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Monday, May 23, 2022

सिखों विद्वानों व विशेषज्ञों ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रमुख सिख विद्वानों और प्रमुख शख्सियतों के प्रतिनिधि मंडल से अपने निवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सिखों के इतिहास और वर्तमान को याद करते हुए कौम की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिखों ने देश की आजादी के संघर्ष में अहम रोल अदा किया और आज भी देश की सरहदों की रक्षा के लिए सिख फौजी डटे हुए हैं। सिख न सिर्फ सुरक्षा बलों में अहम रोल अदा कर रहे हैं बल्कि इनके बुद्धिजीवी वर्ग अलग-अलग क्षेत्रों में समाज का नेतृत्व कर रहे हैं। विज्ञान और कला समेत अलग-अलग क्षेत्रों में भी समाज का नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा कि उनको इस बात पर गर्व है कि सिख कौम के सदस्यों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम और प्रसिद्धि कमाई है।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार सिखों को दरपेश मसले हल करने के लिए दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद बात है कि समय की कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों ने न सिर्फ इन की मुश्किलों को अनदेखा किया बल्कि सिखों को नफरत भरे अपराधों का निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि 1984 सिख विरोधी दंगा दुनियां भर में अकेला ऐसा अपराध है जिस में एक भाईचारे के सदस्यों को निशाना बनाया गया। उनकी सरकार ने 1984 दंगों के मामलों में न्याय यकीनी बनाया है । साथ ही एक प्रभावशाली परिवार की तरफ से बचाए गए व्यक्ति भी आज अपने गुनाहों की जेलों में सजा काट रहे हैं।

सिखों ने देश की आजादी में अहम भूमिका अदा की : प्रधानमंत्री
-सिखों विद्वानों व विशेषज्ञों ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात
– आजादी के बाद देश की सरहदों की रक्षा कर रहे हैं सिख
– भाईचारे के सदस्यों ने विभिन्न-विभन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्राप्तियां की

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा के सिख नेता सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा भाईचारे की मुश्किलें सुनने और उन को तेज रतार के साथ हल करने पर प्रधान मंत्री का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि पिछले 70 सालों से सिखों को दरपेश अनेकों मुश्किलें समय की कांग्रेस सरकारों ने अनदेखा की। इससे भी बड़े सितम वाली बात यह है कि जिन्होंने देश के लिए जानें कुर्बान की, उनको अनदेखा किया गया और जिन्होंने देश को बांटा उनी प्रतिमाएं सारे देश में लगाई गई। इस मौके सिख प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और सिख मश्किलें हल करने के लिए कदम उठाने पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।


प्रतिनिध मंडल में डा. कर्मजीत सिंह वाइस चांसलर जगत गुरु नानक देव ओपन यूनिवर्सिटी पटियाला, जसपाल सिंह संधू वाइस चांसलर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर, बाबू सिंह तीर मैंबर पीपीएससी पंजाब, डा. पीएस पसरीचा पूर्व चेयरमैन तत हजूर साहिब बोर्ड, डा. राजिन्दर सिंह राजू चढ प्रधान इंटरनेशनल पंजाबी फोरम, सरदार विक्रमजीत सिंह साहनी प्रधान वल्र्ड पंजाबी आर्गेनाइजेशन, सरदार हरमीत सिंह कालका प्रधान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, डा. विना कौर कनवीनर साहित्य अकादमी, सरदार त्रलोचन सिंह चेयरमैन खालसा कालेज, डा. एच.एव. गिल चांसलर आदेश मैडीकल यूनिवर्सिटी पंजाब, एपीएस आहलूवालिया, हरभजन सिंह, रिटायर्ड जस्टिस जी.एस. सिस्टानी, बी.एस. घुमण, प्रो. हरप्रीत कौर प्रिंसिपल माता सुन्दरी कालेज, प्रो. चरनजीत सिंह शाह आरकीटैट, तरनजीत सिंह चांसलर जे.आई.एस. यूनिवर्सिटी कोलकाता, डा. अमनदीप सिंह मरवाह , जे.एस. बेदी, बलबीर सिंह कोहली, के.बी.एस. सिद्धू, सी.ए. चरनजीत सिंह नन्दा, प्रो. हरप्रीत सिंह, डा. जी.एस ग्रेवाल, डा. हरमीत सिंह रेहान, प्रो. जसविंदर सिंह. प्रो. मनजीत सिंह, डा. दमनजीत कौर संधू, राजिन्दर सिंह बावा, डा. निंजा सिंह, एच.एस. बेदी आदि शसियतें शामिल थीं।

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