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Wednesday, October 20, 2021
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गुरुद्वारा विवाद : दिल्ली से लेकर पंजाब तक गरमाई सिख सियासत

–आम आदमी पार्टी और अकाली दल आमने-सामने
-केजरीवाल के बचाव में उतरे पंजाब अध्यक्ष एवं प्रभारी
–गुरुद्वारा मजनूं टीला पर केस दर्ज होने कर मामला तूल पकड़ा
-पंजाब की सियासी पिच पर लाभ उठाने के लिए सरगर्म

(अदिति सिंह)
नई दिल्ली / टीम डिजिटल : कोरोना के बढ़ते कहर के दौरान ऐहतियात ना बरतने को लेकर ऐतिहासिक गुरुद्वारा मजनूं टीला के प्रबंधकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर दिल्ली से लेकर पंजाब तक सियासत गरमा गई है। एफआईआर बेशक दिल्ली में हुई है, लेकिन पंजाब की सियासी पिच पर उसकी तपिश का लाभ उठाने के लिए शिरोमणि अकाली दल (बादल) सरगर्म हेा गया है। इसके बाद दिल्ली की सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (आप)भी दिल्ली से लेकर पंजाब तक अकराली दल पर हमलावर हो गई है। अकाली नेताओं को कटघरे में खड़ा करते हुए आप ने अकाली दल को केंद्र सरकार से इस बावत तलबी करने की नसीहत भी दे दी है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी और शिअद आमने-सामने हो गया है।
बता दें कि मजनं टीमा गुरुद्वारे में तीन दिनों तक 200 से अधिक पंजाब जाने वाले लोगों को एक हाल में इकट्ठा रखने को लेकर दिल्ली पुलिस ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर केस दर्ज किया था। निजामुद्दीन के तबलीकी जमात के खुलासे के बाद दिल्ली सरकार ने आनन फानन में गुरुद्वारे से 205 लोगों को निकाल कर कोरंटाइन किया था। दिल्ली पुलिस ने सरकार को बिना बताए लोगों के एकत्र करने के मामले में केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर ंिसह सिरसा ने इस एफआईआर का ठीकरा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिर फोड़ा था।

शुक्रवार को सिरसा ने केजरीवाल को ट्वीट टैग करते हुए उक्त एफआईआर केा रद करने की गुहार लगाई थी। साथ ही दावा किया था कि दिल्ली कमेटी कोरोना के मुश्किल वक्त में लाखों लोगेां को लंगर खिला रही है। इसके बाद शुक्रवार की शाम गुरुद्वारा बंगला साहिब की स्टेज से सिरसा ने केजरीवाल सराकर को अप्रत्यक्ष तौर पर एहसान फरामोश तक बता दिया था। सिरसा ने कहा था कि उनके विधायक हमारे से इलाकों में बांटने के लिए लंगर लेकर जा रहे हैं, और हमारे ऊपर एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं।

मामले को तूल पकड़ता देखकर पंजाब के आम आदमी पार्टी के प्रधान व सांसद भगवंत मान व पंजाब प्रभारी व दिल्ली से विधायक जरनैल सिंह ने सिरसा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आम आदमी पार्टी को डर सता रहा है कि कहीं अकाली दल पंजाब में इसे सिख अस्मिता पर हमला करार देकर सियासी फायदा ना उठा ले। आम आदमी पार्टी पंजाब विधानसभा में दूसरे नंबर पर है।

दिल्ली पुलिस केजरीवाल सरकार के पास नहीं : भगवंत मान

सांसद भगवंत मान ने अपने फेसबुक पेज पर डाले वीडियो में साफ कहा कि दिल्ली पुलिस केजरीवाल सरकार के अधिकार में नहीं है। साथ ही ये एफआईआर दिल्ली पुलिस ने की है। चूंकि, मनजिंदर सिंह सिरसा राजौरी गार्डन से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, इसलिए वह अपनी पार्टी से जाकर पूछे कि यह एफआईआर क्यों की है। भगवंत मान ने कहा कि सिरसा ने सरकार को बिना बताए वहां भीड इकट्ठी की और बाद में जिम्मेदारी दिल्ली सरकार पर डालने की कोशिश की।

केंद्रीय गृह सचिव के आदेश पर हुई कार्रवाई : जरनैल सिंह

दिल्ली के आप विधायक एवं पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने एसडीएम सिविल लाइन्स के द्वारा दिल्ली पुलिस को दिए गए आदेश की कापी अपने ट्वीटर एकाउंट पर डालकर मनजिंदर सिंह सिरसा को उक्त एफआईआर के लिए केंद्रीय गृह सचिव के 24 मार्च के आदेश के कारण होने का हवाला दिया। साथ ही नसीहत देते हुए कहा कि अगर सिरसा जी एसडीएम के लेटर को अरविंद केजरीवाल का लेटर बता रहे हैं तो गृह मंत्रालय के आदेश में गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेने से क्यों कतरा रहे हैं।

मानवता की सेवा में लगी कमेटी को दोषी ठहरा रहे हैं भगवंत : सिरसा

इस बीच दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने फिर मान लिया कि मजनू टीला गुरुद्वारे में लोगों को हमने बुलाया था, और उन्हें लंगर भी छकाया था, लेकिन एफआईआर एसडीएम के आदेश के कारण हुई है। सिरसा ने यह भी खुलासा किया कि गुरुद्वारा बंगला साहिब का लाइव बंद कराने के लिए भी कल स्थानीय एसडीएम ने उनके पास पहुंच की थी। अगर भगवंत मान में हिम्मत है तो दोनों एसडीएम को बर्खास्त करवाएं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुद्वारा मजनू का टीला मामले में एफआईआर दर्ज होने सबंधी भगवंत मान को उनके द्वारा किये जा रहे दावे की उस चिटठी को सार्वजनिक करने के लिए कहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार ने एफआईआर दर्ज करने वाले एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उपराज्यपाल को चिटठी लिखी है। सिरसा ने कहा कि हैरानीजनक है कि भगवंत मान मानवता की सेवा में लगी कमेटी को मामले में दोषी ठहरा रहे हैं।

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