spot_img
20.1 C
New Delhi
Friday, December 3, 2021
spot_img

पाकिस्तान ने दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी को नहीं दी मंजूरी

spot_imgspot_img

गुरुद्वारा कमेटी को बड़ा झटका, नगर कीर्तन पर रोक
–दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी को पाकिस्तान ने नहीं दी मंजूरी
–13 अक्टूबर को दिल्ली से पाकिस्तान नहीं जाएगा नगर कीर्तन
–सोने की पालकी के लिए गुरुद्वारों में रखी गोलक हटाने का आदेश
–नगर कीर्तन के नाम पर नगदी व सोने की सेवा तुरंत बंद की जाए
–सरना दल के नगर कीर्तन का सहयोग करे सिख संगत : अकाल तख्त

Indradev shukla

(आकर्ष शुक्ला )
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर  : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 13 अक्टूबर को प्रस्तावित दिल्ली से ननकाना साहिब (पाकिस्तान) नगर कीर्तन अब नहीं जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने काफी जद्दोजहद के बाद तत्काल प्रभाव से लोक लगा दी है। साथ ही करतारपुर साहिब जाने वाली सोने की पालकी को भी नहीं भेजने का फरमान सुनाया है। इसके अलावा सोने की पालकी के नाम पर दिल्ली के बड़ों गुरुद्वारों में रखी गई विशेष गोलकों को भी तुरंत बंद करने का आदेश दिया है। लिहाजा उन्हें तुरंत हटाया जाए। साथ ही पालकी जिस अवस्था में निर्मित हो रही है उसी अवस्था में उसका निर्माण रोक दिया जाना चाहिए। इसके अलावा सोने की पालकी के नाम पर संगतों के एकत्र किए गए नगदी एवं सोने की जानकारी श्री अकाल तख्त साहिब एवं दिल्ली की संगत को दी जाए।

 

Indradev shukla


दरअसल,जत्थेदार की तरफ से यह फैसला संगतों के द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब पर की गई शिकायतों के बाद आया है। संगतों की तरफ से जत्थेदार को जानकारी दी गई थी कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास पाकिस्तान जाने के लिए कोई वैध मंजूरी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद विशेष गोलके रखकर सोना व नगदी नगर कीर्तन के नाम पर वसूला जा रहा है। इसके बाद जत्थेदार की तरफ से 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी को दिल्ली कमेटी के प्रस्तावित नगर कीर्तन तथा शिअद (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना के प्रस्तावित 28 अक्टूबर के नगर कीर्तन में से केवल एक नगर कीर्तन ननकाना साहिब तक ले जाने की संभावना खोजी जानी थी। लेकिन, पांच सदस्यीय कमेटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, जिसके वजह से जत्थेदार ने बुधवार शाम अपना आदेश सुना दिया। जत्थेदार के आदेश से दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के लिए बड़ा झटका है। साथ ही विरोधियों केा भी कमेटी के खिलाफ बोलने के लिए बडुा मुद्दा हाथ लग गया है।

पूरी मंजूरी के बाद ही नई तारीख का ऐलान किया जाए

अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के हवाले से जारी किए गए प्रेस नोट में कहा गया है कि परमजीत सिंह सरना के ऐलान के बाद दिल्ली कमेटी के द्वारा नगर कीर्तन का ऐलान किया गया, नतीजन दिल्ली की संगतों में दुविधा पैदा होने की बात कही गई है। इस वजह से सिख संगतों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को एक नगर कीर्तन दिल्ली से लेकर जाने की अपील की गई थी। पाकिस्तान सरकार की तरफ से भी केवल एक ही नगर कीर्तन को ले जाने की मंजूरी मिली हुइ्र है। हालांकि पाकिस्तान सरकार को बाकी संस्थाओं को भी ननकाना साहिब तक नगर कीर्तन ले जाने की मंजूरी देनी चाहिए थी। लिहाजा, मौजूदा हालातों के मद्देनजर तथा सिख भावनाओं को सामने रखते हुए दिल्ली कमेटी को आदेश दिया जाता है कि 13 अक्टूबर को निकाले जाने वाले नगर कीर्तन को फिलहाल स्थगित किया जाता है। तथा पूरी मंजूरी मिलने के बाद ही नगर कीर्तन की नई तारीख का ऐलान किया जाए।

28 अक्टूबर को नानक प्याऊ से जाएगा नगर कीर्तन, करें स्वागत

 

जानकारी के मुताबिक श्री अकाल तख्त साहिब ने कहा है कि शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना की ओर से 28 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा नानक प्याऊ से लेकर जाए जा रहे नगर कीर्तन में शामिल गुरुग्रंथ साहिब, पांच प्यारे तथा संगत का अधिक से अधिक सम्मान व स्वागत किया जाए।

 

पालकी की बजाय सिख बच्चों की पढ़ाई में खर्च करें पैसा

 

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के हवाले से कहा गया है कि कुछ साल पहले भी दिल्ली कमेटी के द्वारा सेाने की एक पालकी ननकाना साहिब भेजी गई थी, जिसका अभी तक ठीक इस्तेमाल नहीं हुआ है, और गुरुद्वारा परिसर में पड़ी है। इस खाली पालकी को भी कई भोले भाले सिख माथा टेक रहे हंै। लिहाजा, चाहिए तो ये था कि इन पालकियों की बजाय हम ज्यादा से ज्यादा पैसा पाकिस्तान में रहने वाले गुरुनानक नाम लेवा जरूरत मंद सिख बच्चों की पढ़ाई के लिए खर्च करते। इससे कौम को फायदा होगा। साथ ही सिख संगतों के मनो को ठेस नहीं पहुंचती। इसलिए सोने की पालकी को बनाने पर तुरंत रोक लगाई जाए।

पालकी का फैसला पांच सिंह साहिबानों की एकत्रता में लिया जाए

 

श्री अकाल तख्त साहिब के हवाले कहा गया है कि दिल्ली कमेटी के द्वारा अब तक सोने की पालकी के ऊपर कितना पैसा, कितना सोना संगतों से आया है, और कितना खर्च हुआ है, उसकी जानकारी श्री अकाल तख्त साहिब को भेजी जाए। इसके अलावा श्री करतारपुर साहिब में पालकी सुशोभित करने का फैसला सिख चिंतकों, विद्वानों तथा सिख संगठनों की राय लेकर श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा आने वाले समय में पांच सिंह साहिबानों की एकत्रता में लिया जाएगा।

spot_imgspot_imgspot_img

Related Articles

1 COMMENT

  1. हैलो।.

    मैं कहां से अपनी वेबसाइट पर मुक्त करने के लिए जेविल डाउनलोड कर सकते हैं?
    अपने समर्थन से जानकारी मिली. जेविल वास्तव में कैप्चा को सुलझाने के लिए सबसे अच्छा कार्यक्रम है, लेकिन मैं इसके बारे में नवीनतम संस्करण की जरूरत है ।

    धन्यवाद.

Comments are closed.

epaper

spot_img

Latest Articles

spot_img