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Thursday, June 30, 2022

पंजाब के 8.69 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा नल के पानी का कनेक्शन

नई दिल्ली/ अदिति सिंह : केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल के पानी के कनेक्शन की व्यवस्था करने की योजना के तहत पंजाब राज्य को 402.24 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके तहत 2021-22 में राज्य की 8.69 लाख ग्रामीण परिवारों को नल के पानी के कनेक्शन दिया जाएगा। पंजाब में 34.41 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 31.55 लाख ग्रामीण परिवारों (91.68 फीसदी) के पास नल के पानी का कनेक्शन है। पंजाब में 2021-22 के लिए जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन को लेकर उसे 1,656.39 करोड़ रुपये की केंद्रीय निधि आवंटित की गई, जो 2020-21 में आवंटित हुई रकम का लगभग चार गुना ज्यादा है।
खास बात यह है कि पिछले वर्ष 23,022करोड़ रुपए था, जबकि 2021-22 में 92,309 करोड़ रुपये का बजट है। इसके अलावा 2021-22 में 15वें वित्त आयोग के अनुदान के रूप में पंजाब को ग्रामीण स्थानीय निकायों एवं पीआरआई को पानी और स्वच्छता के लिए 616 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अगले पांच वर्षों यानी 2025-26 तक 3,246 करोड़ रुपये का फंड सुनिश्चित किया गया है।

– केंद्र सरकार ने पंजाब को 402 करोड़ रुपये का केंद्रीय अनुदान जारी किया
-पानी के नमूनों की जांच के लिए पंजाब में खुली 33 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं
-केंद्र ने तय किया 2022 में पंजाब का लक्ष्य, हर घर जल राज्य बनाना है

जल शक्ति मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो यह कार्यक्रम महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है, क्योंकि वे किसी भी घर में प्राथमिक रूप से जल का प्रबंधन करती हैं। मिशन के बारे में लोगों को जागरूक करना, उन्हें सुरक्षित पानी के महत्व के बारे में संवेदनशील बनाना, समुदाय के साथ जुडऩे और कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) को सहयोग देने के लिए विभाग की ओर से कार्यान्वयन सहायता एजेंसियां (आईएसए) लगाई गई हैं।
बता दें कि 2021-22 के लिए राज्य ने 60 हजार से अधिक हितधारकों की क्षमता बनाने की योजना बनाई है, जिसमें सरकारी अधिकारी, आईएसए, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियर, ग्राम जल और स्वच्छता समिति, निगरानी समिति और पंचायत सदस्य शामिल हैं। साथ ही कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत राज्य में 8 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें राजमिस्त्री, प्लम्बर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन और पंप संचालक के रूप में काम करने के लिए स्थानीय लोगों की कुशलता सुनिश्चित की जाएगी। ऐसी पहल कुशल और अर्धकुशल वर्गों के तहत गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने और आय सृजन के अवसर प्रदान करेगी।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए देश में 2,000 से अधिक जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं आम लोगों के लिए खोली गई हैं, ताकि वे जब चाहें नाममात्र की कीमत पर अपने पानी के नमूनों की जांच करवा सकें। पंजाब में 33 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं। सभी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल, मध्यान्ह भोजन पकाने, हाथ धोने व शौचालयों में उपयोग के लिए नल के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक पंजाब के 22,389 स्कूलों (100 फीसदी) और 22,120 (100 फीसदी) आंगनबाड़ी केंद्रों में नल के पानी की आपूर्ति की गई है।

2022 में पंजाब का लक्ष्य हर घर जल राज्य बनाना है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का टारगेट तय किया है। इसी के तहत राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन को लागू किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी और उसके बाद लॉकडाउन के कारण चुनौतियों का सामना करने के बावजूद मिशन के शुभारंभ के बाद से 5.38 करोड़ (28 प्रतिशत) से अधिक घरों में नल के पानी की आपूर्ति शुरू की गई। अब तक 8.62 करोड़ (45 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों को घरेलू नलों से पीने योग्य पानी मिलता है। गोवा, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, पुड्डुचेरी और हरियाणा ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं जहां हर घर जल पहुंच चुका है। यानी 100 प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल का जल मिल रहा है। 2022 में पंजाब का लक्ष्य हर घर जल राज्य बनाना है।

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