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Wednesday, August 17, 2022

स्पाइसजेट के विमानों में आई 18 दिनों में 8 बार गड़बड़ी, मिली तकनीकी खामी

नयी दिल्ली /खुशबू पाण्डेय। यात्री कृपया ध्यान दें…, अगर आप विमान यात्रा करने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाएं। सोच समझकर ही हवाई जहाज में टिकट बुक करवाएं। विमानन नियामक डीजीसीए ने पिछले 18 दिनों में तकनीकी खामी की 8 घटनाओं के बाद बुधवार को स्पाइसजेट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA ) ने कहा कि स्पाइसजेट एयरलाइन विमान नियम, 19&7 की 11वीं अनुसूची और नियम 1&4 की शर्तों के तहत सुरक्षित, दक्ष और विश्वसनीय हवाई सेवाओं को सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। नोटिस में कहा गया है, घटनाओं की समीक्षा से पता चलता है कि आंतरिक सुरक्षा निरीक्षण खराब है और रखरखाव को लेकर पर्याप्त कदम नहीं (चूंकि ज्यादातर घटनाएं कलपुर्जों या प्रणाली के काम न करने से संबंधित हैं) उठाये जाने से सुरक्षा में कमी आयी है। डीजीसीए ने स्पाइसजेट को नोटिस पर जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। नोटिस के अनुसार, डीजीसीए द्वारा सितंबर 2021 में किए गए वित्तीय आकलन से यह भी पता चला है कि एअरलाइन द्वारा संरक्षा संबंधी आपूॢतकर्ताओं द्वारा स्वीकृत विक्रेताओं को नियमित आधार पर भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे कलपुर्जों की कमी हो रही है और विमान के संचालन के लिए आवश्यक एमईएल (न्यूनतम उपकरण सूची) की बार-बार मांग की जा रही है। डीजीसीए के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने टवीट किया, यहां तक कि सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा करने वाली छोटी से छोटी त्रुटि की भी गहन जांच की जाएगी और इसे ठीक किया जाएगा। स्पाइसजेट के विमानों में पिछले 18 दिनों में तकनीकी खामी की कम से कम आठ घटनाएं हुई हैं। स्पाइसजेट ने बताया कि मौसम संबंधी रडार के काम ना करने की वजह से उसका एक मालवाहक विमान मंगलवार को कोलकाता लौट आया। चीन के चोंङ्क्षग्कग शहर जा रहे विमान के पायलट को उड़ान भरने के बाद पता चला कि उसका मौसम संबंधी रडार काम नहीं कर रहा है। इससे पहले, मंगलवार को ही स्पाइसजेट के दिल्ली से दुबई जा रहे एक विमान को ईंधन संकेतक में खराबी के कारण कराची की ओर मोड़ दिया गया था। वहीं, उसके कांडला से मुंबई जा रहे विमान को उड़ान के दौरान ङ्क्षवडशील्ड में दरार आने के बाद महाराष्ट्र की राजधानी में प्राथमिकता के आधार पर उतारा गया था। वहीं, दो जुलाई को स्पाइसजेट का जबलपुर जा रहा विमान करीब 5,000 फुट की ऊंचाई पर कैबिन में धुआं देखने के बाद दिल्ली लौट आया था। इसी प्रकार 24 और 25 जून को अलग-अलग विमानों में फ्यूजलेज डोर वार्निंग प्रणाली सक्रिय हो जाने की वजह से, विमानों को वापस लौटना पड़ा था।

 पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरते ही इंजन में आग लग गई थी

गत 19 जून को पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरते ही विमानन कंपनी के एक विमान के इंजन में आग लग गई थी और उसे आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। इंजन में खराबी पक्षी के टकराने से आई थी। वहीं, 19 जून को ही एक अन्य घटना में दिल्ली से जबलपुर जा रहे एक विमान को कैबिन में दबाव की समस्या के कारण दिल्ली लौटना पड़ा था। गौरतलब है कि स्पाइसजेट पिछले तीन साल से घाटे में चल रही है। स्पाइसजेट को 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में क्रमश: &16 करोड़, 9&4 करोड़ और 998 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

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