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Thursday, June 30, 2022

पंजाब में कांग्रेस को झटका, कैप्टन के करीबी MLA गुरमीत सोढ़ी ने छोड़ी कांग्रेस, BJP में शामिल

नई दिल्ली/ अदिति सिंह : पूर्व मुख्ममंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरमीत सिंह सोढ़ी मंगलवार को भाजपाई हो गए। सोढ़ी ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा के पंजाब के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव एवं पंजाब के राजनीतिक प्रभारी दुष्यंत गौतम ने गुरमीत सिंह को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई।
भाजपा ज्वाइन करने के बाद उन्होंने कांग्रेस पर, राज्य की सुरक्षा और सामुदायिक सौहार्द को दांव पर लगाने का आरोप लगाया। सोढ़ी ने कहा कि पंजाब को घुटन भरे और बेबसी के माहौल में छोडऩा मुझे स्वीकार्य नहीं। कांग्रेस पार्टी ने राज्य की सुरक्षा और सामुदायिक सौहार्द को दांव पर लगा दिया है। गहरे आक्रोश के साथ मैं सभी पदों और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। सोढी ने कांग्रेस से इस्तीफे की जानकारी ट््िवटर पर दी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखा पत्र भी साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने पंजाब के हित में यह फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ही पंजाब को बचा सकते हैं।

–पंजाब का माहौल ठीक नहीं, पीएम मोदी ही बचा सकते हैं पंजाब
-केंद्रीय मंत्री शेखावत, भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में सोढ़ी हुए भाजपाई
-चार बार से गुरुहरसहाए के विधायक रहे सोढ़ी ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम पद से इस्तीफे के बाद बनी नई सरकार में गुरमीत सोढ़ी को शामिल नहीं किया गया था। चार बार से गुरुहरसहाए के विधायक रहे सोढ़ी इसके बाद से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि वे पार्टी में चल रही कलह से परेशान हैं। फिरोजपुर के गुरूहरसहाय विधानसभा से राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी कांग्रेस से लगातार चार बार विधायक रहे हैं। वे 40 साल तक कांग्रेस में रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में वे खेलमंत्री थे। 2002 से लेकर 2017 तक वे गुरूहरसहाय से विधानसभा चुनाव जीतते आए हैं।
बता दें कि नवजोत सिद्धू से विवाद के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया था और पंजाब में चरणजीत चन्नी की सरकार बनी थी। इसके बाद मंत्रिमंडल भी नया बनाया गया था। इसमें कैप्टन सरकार में खेल मामलों के मंत्री रह चुके राणा सोढ़ी को कैबिनेट से बाहर कर दिया गया था। चन्नी के सीएम बनने के बाद राहुल गांधी ने राणा सोढ़ी से मुलाकात भी की थी।

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