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Wednesday, August 17, 2022

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिया इस्तीफा, उपराष्ट्रपति की अटकलें

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से कुछ ही देर पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इसके बाद अपना इस्तीफा दे दिया। नकवी का राज्यसभा कार्यकाल कल वीरवार को समाप्त होने वाला है। चर्चा यह है कि नकवी को बीजेपी उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है। उनके साथ जदयू कोटे से मंत्री राम चंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। आरसीपी सिंह को उनकी पार्टी जदयू की तरफ से राज्यसभा नहीं भेजा गया था। नकवी अभी केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री थे और राज्यसभा में भाजपा के उपनेता भी हैं। पिछले दिनों राज्यसभा के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भाजपा ने उन्हें कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था। तभी से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें कोई नयी भूमिका सौंप सकती है।

-प्रधानमंत्री मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष नडडा से मिलने के बाद छोडा पद
-उपराष्ट्रपति एवं जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को लेकर अटकलें : सूत्र
-कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने की दोनों केंद्रीय मंत्रियों की तारीफ
-उपराष्ट्रपति के लिए कई और नामों पर अटकलें, दो राज्यपाल भी चर्चा में

नकवी ने इस्तीफा तब दिया है जब एक ही दिन पहले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की गयी है। इससे पहले यूपी में रामपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और पार्टी वहां से पिछले दिनों हुए उपचुनाव में नहीं उतारा था। पार्टी एवं सरकार में नकवी की भूमिका के बारे में कोई औपचारिक घोषणा या आधिकारिक संकेत नहीं हैं। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर है कि नकवी को सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन की ओर से उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। नकवी के अलावा उपराष्ट्रपति पद के लिए पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ङ्क्षसह, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, हरियाणा के राज्यपाल बण्डारू दत्तारेय, शिवराज सिंह चौहान आदि नामों की अटकलें चल रही हैं।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और राम चंद्र प्रसाद ङ्क्षसह ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान देश व लोगों की सेवा के लिए दोनों नेताओं की सराहना की थी। प्रधानमंत्री की सराहना को इस संकेत के रूप में देखा गया कि आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक दोनों नेताओं के लिए आखिरी थी। दोनों नेताओं का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल सात जुलाई यानी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है।
इस बीच मुख्तार अब्बास नकवी ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की। पार्टी मुख्यालय में हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं में क्या और किस मुद्दे पर बात हुई इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस दौरान नकवी की भावी भूमिका को लेकर चर्चा हुई है। पिछले दिनों राज्यसभा के लिए हुए द्विवाॢषक चुनाव में भाजपा ने उन्हें कहीं से उम्मीदवार नहीं बनाया था। तभी से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें कोई नयी भूमिका सौंप सकती है।
सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा के नामांकन के अंतिम दौर में भाजपा ने मुख्तार अब्बास नकवी को फिर से नामांकित नहीं करके साफ कर दिया कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि नकवी को भाजपा उपराष्ट्रपति पद या जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल पद के लिए नामित कर सकती है। इससे पहले नकवी ने राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया था। नकवी मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों का विभाग संभाल रहे थे। वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में एकमात्र मुस्लिम चेहरा भी हैं। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी राज्यपाल पद के लिए या 6 अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नकवी को नामित कर सकती है।
बता दें कि 6 अगस्त को होने वाले चुनाव के लिये नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है जो 19 जुलाई तक जारी रहेगी। मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। नामांकन पत्र की जांच 20 जुलाई को की जाएगी और 22 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी करता है और मतदाताओं से अगला उपराष्ट्रपति चुनने को कहता है।

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