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Wednesday, September 29, 2021
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DSGMC : सरना के करीबी सदस्य कालरा को मनजिंदर सिरसा ने तोड़ा, बिगाड़ा खेल

–गुरुद्वारा कमेटी में शुरू हुआ जीते सदस्यों के तोडफ़ोड़ का खेल
-सरना दल के सदस्य सुखबीर सिंह कालरा ने छोड़ी पार्टी, अकाली दल में हुए शामिल
–सिरसा का दावा, उनके संपर्क में हैं सरना दल के कई और सदस्य

नई दिल्ली /अदिति सिंह : दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC)के चुनाव के बाद सदस्यों को अपने पाले में करने की शुरू हुई कवायद तेज हो गई है। बाजी सत्ताधारी दल शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने मारी है। पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं दूसरी बार गुरुद्वारा कमेटी चुनाव जीते सुखबीर सिंह कालरा को तोड़ लिया। कालरा अब सरना का साथ छोड़कर कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ जुड़ गए। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देकर अकाली दल बादल को ज्वाइन कर लिया। सुखबीर कालरा वार्ड नंबर 2 स्वरूप नगर से दूसरी बार सदस्य चुने गये हैं। बुधवार को कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका की मौजूदगी में अकाली दल में शामिल हो गये। बताया जा रहा है कि कालरा के अलावा कई और सरना दल के सदस्य हैं जो पार्टी को छोड़ सकते हैं।
बता दें कि दो सीटों पर होने वाले कोऑप्शन की प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरु हो रही है। इसके 15 दिन के बाद यानि 24 या 25 सितंबर के करीब जनरल हाउस बुलाया जाएगा और नई कार्यकारिणी का चुनाव किया जाएगा।
इस मौके पर मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वह दिल्ली की संगत के फतवे का आदर करते हुए सरना दल को छोड़ कर अकाली दल में शामिल हुए हैं और उनका केवल एक ही मकसद सिख कौम की तथा गुरु घर की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र एजेंडा मानवता की सेवा करना और लम्बे समय से लटक रहे मसलों के हल के लिए काम करना है। उन्होंने बताया कि अन्य सदस्य भी जल्द ही अकाली दल में शामिल होंगे क्योंकि वह सरना बंधुओं से तंग आ गए हैं। हर कोई यह देख रहा था कि पहले कौन अकाली दल में शामिल होगा और इसलिए उन्होंने फैसला किया कि सिख कौम की सेवा के लिए पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि सदस्यों का मकसद सिख कौम की सेवा करना है ना कि गंदी राजनीति में उलझना।

अन्य सदस्य भी जल्द ही अकाली दल में शामिल होंगे : कालका 

पार्टी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि कालरा ने फैसला किया कि वह उस पार्टी में शामिल हों जो मानवता की सेवा करती है व सिख कौम के साथ डट कर खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि सरना गुट के आधे से ज्यादा सदस्य सरना बंधुओं के काम करने के तरीके से तंग आ चुके हैं और कौम की सेवा करना चाहते हैं इसलिए अन्य सदस्य भी जल्द ही अकाली दल में शामिल होंगे।

सरना बंधू पार्टी को दो सदस्यीय कमेटी की तरह चला रहे : कालरा 

इस मौके सुखबीर सिंह कालरा ने कहा कि सरना बंधू पार्टी को दो सदस्यीय कमेटी की तरह चला रहे हैं। सरना पार्टी में वह घुटन महसूस कर रहे थे और इसलिए फैसला किया कि अकाली दल में शामिल होकर संगत की सेवा की जाए। बाला साहिब अस्पताल के उद्घाटन व दिल्ली कमेटी के स्कूलों व कॉलेजों में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी दाखिल करवाने के लिए कमेटी को पूरा सहयोग देंगे।

कोआप्शन की दोनों सीटों को झपटने की योजना

बता दें कि सरना दल के एक सदस्य के पार्टी छोडऩे के बाद अब उनके पास 13 सदस्य बचे हैं। लेकिन, कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा अगर इसी तरह 4 सदस्यों को तोड़ लेते हैं तो सरना दल को कोआप्शन की मिलने वाली एक सीट भी मुश्किल हो जाएगी। सरना ने चुनाव के बाद ऐलान किया था कि वह कमेटी में सत्ता हासिल करने के लिए सभी को एकजुट कर रहे हैं। इसके बाद ही सिरसा ने आरोप लगाया कि सरना उनके सदस्यों को 1 करोड़ रूपये का लालच दे रहे हैं।

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