग्रामीणों उद्धमी करेंगे। इससे तेजी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं को पहुंचाने में मदद हासिल होगी। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर वोडाफोन और डेल टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और विभिन्न तरह के जागरूकता अभियान भी शुरू करेगा। इसके लिए देश के चुनिंदा जिलों में डिजिटल वैन चलाई जाएंगी, जिनमें कंप्यूटर लगे होंगे। वहां आकर इच्छुक लोग डिजिटल साक्षरता हासिल करने के साथ ही विभिन्न तरह के स्किल कोर्स भी कर पाएंगे।
कॉमन सर्विस सेंटर के प्रबंध निदेशक डॉ दिनेश त्यागी के मुताबिक कॉमन सर्विस सेंटर के ग्रामीण उद्यमी बदलाव लाने वाले ऐसे व्यक्ति हैं, जो अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों को सरकारी सेवाएं बिना किसी व्यवधान के उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। यह सशक्त व्यवस्था का एक नया मॉडल है। कॉमन सर्विस सेंटर ने 20 करोड़ आधार , 9 करोड़ आयुष्मान कार्ड और 8 करोड़ ई-श्रम पंजीकरण किया है। यह सभी कार्य बहुत ही छोटे समय में किया गया है। सीएससी ग्रामीण ई- स्टोर ने 450 करोड़ रुपए का कारोबार किया है। लोगों को उनके घर के दरवाजे पर ही बैंकिंग, इंश्योरेंस और पेंशन सेवा दे रहे हैं। यह समग्रीत विकास का नया मॉडल है। इस अवसर पर 17 ग्रामीण उद्यमियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया।

चार महीने में 8 करोड़ ई—श्रम पंजीकरण किये गए
इस अवसर पर एक कार्यक्रम दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने इस कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया और वीएलई के योगदान की सराहना की।
अजय साहनी ने इस अवसर पर कहा कि आज विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस है। इसे हम सीएससी के साथ मना रहे हैं। सीएससी के वीएलई ने देश के 4 करोड़ लोगों को पीएम दिशा कार्यक्रम के तहत कंप्यूटर साक्षर बनाया है। जन धन के अंतर्गत 30 करोड़ खाता खोलने में मदद की है। चार महीने के अंदर वीएलई की सहायता से 8 करोड़ ई—श्रम पंजीकरण किये गए। वीएलई देश और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाओ से लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है।
उन्होंने कहा कि देश भर में कार्यरत 4.15 लाख सीएससी सेंटर टेलीमेडिसन से लेकर इंश्योरेंस, टैली—लॉ, डिजीटल लिटरेसी सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है। उन्हें उम्मीद है कि यह आने वाले समय में सभी सेवाओं को उपलब्ध कराने वाला वन—स्टॉप सेंटर बनेगा।

ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा सीएससी

Indradev shukla

सूचना प्रौद्धोगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डा. राजेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सीएससी ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। डिजीटल इनकलुेशन के माध्यम से देश लगतार सशक्त हो रहा है। वह चाहते हैं कि सीएससी स्टार्ट अप इंडिया का एक महत्वपूर्ण भाग बने। इसमें मंत्रालय उनकी सभी मदद करेगा। हम सीएससी के सभी अविष्कार और पहल को अपना समर्थन देंगे। हम सीएससी के माध्यम से हम डिजीटली इंपावरड नया भारत बनाना चाहते हैं। यह सामाजिक बदलाव का नया युग होगा। जिसमें जाति, धर्म या अन्य भेद नहीं होगा।

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