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Tuesday, March 2, 2021

यात्रियों को बडा तोहफा, एक मिनट में बनेगा 25 हजार ट्रेन का टिकट

–5 लाख लोग एक साथ ई-टिकटिंग बेवसाइट पर कर सकेंगे लॉगिन
–रेलमंत्री पीयूष गोयल ने लांच की आईआरसीटीसी की नई ई-टिकटिंग वेबसाइट

नयी दिल्ली/ टीम डिजिटल : भारतीय रेलवे ने लाखों रेल यात्रियों को आज नये साल का तोहफा दिया है। अब मुसाफिर पलक झपकते ही ट्रेन का कंफर्म टिकट बना लेगा। इसके लिए आईआरसीटीसी की ई-टिकटिंग वेबसाइट को आधुनिक बन गई है। वीरवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इसकी औपचारिक शुरुआत कर दी। ऑनलाइन रेलवे टिकटों की बुङ्क्षकग के लिए यह उन्नत ई-टिकटिंग मंच, यात्री सुविधाओं को बढ़ाएगा। खास बात यह है कि अब एक साथ 5 लाख लोग इस बेवसाइट पर लॉगिन कर सकते हैं। साथ ही अब एक मिनट में 25 हजार टिकट बन जाएगा। जबकि वर्ष 2014 की तुलना में पहले एक मिनट में मात्र 2000 टिकट बनता था। इस नई बेवसाइट स्टेशनों को खोजने में होने वाली परेशानी को कम करेगा और टिकट बुकिंग में लगने वाले समय को भी बचाएगा। उपयोगकर्ता खातों के पृष्ठ पर धनवापसी (रिफंड) स्थिति की आसानी से जांच की जा सकेगी। पहले यह सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं थी। वेबसाइट एक जनवरी 2021 से लोगों के लिए उपलब्ध होगी।
भारतीय रेलवे की नई वेबसाइट में साइबर सुरक्षा को बढ़ाने का ध्यान रखा गया है। इसमें कहा गया है, उन्नत ई-टिकटिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप का उद्देश्य विभिन्न अन्य ऑनलाइन यात्रा और टिकङ्क्षटग वेबसाइटों के बीच बेहतर सुविधा और अनुभव उपलब्ध कराना है। वर्तमान में, आईआरसीटीसी की इस ई-टिकङ्क्षटग वेबसाइट पर छह करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, इसका उपयोग प्रतिदिन आठ लाख से अधिक टिकट बुक करने के लिए किया जाता है। कुल आरक्षित रेलवे टिकटों में से लगभग 83 प्रतिशत टिकट इस ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से बुक किए जाते हैं। क्रिस ने कृत्रिम मेधा एवं अन्य आधुनिक तकनीक के साथ वेबसाइट को इस प्रकार से विकसित किया है जिससे कन्फर्म टिकट के विकल्प खोजने और बुकिंग करने में कम समय लगे।
इस मौके पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय रेलवे चुनौतियों के वर्ष 2020 को अवसर में बदलने में कामयाब रही और यात्रियों, अर्थव्यवस्था, कारोबार, उद्योगों को संतुष्ट करके खुद को आने वाले दशकों की जरूरतों के लिए तैयार किया। रेल भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार यादव, रेलवे बोर्ड में सदस्य (कारोबार विकास) पी एस मिश्रा और आईआरसीटीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम पी मल्ल मौजूद थे। भारतीय रेलवे ने अपने साढ़े बारह लाख कर्मियों के साथ इस चुनौती को अवसर में बदला। श्रमिक स्पेशल गाडिय़ों और पार्सल एवं मालगाडिय़ों के तत्परता से परिचालन किया। लाखों श्रमिकों को गंतव्य तक पहुंचाया और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बरकरार रखी। देश की जनता, उद्योग व्यापार एवं आर्थिक जगत को संतुष्ट किया और आधारभूत ढांचे को तेजी से उन्नत करके रेलवे को आने वाले दशकों के लिए तैयार किया।

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