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Saturday, July 31, 2021
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वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू, दौड़ी दुनिया की पहली लंबी डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन

–प्रधानमंत्री मोदी ने कॉरिडोर के 306 किमी लंबे खंड का उदघाटन किया
–दौड़ी दुनिया की पहली 1.5 किमी लंबी डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन
–21 वीं सदी में भारत के लिए गेम चेंजर परियोजना साबित होगी कॉरिडोर : मोदी
–आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण जीवन के साथ कारोबार के लिए भी जरूरी
–इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कार्य अर्थव्यवस्था के अनेक इंजनों को गति देता है : पीएम

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल: भारतीय रेलवे के वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) का 306 किलोमीटर लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड वीरवार को औपचारिक रूप से शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन द्वारा चलने वाली 1.5 किलोमीटर लंबी दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रेल मार्ग महाराष्ट्र एवं गुजरात के बंदरगाह जुड़ेंगे।
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के महायज्ञ ने आज एक नई गति प्राप्त की है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 21 वीं सदी में भारत के लिए गेम चेंजर परियोजना साबित होगी। भारतीय रेल में आज एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। ईस्टर्न के बाद वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के उद्घाटन से माल ढुलाई का एक नया अध्याय जुड़ा है। डबल स्टैक मालगाडिय़ों को हरी झंडी दिखाने के साथ ही भारतीय रेल ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। भारतीय रेल मेक इन इंडिया से लेकर बेहतरीन इंजीनियरिंग तक की मिसाल बन रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण जितना जीवन के लिए जरूरी है, उतना ही कारोबार के लिए भी। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कार्य अर्थव्यवस्था के अनेक इंजनों को गति देता है। आज हर भारतीय का आह्वान है- हम न रुकेंगे, न थकेंगे, हम मिलकर और तेजी से आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि न्यू भाऊपुर-नई खुर्जा खंड के शुभारंभ के बाद से उस विशेष खंड में मालगाड़ी की औसत गति बढ़कर तीन गुनी हो गई है। हरियाणा के न्यू अटेली से राजस्थान के न्यू किशनगंज तक पहली डबल स्टैक्ड कंटेनर मालगाड़ी के रवाना होने से भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए इंजीनियरों और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राजस्थान के सभी किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों के लिए नए अवसर और नई उम्मीदें लाएगा। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, आधुनिक माल गाडिय़ों के लिए न केवल एक मार्ग है, बल्कि देश के तेजी से विकास के लिए एक गलियारा भी है। उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर देश के विभिन्न शहरों में नए विकास केंद्रों और विकास बिंदुओं के उभरने का आधार बनेंगे।

खेती और संबद्ध व्यवसाय को आसान बनाएगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर ने यह भी दिखाना शुरू कर दिया है कि वे कैसे देश के विभिन्न हिस्सों की ताकत बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर हरियाणा और राजस्थान में खेती और संबद्ध व्यवसाय को आसान बनाएगा तथा महेंद्रगढ़, जयपुर, अजमेर और सीकर जैसे शहरों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इन राज्यों की विनिर्माण इकाइयों और उद्यमियों को बहुत कम लागत पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेज पहुंच प्राप्त होगी। गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों के साथतेज और किफायती संपर्क, क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देगा। भारत में आज इंफ्ररास्ट्राकचर का काम दो पटरियों पर एक साथ चल रहा है। एक पटरी व्यक्ति के विकास को आगे बढ़ा रही है, जबकि दूसरी पटरी से देश के ग्रोथ इंजन को नई ऊर्जा मिल रही है।

9 राज्यों में 133 रेलवे स्टेशनों को कवर करेगा कोरिडोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण जीवन और व्यापार में नई प्रणालियों को भी जन्म देता है और न केवल इससे जुड़े कार्यों को गति मिलती है बल्कि अर्थव्यवस्था के कई इंजनों को भी शक्ति प्राप्त होती है। कॉरिडोर न केवल निर्माण क्षेत्र में बल्कि सीमेंट, इस्पात और परिवहन जैसे अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार पैदा करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, यह 9 राज्यों में 133 रेलवे स्टेशनों को कवर करेगा। इन स्टेशनों पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, फ्रेट टर्मिनल, कंटेनर डिपो, कंटेनर टर्मिनल, पार्सल हब होंगे। ये सभी किसानों, लघु उद्योगों, कुटीर उद्योगों के साथ-साथ बड़े निर्माताओं को भी लाभान्वित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर की तरह उद्योग को इकोनॉमिक कॉरिडोर, डिफेन्स कॉरिडोर,तकनीकी क्लस्टर प्रदान किए जा रहे हैं। यह क्षेत्र विशेष और उद्योग अवसंरचना भारत की छवि को सकारात्मक बना रही है, जो विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि और भारत में विश्वास के बढऩे से प्रतिबिंबित होती है।

रेलवे में आधुनिकीकरण, स्वच्छता, सुरक्षा एवं निवेश में काम हुआ

प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर, उद्योग के स्तर पर और निवेश के बीच समन्वय पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, समयबद्धता, अच्छी सेवा, टिकट, सुविधा और सुरक्षा के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किये गए हैं। स्टेशनों और डिब्बों की साफ-सफाई, जैविक (बायोडिग्रेडेबल) शौचालय, खान-पान, आधुनिक टिकट प्रणाली और तेजस व वंदे भारत एक्सप्रेसजैसी मॉडल ट्रेनों, विस्टा-डोम कोच का उदाहरण दिया। उन्होंने रेल लाइनों को बड़ी लाइन में बदलने और विद्युतीकरण में अभूतपूर्व निवेश का भी जिक्र किया, जिससे रेलवे का दायरा बढ़ गया है और गति में वृद्धि हुई है। उन्होंने सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों, पटरियों को बिछाने के लिए आधुनिक तकनीक के बारे में बताया और इस बात की उम्मीद जताई कि पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य की राजधानी रेलवे से जुड़ जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कोरोना अवधि के दौरान रेलवे के उत्कृष्ट योगदान का उल्लेख किया और श्रमिकों को उनके घरों तक ले जाने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की।

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