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Wednesday, September 22, 2021
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JAGO पार्टी का ऐलान, अकेले लड़ेगी गुरुद्वारा कमेटी का चुनाव

-सभी 46 सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी, महिलाओं को मिलेगा टिकट
–जमीन तैयार करने के लिए सभी सीटों पर सर्कल जत्थे दार उतारे

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आम चुनाव जागो पार्टी अकेले अपने दम पर लड़ेगी। इसके लिए पार्टी ने सभी 46 सीटों पर जमीन तैयार कर ली है। पार्टी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने शुक्रवार को पत्रकारों के समक्ष इसका ऐलान किया। चुनाव में जागो पार्टी बाकी पार्टियों से अलग काम करेगी, ताकि उसका अलग मैसेज भी संगत के बीच जाए। इसके अलावा पिछले 70 वर्षों से उनके पिता (जत्थेदार संतोष सिंह) एवं उनके द्वारा किये गए कामों को संगतों के सामने रखकर जागो पार्टी वोट मांगेगी। साथ ही हमारे निशाने पर कौम के साथ द्रोह कमाने वाले नेता रहेंगे। जागो पार्टी पहली बार गुरुद्वारा कमेटी का चुनाव लडऩे जा रही है, इसलिए पार्टी सबसे ज्यादा टिकट महिलाओं को देगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनजीत सिंह जीके ने दावा किया कि दिल्ली कमेटी में सत्ताधारी दल चुनाव को लटकाने के लिए अदालत का सहारा लिया जा रहा है। हाईकोर्ट में किए जा रहे कानूनी खेल के पीछे शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का हाथ है। जीके ने कहा कि अकाली दल यह बात समझ चुका है कि 2021 के कमेटी चुनाव में दिल्ली की संगत अकाली उम्मीदवारों को बुरी तरह हराने का मन बना चुकी है। यही कारण है कि बादल के इशारे पर गुरू की गोलक से चोटी के वकीलों को फीस देकर चुनावों को लटकाने की साजिश की जा रही है।
जीके ने आम आदमी पार्टी एवं अकाली दल के बीच की सांझ पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक तरफ वरिष्ठ वकील हरविंदर सिंह फूलका अकाली दल का चुनाव निशान रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट में दलीलें देते हैं, वहीं उनकी दलीलों का विरोध दिल्ली सरकार के वकील करते है। इससे साफ होता है कि आम आदमी पार्टी, अकाली दल का चुनाव निशान बचाने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि पिछले लम्बे समय से अकाली दल से संबंधित दिल्ली के नेता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के द्वारा पंजाबी भाषा एवं अन्य मसलों पर सिखों के साथ किये जा रहे अन्याय पर चुप हैं।

दिल्ली सरकार को गुरू की गोलक से धन देने को तैयार

इस मौके पर जीके ने दिल्ली कमेटी के वकील के द्वारा हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार को कमेटी चुनाव के लिए स्टाफ एवं फंड देने की की गई पेशकश की निंदा की है। साथ ही कहा कि उनके कार्यकाल में जरनल हाऊस में प्रस्ताव पास करके दिल्ली सरकार को भेजा था कि कमेटी चुनाव का खर्च दिल्ली कमेटी से ना मांगा जाये। पर आज अपने स्टाफ को समय से वेतन देने से भगौड़े कमेटी नेता वकीलों को मोटी फीसें देने के साथ दिल्ली सरकार को गुरू की गोलक से धन देने को तैयार हैं। जीके ने कहा कि कमेटी स्टाफ को लगा कर निष्पक्ष चुनाव होने की उम्मीद नहीं है। इसलिए दिल्ली कमेटी की इस पेशकश के खिलाफ जागो पार्टी हाईकोर्ट का रूख करेगी।

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