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Wednesday, August 17, 2022

पंजाब में RSS, बीजेपी नेताओं, हिंदू मंदिरों एवं निरंकारी भवन पर आतंकी खतरा !

–पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार, बढ़ाई जाए सुरक्षा
–पुलिस बलों की 25 कंपनियां और एंटी ड्रोन उपकरण मांगे
–पंजाब में सुरक्षा की स्थिति बहुत भयानक, केंद्र दे तुरंत दाखल
–पंजाब में बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए एक्शन में सरकार
–मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात
–बीएसएफ के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की मांगी तैनाती

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरहद पार से राज्य की सुरक्षा को बढ़ते खतरे को देखते हुये मंगलवार की रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। साथ ही पाकिस्तान की शह प्राप्त आतंकवादी ताकतों का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की 25 कंपनियां और बीएसएफ के लिए ड्रोन को नष्ट करने वाले उपकरण तुरंत मांगे हैं। मुख्यमंत्री ने अमित शाह से कहा कि सुरक्षा की स्थिति बहुत भयानक है, जिसके लिए केंद्र को तुरंत दाखल देने की जरूरत है।
आजादी दिवस से पहले और आगामी पंजाब विधान सभा मतदान के मद्देनजा पाकिस्तान की आईएसआई की बढ़ती सरगर्मियों से राज्य में खतरा बढ़ गया है। हालिया समय में हथियारों, हैंड ग्रेनेडों और आईईडीज की बड़ी स्तर पर घुसपैठ खतरनाक है।

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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अमित शाह से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, बठिंडा, फगवाड़ा और मोगा के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की मांग की। साथ ही सरहद पर तैनात बीएसएफ के लिए ड्रोन को नष्ट करने वाले उपकरण मांगे हैं। उन्होंने अहम बुनियादी ढांचे, स्थानों और सार्वजनिक मीटिंगों, समागमों में बड़े खतरे का सामना करने वाले व्यक्ति सम्मेलन करते हैं, की सुरक्षा को खतरे का हवाला दिया। केंद्रीय और प्रांतीय एजेंसियों की तरफ से मिले विवरणों और गिरफ्तार किये आतंकवादियों की तरफ से मिले खुलासों से हुई पुष्टि का हवाला दिया। साथ ही कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि रेल, बस और हिंदू मन्दिरों, प्रमुख किसान नेताओं (ऐसे पाँच किसान नेताओं के बारे ठोस जानकारी मिली थी परंतु उन्होंने पंजाब और हरियाणा पुलिस की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाने की पेशकश ठुकरा दी), पंजाब से सम्बन्धित आरएसएस शाखाओं, दफ्तरों, आरएसएस, भाजपा, शिवसेना नेता, डेरा, निरंकारी भवन और समागम समेत व्यक्ति और जलसों पर संभावित खतरा है।

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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमित शाह को पाकिस्तान की आईएसआई और देश की अन्य ताकतों की तरफ से आतंकवादी कार्यवाहियों को अंजाम देने के लिए राज्य में बड़ी मात्रा में हथियार, ग्रेनेड, आर.डी.एक्स. विस्फोटक, डैटोनेटर, टाइमर उपकरण, अत्याधुनिक लैबारटरी के द्वारा बनाऐ गए टिफिन बम भेजे जाने संबंधी भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा, फरवरी-मार्च 2022 के दौरान होने वाले पंजाब विधान सभा मतदान के मद्देनजऱ आईएसआई की तरफ से बहुत से आतंकवादी और कट्टड़पंथी सरगर्मियों पर आतंकवादी कार्यवाहियों को अंजाम देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक घटनाएँ हैं जो सरहदी राज्य और यहाँ के लोगों के लिए सुरक्षा के पक्ष से काफी गंभीर हैं।
उन्होंने पिछले विधान सभा चुनाव से पहले 2016 में आईएसआई द्वारा आरएसएस, शिव सेना, डेरा नेता और आरएसएस शाखाओं को सुनियोजित ढंग से निशाना संबंधी गृह मंत्री को याद दिलाया। इसके साथ ही 31 जनवरी, 2017 को मौड़ बम धमाका वोटों वाले दिन भाव 4 फरवरी, 2017 से सिर्फ़ तीन दिन पहले किया गया था।

खालिस्तान समर्थकी संस्थाएं ISI के साथ तालमेल के जरिये काम कर रही

मुख्यमंत्री ने अमित शाह को बताया कि 4 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 के दरमियान विदेशों की खालिस्तान समर्थकी संस्थाएं, जो आईएसआई के साथ नजदीकी तालमेल के जरिये काम कर रही थीं, 30 से अधिक पिस्तौल, एक एम.पी. -4 राइफल, एक ए.के. -47 राइफल, 35 के करीब ग्रेनेड, आधुनिक लैबारटरी में तैयार किया गया टिफिन बम, 6 किलोग्राम से अधिक आर.डी.ऐक्स. और आई.ई.डीज़ (9 डैटोनेटर, 1 मल्टीपल टाइमर डिवाइस और फ्यूज-वायर) के निर्माण के लिए अलग-अलग पुर्जों को राज्य में पहुँचाने में कामयाब रही। उन्होंने अमित शाह को आगे बताया कि पिछले 35 दिनों में हथियार, हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और आईइडी बनाने के लिए विभिन्न सम्मानों की 17 सप्लाईयां भेजे जाने का पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को पता चला है जिसका भाव है कि हथियारों, हैंड ग्रेनेड, आई.ई.डी की खेप जुलाई में हर दूसरे दिन पंजाब आधारित दहशतगर्दों को भेजी गई थी और यही रुझान अगस्त में भी जारी रखा गया।

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