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Sunday, March 7, 2021

DFC कोरिडोर पर पहली बार दौड़ी 90 की रफ्तार से मालगाडिय़ां

–देशभर में अब तक 25 की स्पीड पर चलती थीं गाडिय़ां
–ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रविवार को उतारी 53 मालगाडिय़ां
–मालगाडिय़ों के तेज स्पीड से तेजी से हो सकेगी माल ढुलाई, घटेगी लागत

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : भारतीय रेलवे के नये ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाडिय़ां फर्राटा भरना शुरू कर दीं। 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली मालगाडिय़ां इस कोरिडोर पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से दौडऩे लगी हैं। 3 जनवरी को इस नये खंड न्यू खुर्जा- न्यू भाउपुर खंड पर 53 मालगाडिय़ों का परिचालन उसी रफ्तार से किया गया। मालगाडिय़ों के तेज स्पीड के परिणामस्वरूप वस्तुओं को तेजी से पहुंचाया जा सकेगा और माल ढुलाई लागत को कम किया जा सकेगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 दिसम्बर को ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 351 किलोमीटर लम्बे न्यू खुर्जा-न्यू भाउपुर खंड का उद्घाटन किया था। उद्देश्यों को पूरा करते हुए, हाल में आरंभ खंड पर 90 किमी प्रति घंटे से अधिक की स्पीड पर बिना किसी बाधा के बड़े सामान की ढुलाई उतराई की जा रही है। रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक इस नए खंड के चालू होने के बाद, कोयला, जूट, पेट्रोलियम, कंटेनर, लोहा और इस्पात और अन्य खनिज प्राथमिक वस्तुएं हैं जो एनसीआर, पंजाब और हरियाणा क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं।

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जबकि पंजाब और हरियाणा क्षेत्र से चावल, गेहूं और खाद्यान्न उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, कोयला लोड करने योग्य खाली वैगन आदि पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो दो मालगाडिय़ों, न्यू खुर्जा और न्यू भाउपुर के बीच लुधियाना, पंजाब के मुल्लानपुर और फरीदकोट से खाद्यान्न से लदी 9400 ग्रॉस टन ट्रेन और डीएफसी नेटवर्क के न्यू भाउपुर और न्यू खुर्जा के बीच चूरी साइडिंग रे, रांची, झारखंड और दुधिचुआ घाट पर बगल की रेल लाइन, सिंगरौली, मध्य प्रदेश से बिजलीघर के कोयले से लदी 1.5 किमी. लांग हॉल 10,420 ग्रॉस टन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। माल उतारन के बाद वापसी पर, उपरोक्त रेक ने डीएफसी पर 90 किमी प्रति घंटे की गति हासिल की।

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डीएफसी के आपरेशन से जुड़े अधिकारी की माने तो पहले चरण में, डीएफसीसीआईएल पश्चिमी डीएफसी (1504 रूट किमी) और ईस्टर्न डीएफसी (1856 रूट किमी जिसमें सोननगर-दनकुनी सेक्शन का पीपीपी खंड शामिल है) का निर्माण कर रहा है। ईडीएफसी लुधियाना (पंजाब) के पास साहनेवाल से शुरू होकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के राज्यों से होकर गुजरेगी और पश्चिम बंगाल के दनकुनी में समाप्त होगी। उत्तर प्रदेश में दादरी को मुंबई में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) से जोडऩे वाला पश्चिमी गलियारा डब्ल्यूडीएफसी के उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों से होकर गुजरेगा और ईडीएफसी (सोननगर-दनकुनी पीपीपी खंड को छोड़कर) यानी 2800 रूट किमी. जून 2022 तक चालू हो जाएगा।

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