29 C
New Delhi
Sunday, April 11, 2021

ट्रेनों में धूम्रपान करने पर मनाही, स्टेशनों पर नहीं जलेगा स्टोव-अंगीठी

–भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया फैसला
–ट्रेनों में आग की दुर्घटनाओं से बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू
–स्टेशनों तथा रेलगाडिय़ों में आग को रोकने के लिए किया जा रहा जागरूक
–सघन अभियान के तहत स्टेशनों तथा ट्रेनों में नियमित जांच की जाएगी

नई दिल्ली /अदिति सिंह : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में आग दुर्घटनाओं से बचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत चलती ट्रेनों में धूम्रपान करने एवं रेलगाडिय़ों में ज्वलनशील सामग्री ले जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करेगी। उन्हें जागरुक करने के लिए 31 मार्च तक देशभर में कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस दौरान रेल का उपयोग करने वाले लोगों तथा पार्सल स्टाफ, लीज होल्डर और उनके स्टाफ, पार्सल पोर्टर, कैटरिंग स्टाफ तथा आउटसोर्स किए गए स्टाफ को स्टेशनों तथा रेलगाडिय़ों में आग दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा प्रत्यक्ष संवाद, पर्चा वितरण, स्टीकर पेस्टिंग, नुक्कड़ नाटक, स्टेशनों पर सावर्जनिक घोषणा प्रणाली, प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन तथा सोशल मीडिया के माध्यम से धूम्रपान निषेध, रेल से ज्वलनशील सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध, पार्सल की जांच जैसे कदम उठाने के बारे में जागरुक बनाया जा सकता है।

यह भी पढें… श्रीलंका के बाद अब ईरान में रेललाइन बिछाएगा इरकॉन इंटरनेशनल

रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक इस दौरान रेलगाडिय़ों तथा रेल परिसर में धूम्रपान विरोधी सघन अभियान चलाया जा रहा है। उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध रेल अधिनियम या तम्बाकू अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाएगा। सिगरेट तथा अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के अंतर्गत वाणिज्य विभाग के टिकट कलेक्टर रैंक के एक अधिकारी या परिचालन विभाग के समक्ष रैंक के एक अधिकारी या आरपीएफ में एएसआई रैंक के अधिकारी को सक्षम अधिकारी के रूप में अधिसूचित किया गया है।

यह भी पढें… दिल्ली में शराब पीने की उम्र हुई 21 वर्ष, केजरीवाल सरकार ने बदले नियम

रेल मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक पैंट्रीकार (एलपीजी सिलेंडर ले जाने) सहित रेलगाडिय़ों में ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के विरुद्ध नियमित जांच की जा जाएगी। साथ ही उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध रेल अधिनियम के मौजूदा सेक्शनों के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाएगा। आग लगने, खाना पकाने के लिए अंगीठी जलाने तथा ज्वलनशील मलबा संग्रह के मामलों को रोकने के लिए प्लेटफार्मों, यार्ड, वाशिंग एवं सिकलाइन और कोच रखे जाने की जगह पर नियमित जांच की जाएगी। इन जांचों के अंतर्गत ईंधन प्वाइंट भी शामिल किए जा सकते हैं। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता के मुताबिक ज्वलनशील तथा विस्फोटक सामग्री की बुकिंग पर नियंत्रण के लिए पार्सल कार्यालयों, लीज होल्डरों के माध्यम से बुक किए गए पार्सलों की जांच की जाएगी। रेलगाडिय़ों तथा प्लेटफार्मों पर अंगीठी या स्टोव का इस्तेमाल करने वाले अधिकृत एंव अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

epaper

Latest Articles