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Monday, June 27, 2022

वंदे भारत ट्रेनों को पटरी पर दौड़ाने के लिए तेज हुई रफ्तार, रेलमंत्री ने संभाली कमान

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वदेशी वंदे भारत ट्रेन को पटरी पर जल्द से जल्द उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसको लेकर खुद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोर्चा संभाला है। वंदेभारत के निर्माण को देखने के लिए वह शुक्रवार को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) पहुंचे, और ट्रेनसेट को बनते हुए देखा। वंदेभारत को बनाने वाले इंजीनियरों एवं कर्मचारियों से मुलाकात की और उनका हौंसला भी बढ़ाया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 15 अगस्त, 2023 से पहले 75 ट्रेनों का उत्पादन किया जाएगा। ट्रेन के डिब्बों का नवीनतम संस्करण पिछले संस्करण का अपग्रेड होगा। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के अपने दौरे के दौरान, रेल मंत्री वैष्णव ने 12,000वें लिंके हॉफमैन बुश कोच को झंडी दिखाकर रवाना किया और वंदे भारत ट्रेनों के लिए कोचों के निर्माण की जांच की।

-प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट वंदेभारत का निर्माण हुआ तेज
-रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने संभाला मोर्चा, खुद पहुंचे कोच फैक्टरी
-अगले सप्ताह प्रधानमंत्री भी जा सकते हैं वंदेभारत को देखने : सूत्र
-2024 तक 102 वन्देभारत ट्रेनों को पटरी पर दौड़ाने की तैयारी
-कुल 400 वंदे भारत ट्रेनों का होना है निर्माण, पीएम खुद कर रहे निगरानी

उन्होंने निर्मित वंदे भारत ट्रेनों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अगले साल तक और ट्रेनों के उत्पादन के संबंध में भी बड़ी घोषणाएं कीं। बता दें कि अगल सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदेभारत परियोजना को देखने के लिए जा सकते हैं। वह कई रेलवे के प्रोजेक्टों का शुभारंभ भी करेंगे। इससे पहले रेल मंत्री शुक्रवार को खुद कोच फैक्ट्री पहुंच तैयारियों का जायजा लिया।
रेल मंत्री ने कहा, इनमें से 75 और ट्रेनों का उत्पादन किया जाना है। ये नई ट्रेनें पुराने मॉडलों की तुलना में बेहतर उन्नत संस्करण होंगी, जिनका उत्पादन 15 अगस्त, 2023 से पहले किया जाना है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, वंदे भारत का निर्माण तेजी से हो रहा है।


बता दें, 2019 में शुरू की गई वंदे भारत सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें, जिसे मूल रूप से ट्रेन 18 कहा जाता है, वर्तमान में दिल्ली-वाराणसी और दिल्ली-कटरा मार्गों पर चल रही हैं। बंदेभारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने अगले तीन वर्षों में 400 वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण और उन्हें पटरी पर उतरने की तैयारी की है। बजट प्रावधान के अनुसार 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन पर 120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ट्रेनों के इस नए संस्करण में वंदे भारत ट्रेनें हल्की, अधिक ऊर्जा-कुशल होंगी, और इनमें अधिक आधुनिक सुविधाएं और यात्री सुविधाएं होंगी।

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रेलवे का टार्गेट है कि वर्ष 2024 तक 102 वन्दे भारत ट्रेनों को प टरी पर दौड़ा दिया जाए। इसके लिए देश के सभी बड़े शहरों को जोडऩे की तैयारी है। इस टार्गेट को पूरा करने के लिए रेल मंत्रालय ने काम तेज कर दिया है। ट्रेन के पहिए विदेशों से मंगाए जा रहे हैं। यूके्रन और रूस के बीच छिड़े युद्व के चलते कुछ देरी हो गई। लेकिन, अभी हाल ही में 128 पहिए बाया रोमानिया से भारत लाया गया। इसके बाद रेलवे अपनी कंपनियों में पहियों का निर्माण कराएगा। बता दें कि 1 रैक (ट्रेन) में 64 पहिए लगाए जाते हैं।

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इस मौके पर रेलमंत्री वैष्णव ने कोच फैक्टरी में 12,000वें एलएचबी कोच को हरी झंडी भी दिखाई और चेन्नई एगमोर के लिए स्टेशन की पुर्निवकास योजना की समीक्षा भी की। बता दें कि पहली वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी 2019 को नयी दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर शुरू की गई थी। चेन्नई के एगमोर रेलवे स्टेशन पर वैष्णव ने सुविधाओं का निरीक्षण किया और पुर्निवकास परियोजना के मास्टरप्लान की समीक्षा की।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान चेन्नई के एग्मोर रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। स्टेशन पर सुविधाओं का निरीक्षण किया और चेन्नई एग्मोर स्टेशन की पुनर्विकास परियोजना के मास्टर प्लान की समीक्षा की। रेल मंत्री ने चेन्नई एग्मोर के लिए प्रस्तावित पुनर्विकास योजनाओं और चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड- सीएमआरएल के साथ इंटर-मॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा के बारे में विस्तार से चर्चा की।

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