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Monday, October 3, 2022

सिखों को तोहफा : हवाई अड्डा परिसर में सिख कर्मचारियों को कृपाण ले जाने की अनुमति

नयी दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : केंद्र सरकार ने सिख नव वर्ष के शुभारंभ पर सिखों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब वह हवाई अड्डा परिसर के भीतर व्यक्तिगत रूप से कृपाण लेकर जा सकते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के विमानन सुरक्षा नियामक बीसीएएस ने विमानन क्षेत्र के सिख कर्मचारियों को हवाईअड्डा परिसर के भीतर व्यक्तिगत रूप से कृपाण ले जाने की अनुमति दी है। एक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई। सरकार के इस फैसले से सिखों में खुशी की लहर है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख नव वर्ष पर देशवासियों को बधाई दी है। एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा है कि सिख नव वर्ष के शुभारंभ पर बधाई। वाहे गुरु सबको उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद दें। गुरु साहिब की शिक्षाओं का प्रकाश पूरे विश्व को जगमगाता रहे। बता दें कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के चार मार्च के उस आदेश की प्रमुख सिख निकाय शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने ङ्क्षनदा की थी। इसके तहत सिख विमानन क्षेत्र के कर्मचारियों को किसी भी भारतीय हवाई अड्डे के परिसर में व्यक्तिगत तौर पर कृपाण ले जाने से प्रतिबंधित किया गया था। इसके बाद बीसीएएस ने 12 मार्च को इस प्रतिबंध को खत्म कर दिया।

सिख नव वर्ष के शुभारंभ पर सिखों को एक बड़ा तोहफा
-हवाई अड्डा परिसर में सिख कर्मचारियों को कृपाण ले जाने की अनुमति
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख नव वर्ष पर देशवासियों को दी बधाई
-बीसीएएस के फैसले का एसजीपीसी ने किया था विरोध

सिख धर्म मानने वाले लोग कृपाण धारण करते हैं। बीसीएएस ने चार मार्च के अपने आदेश में कहा, कृपाण केवल सिख यात्री व्यक्तिगत तौर पर ले जा सकता है, बशर्ते उसके फलक की लंबाई छह इंच से अधिक न हो और कुल लंबाई नौ इंच से अधिक न हो। इसमें कहा गया था कि भारत के भीतर भारतीय विमानों में हवाई यात्रा करते समय कृपाण रखने की अनुमति है। इसमें कहा गया, यह अपवाद केवल सिख यात्रियों के लिए होगा जैसा कि ऊपर उल्लेखित है। और, किसी भी हितधारक या उसके कर्मचारी को हवाई अड्डे पर (सिख सहित) और किसी भी टर्मिनल, घरेलू या अंतरराष्ट्रीय में काम करने के लिए, व्यक्तिगत रूप से कृपाण ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरङ्क्षजदर ङ्क्षसह धामी ने नौ मार्च को नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य ङ्क्षसधिया को एक पत्र लिख कर कहा कि चार मार्च का आदेश सिख अधिकारों पर हमला था। इसके बाद 12 मार्च को बीसीएएस ने चार मार्च के आदेश को शुद्धिपत्र जारी किया। शुद्धिपत्र ने उस अनुच्छेद को हटा दिया जिसमें सिख कर्मचारियों के किसी भी हवाई अड्डे पर कृपाण लाने पर रोक लगाई गई थी।

सिख मुलाजिमों के लिए मामला हल हो गया : DSGMC

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि इस फैसले से सिख मुलाजिमों के लिए मामला हल हो गया है। दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका व महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि जब कुछ मुलाजिमों द्वारा यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया था तो उन्होंने इस मामले की जानकारी पूर्व कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को दी, जिन्होंने केन्द्र सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया। कालका व काहलों ने बताया कि पहले केवल सिख मुसाफिरों के हवाई यात्रा के दौरान कृपान पहनने की अनुमति के आदेश जारी हुए थे मगर कर्मचारियों के हवाई अड्डे पर कृपान पहनने पर पाबंदी लगाई गई थी पर अब संशोधित आदेश जारी कर दिये गये हैं जिनके तहत हवाई अड्डों पर सिख कर्मचारी कृपान डाल सकते हैं। नये आदेश नागरिक उड्डयन क्षेत्र में काम करने वाले सिख कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। अमृतधारी सिखों के लिए कृपान डालना अति आवश्यक होता है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के फैसले का स्वागत

भाजपा के सिख नेता सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया है। सिरसा ने कहा कि यह एक गंभीर मामला था जो केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया और अब प्रधानमंत्री दफ्तर ने उनको बताया है कि सिविल एविएशन सैक्टर में काम करते सिख कर्मचारियों के लिए हवाई अड्डों पर कृपाण पहनने की छूट के आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए आदेश के साथ सिविल एविएशन क्षेत्र के सिख कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। सिरसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंध्या का धन्यवाद किया है।

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